लालू यादव की प्रताड़ना से परेशान 'जिन्न' अब एनडीए के पाले में- सुशील मोदी
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लालू यादव की प्रताड़ना से परेशान 'जिन्न' अब एनडीए के पाले में- सुशील मोदी
सुशील मोदी ने इस बार अतिपिछड़ों को लेकर लालू परिवार पर निशाना साधा

उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी (Sushil Modi) ने कहा कि साल 1995 में लालू प्रसाद (Lalu Prasad) के पक्ष में बैलेट बाॅक्स से निकलने वाला अतिपिछड़ों का ‘जिन्न’ उनकी प्रताड़ना से परेशान होकर 2005 के बाद पूरी तरह से एनडीए (NDA) के पाले में आ गया.

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पटना. बिहार विधानसभा (Bihar Election) का चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है. वैसे- वैसे बयानबाजियों का दौर भी तेज होता जा रहा है. विपक्ष की तरफ से यदि सरकार पर हमला होता है, तो उसका जवाब देने के लिए उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी (Sushil Modi) सबसे आगे होते हैं. यही वजह है कि सुशील कुमार मोदी लगातार पुराने से पुराने मामलों को निकाल रहे हैं. और सीधे आरजेडी (RJD) पर हमला कर रहे हैं. चाहे वह लालू परिवार (Lalu Family) के जमीन लिखवाने का मामला हो या फिर लालू सरकार में करप्शन का मामला. सब का आंकड़ा निकाल कर सुशील कुमार मोदी लालू परिवार और राजद पर हमलावर हैं. अब तो सुशील मोदी ने लालू यादव के जिन्न पर हमला किया है.

लालू का 'जिन्न' अब एनडीए के पक्ष में

उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि साल 1995 में लालू प्रसाद के पक्ष में बैलेट बाॅक्स से निकलने वाला अतिपिछड़ों का ‘जिन्न’ उनकी प्रताड़ना से परेशान होकर 2005 के बाद पूरी तरह से एनडीए के पाले में आ गया. राजद-कांग्रेस के लोगों को 15 साल का मौका मिला, तो अतिपिछड़ों को अपमानित और दलितों को नरसंहारों की भेंट चढ़ाने का काम किया.



राजद सरकार में पंचायत चुनाव में आरक्षण नहीं
सुशील मोदी ने पूछा कि लालू यादव बतायें कि अपने 15 वर्षों के राज में अतिपिछड़ों, दलितों व महिलाओं को पंचायत चुनाव में आरक्षण क्यों नहीं दिया? एक ओर तो राजद-कांग्रेस ने 23 वर्षों तक पंचायत का चुनाव नहीं कराया, जब कराया तो इन वर्गों को आरक्षण से वंचित कर दिया.

एनडीए की सरकार में सबसे ज्यादा आरक्षण दिया गया

जब 2005 में एनडीए की सरकार बनी तो पंचायत चुनाव में एकल पदों पर मुखिया, प्रमुख, जिला परिषद अध्यक्षों व वार्ड सदस्यों के लिए अतिपिछड़ों को 20 फीसदी, दलितों को 17 और महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण दिया गया. जिसके परिणामस्वरूप आज इन वर्गों से हजारों जनप्रतिनिधि चुन कर आ रहे हैं. इसी प्रकार नौकरियों में जो आरक्षण की व्यवस्था है, वह कर्पूरी जी की उस सरकार की देन है जिसमें भाजपा भी शामिल थी.

लालू-राबड़ी शासन में पिछड़ों को प्रताड़ित किया गया

अतिपिछड़ों की बेशुमार ताकत के बल पर ही लालू प्रसाद कभी जिन्न निकालने का दावा करते नहीं थकते थे, मगर चुनावी जीत के बाद उन्हें कभी उनके मान-सम्मान की सुध नहीं रही. लालू-राबड़ी राज में एक ओर जहां दलितों को गाजर-मूली की तरह काटा गया वहीं अति पिछड़ों को प्रताड़ित, अपमानित किया गया.  उस दौर की प्रताड़ना और अपमान को स्वाभिमानी अति पिछड़ा समाज कभी नहीं भूलेगा.
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