तेजस्वी ने CM नीतीश को दी खुली बहस की चुनौती, कहा- 'भ्रष्टाचार का भीष्म पितामह'
Patna News in Hindi

तेजस्वी ने CM नीतीश को दी खुली बहस की चुनौती, कहा- 'भ्रष्टाचार का भीष्म पितामह'
पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए आरजेडी नेता तेजस्वी यादव.

राजद नेता तेजस्वी यादव (RJD leader Tejashwi Yadav) ने बिहार के हर विभाग में भारी भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि बिहार में कभी बांध को चूहा काट लेता है कभी बांध बह जाता है.

  • Share this:
पटना. गोपालगंज के बैकुंठपुर में 509 करोड़ से बनकर तैयार हुए बंगरा घाट पुल (Bangra Ghat Bridge) के एप्रोच सड़क के टूटने के मामले को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejaswi yadav) ने राज्य सरकार पर जमकर हमला बोला. तेजस्वी ने कहा कि विगत कुछ वर्षों में पथ निर्माण विभाग में जमकर भ्रष्टाचार हो रहा है, राजस्व की लूट मची है और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) चुप बैठे हैं. तेजस्वी ने मुख्यमंत्री को श्वेत पत्र लाकर खुली बहस करने का निमंत्रण भी दिया और पथ निर्माण में हो रही धांधली का आरोप लगाते हुए इस्तीफे की मांग भी कर डाली.

तेजस्वी ने कहा कि बिहार में कभी बांध को चूहा काट लेता है कभी बांध बह जाता है. आज तो मुख्यमंत्री जी ने इतिहास रचने का काम किया है. उद्घाटन के दिन पुल का पहुंच पथ धंस गया. हम जब सवाल उठाते हैं तब सरकार कहती है हम गलतबयानी करते हैं. ऐसा कहीं भी नहीं हुआ. आखिर इतनी जल्दबाजी में नीतीश कुमार क्यों हैं. तेजस्वी ने नीतीश कुमार को भ्रष्टाचार का भीष्म पितामह तक बता दिया.

भ्रष्टाचार के पितामह हैं नीतीश कुमार-तेजस्वी
राजद नेता ने यह भी कहा कि राज्य के राजस्व में मची लूट के कारण एक बिहारी पर 30 हजार से ऊपर कर्ज होता जा रहा है. नीतीश कुमार श्वेत पत्र जारी करे पुल के एप्रोच रोड टूटने के मामले में सरकार यह भी बताये कि जब प्रदेश में हमारी सरकार थी तो इनकी NDA की तत्कालीन सरकार जो केंद्र में थी और जिसमें बतौर मंत्री ये भी शामिल थे. उस सरकार ने 1999 से 2004 तक बिहार को क्या दिया.
खुली बहस करें सीएम नीतीश - तेजस्वी


इनके कारण ही बिहार में सड़कों के निर्माण रोक दी जाती थी. अब तक कितने अरब रुपये भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गये. आज से 12 दिन पहले इस पुल का एप्रोच रोड टूट गया था उसे आनन-फानन में दुरुस्त किया गया, लेकिन आज पुनः टूट गया. हम लोग लगातार सवाल पूछ रहे हैं, लेकिन सरकार जवाब देने से बच रही है. जब नीतीश कुमार उद्घाटन कर रहे हैं तब जिम्मेदारी उनकी है. या तो वो इस्तीफा दें या फिर मुझसे खुली बहस करें.

पुल को बनाने में लगा 6 साल का समय
सारण को चंपारण और तिरहुत से जोड़ने वाला 1506 मीटर लंबे पुल के नर्माण पर 509 करोड़ की राशि खर्च हुई है. 15 मीटर चौड़ाई वाले इस पुल को बनाने में 6 साल 4 महीने लगे हैं. पुल के चालू होने से 6 जिलों की करीब 8 लाख की आबादी के आवागमन में सहूलियत होगी, लेकिन अब इसको लेकर सियासत जोरों पर है .
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज