सुशील मोदी ने अधिकारियों के साथ की बाढ़ की समीक्षा, राहत कार्य बढ़ाने को दिए निर्देश
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सुशील मोदी ने अधिकारियों के साथ की बाढ़ की समीक्षा, राहत कार्य बढ़ाने को दिए निर्देश
इससे पहले भाजपा कार्यकर्ताओं से वर्चुअल बातचीत करते हुए उपमुख्यमंत्री ने बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की थी. (फाइल फोटो)

सुशील मोदी (Sushil Modi) ने भूमि सुधार और राजस्व विभाग के सचिव को निर्देश दिया है कि नव पदास्थापित अंचलाधिकारियों को अविलम्ब अपने-अपने अंचलों में पदभार संभालने के लिए कहा जाए.

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पटना. उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी (Sushil Kumar Modi) ने बाढ़ प्रभावित गोपालगंज और पूर्वी चम्पारण (East Champaran) जिले के हालात की समीक्षा की. इस दौरान दोनों जिले के जिलाधिकारियों से मोबाइल पर बातचीत कर सुशील मोदी ने वहां के बाढ़ (Flood) प्रभावित प्रखंडों में बड़े पैमाने पर सामुदायिक किचेन शुरू करने, नावों की संख्या बढ़ाने और पर्याप्त मात्रा में सूखा राशन व पाॅलीथिन शीट वितरण करने के निर्देश दिए. इसके साथ ही उत्तर बिहार पावर होल्डिंग कम्पनी के एमडी को भीषण बाढ़ की वजह से गोपालगंज के बरौली और बैकुंठपुर में बाधित बिजली को जल्द बहाल करने के लिए कहा.

नव पदस्थापित अधिकारियों को जल्द पदभार लेने का दिया आदेश
सुशील मोदी ने भूमि सुधार और राजस्व विभाग के सचिव को निर्देश दिए हैं कि नव पदास्थापित अंचलाधिकारियों को अविलम्ब अपने-अपने अंचलों में पदभार संभालने के लिए कहा जाए, ताकि बाढ़ प्रभावित इलकों में बेहतर तरीके से राहत कार्य चलाया जा सके. साथ ही गोपालगंज व पूर्वी चम्पारण के डीएम को जिन प्रखंडों में अनुश्रवण समिति की बैठक नहीं हुई है वहां बैठक आयोजित करने व समिति के माध्यम से बाढ़ राहत कार्य को तेज करने के निर्देश दिए गए हैं.

पूर्व में भाजपा कार्यकर्ताओं से भी कर चुके हैं अपील
इसके पूर्व गोपालगंज व पूर्वी चम्पारण के बाढ़ प्रभावित प्रखंडों के भाजपा कार्यकर्ताओं से वर्चुअल बातचीत करते हुए उपमुख्यमंत्री ने बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की थी. ज्ञातव्य है कि 23 जुलाई की रात गंडक बराज से 4.5 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से बरौली प्रखंड के देवपुर के निकट रिंग बांध, सारण तटबंध और पूर्वी चम्पारण के संग्रामपुर के नजदीक भवानीपुर में चम्पारण तटबंध टूट गया था. इसके कारण इन दोनों जिलों के कई प्रखंड बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. कार्यकर्ताओं ने शिकायत की कि राजनीतिक दलों से जुड़े होने के कारण कई पंचायतों के मुखिया बाढ़ राहत व बचाव कार्य में मनमानी व भेदभाव कर रहे हैं. कार्यकर्ताओं ने सामुदायिक किचेन व नावों की संख्या बढ़ाने के साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में सूखा राशन व पर्याप्त संख्या में पाॅलीथिन शीट उपलब्ध कराने की भी मांग की.
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