तेजस्वी यादव को क्यों आया गुस्सा, जो फाड़ डाली बिहार सरकार की चिट्ठी
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तेजस्वी यादव को क्यों आया गुस्सा, जो फाड़ डाली बिहार सरकार की चिट्ठी
तेजस्वी यादव (फाइल फोटो)

तेजस्वी यादव (Tejaswi Yadav) ने इसके विरोध में 7 जून को बड़ा आंदोलन (Protest) करने की बात कही है. उन्होंने कहा कि बिहार की जनता इसका विरोध करेगी. थाली ताली बजाकर विरोध जताएगी

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पटना. बिहार में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव (Tejaswi Yadav) शुक्रवार को गुस्से में दिखे. प्रवासी मजदूरों (Migrant Laborers) को लेकर बिहार पुलिस मुख्यालय की तरफ से जो चिट्ठी जारी की गई, उसको लेकर तेजस्वी यादव ने सरकार के ऊपर अपना गुस्सा दिखाया. उन्होंने कहा कि बिहार सरकार प्रवासी मजदूरों को दोयम दर्जे का मानती है. दरअसल गत 29 मई को पुलिस मुख्यालय (Police HQ) की तरफ से एक चिट्ठी जारी की गई थी, जिसमें एडीजी अमित कुमार के तरफ से यह लिखा गया कि दूसरे राज्यों से जो बिहारी मजदूर आ रहे हैं, उन्हें रोजगार देना संभव नहीं है. इसलिए वह तनाव में रहेंगे. तनाव में होने की वजह से वह विधि व्यवस्था को प्रभावित कर सकते हैं. इस पर तेजस्वी यादव ने कड़ी आपत्ति जाहिर की है. और कहा कि सरकार प्रवासी मजदूरों को बिहार का नागरिक नहीं समझती है. ऐसे में सीएम नीतीश कुमार बिहार की जनता के सामने माफी मांगे.

तेजस्वी ने फाड़ी चिट्ठी 

हालांकि विपक्ष के तेवर को देखते हुए राज्य सरकार ने इस चिट्ठी पर यू-टर्न ले ली. उधर पुलिस मुख्यालय ने 4 जून को इस चिट्ठी का खंडन करते हुए कहा कि यह भूल बस प्रकाशित हो गया था. इसे वापस लिया जाता है. इस पर तेजस्वी यादव ने उस चिट्ठी को भरी सभा में फाड़ते हुए कहा कि सरकार मजदूरों को धोखा दे रही है. इसे वापस लेने में भी एक सप्ताह का समय लग गया. यह मजदूरों के साथ धोखाधड़ी है.



'7 जून को करेंगे आंदोलन'  



तेजस्वी यादव ने इसके विरोध में 7 जून को बड़ा आंदोलन करने की बात कही है. उन्होंने कहा कि बिहार की जनता इसका विरोध करेगी. थाली ताली बजाकर इसका विरोध करेगी. बिहार सरकार मजदूरों को अपना नहीं समझती है. लेकिन आरजेडी उन्हें अपना समझती है. सभी राजनीतिक दल चुनाव की तैयारी करेंगे. लेकिन आरजेडी मजदूरों की समस्या के निदान के लिए काम करती रहेगी.

बिहार सरकार की यही वो चिट्ठी है, जिस पर तेजस्वी को गुस्सा आया
बिहार सरकार की यही वो चिट्ठी है, जिस पर तेजस्वी को गुस्सा आया


'सरकार 10 हजार रुपये बेरोजगारी भत्ता दे'

तेजस्वी यादव ने सरकार के सामने प्रस्ताव रखा कि बाहर से आने वाले मजदूरों को 10 हजार का भत्ता दिया जाए, क्योंकि 200 दिन के रोजगार के तहत यदि उन्हें 10,000 मिलता है, तो प्रतिदिन मात्र 50 रुपया ही होते हैं. और यदि एक मजदूर के घर में 5 लोग हैं तो मात्र 10 रुपये प्रति व्यक्ति उन्हें मिल पाएगा. ऐसे में सरकार मजदूरों को 10 हजार मुआवजा दे.

बीजेपी ने किया पलटवार

तेजस्वी यादव के गुस्से पर प्रदेश बीजेपी उपाध्यक्ष राजेन्द्र सिंह ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि तेजस्वी यादव काफी दिनों से गायब थे. अब जब वह गुस्से में हैं, तो लग रहा है कि बिहार में चुनाव है. तेजस्वी यादव लगातार सभी आपदाओं में गायब रहे हैं. लेकिन जब चुनाव आया है, तो वापस आए हैं. जाहिर सी बात है उनका गुस्सा होना लाजमी है.

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