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तेजस्वी को 'काउंटर' करने के लिए कांग्रेस का प्लान! क्या कन्हैया के कंधे पर बंदूक रख राजनीति कर रही कांग्रेस?
Patna News in Hindi

RaviS Narayan | News18 Bihar
Updated: February 20, 2020, 9:43 AM IST
तेजस्वी को 'काउंटर' करने के लिए कांग्रेस का प्लान! क्या कन्हैया के कंधे पर बंदूक रख राजनीति कर रही कांग्रेस?
कन्हैया कुमार और तेजस्वी यादव (फाइल फोटो)

कन्हैया कुमार (Kanhaiya Kumar) की हर सभा में कांग्रेस नेता (Congress Leader) न सिर्फ शामिल हो रहे हैं, बल्कि सभाओं को सफल बनाने के लिए भीड़ जुटाने में भी लगे हैं. कांग्रेस नेता शकील अहमद खान कन्हैया की हर सभा में मौजूद रहे हैं.

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पटना. बिहार में इन दिनों महागठबंधन (Grand Alliance) के भीतर कई मोर्चों पर घमसान मचा हुआ है. एक तरफ मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर आपस में तकरार जारी है तो दूसरी तरफ को-ऑर्डिनेशन कमेटी बनाने को लेकर पार्टियां एक-दूसरे पर हमलावर हैं. आरजेडी (RJD) ने पहले से ही तेजस्वी यादव को गठबंधन के नेता घोषित कर रखा है. इन सबके बीच सीपीआई नेता कन्हैया कुमार की बिहार में हो रही ताबड़तोड़ जनसभाओं में कांग्रेस की मौजूदगी ने नई राजनीति को जन्म दे दिया है.

दरअसल, कन्हैया की हर सभा में कांग्रेस नेता न सिर्फ शामिल हो रहे हैं, बल्कि सभाओं को सफल बनाने के लिए भीड़ जुटाने में भी लगे हैं. कांग्रेस नेता शकील अहमद खान कन्हैया की हर सभा में मौजूद रहे हैं. कंग्रेस विधायक बंटी चौधरी के साथ कई नेता साथ-साथ खड़े रह रहे. आखिर ऐसा क्यों? इस सवाल पर कांग्रेस नेता ने कहा कि NRC और NPR के मुद्दे पर कांग्रेस का स्टैंड साफ है. इसका हर मोर्चे पर विरोध करना है और इस मुद्दे पर कांग्रेस कन्हैया के साथ है. कांग्रेस नेता ने यह भी साफ किया कि कन्हैया आगामी 27 फरवरी को पटना के गांधी मैदान में बड़ी रैली करने वाले हैं और इसमें कांग्रेस बढ़-चढ़कर हिस्सा लेगी.

बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष मदन मोहन झा ने रैली के समर्थन करते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं को किसी की सभा में जाने से रोका नहीं गया है. कन्हैया की रैली का कांग्रेस को निमंत्रण भी मिला है. हालांकि, तेजस्वी के मुकाबले कन्हैया को खड़ा करने की बात नकारते हुए मदन मोहन झा ने कहा कि किसी को काउंटर के लिए किसी की मदद नहीं कर रहे. कन्हैया NRC के विरोध में सभा कर रहे इसलिए शामिल हो रहे हैं.

आरजेडी ने तुलना को बताया गैरवाजिब



कांग्रेस की तेजस्वी की तुलना कन्हैया से करने को आरजेडी ने बेतुका बताया है. आरजेडी नेता शिवानन्द तिवारी ने कहा कि तेजस्वी विकल्प के रूप में तैयार नेता हैं. बिहार में नीतीश कुमार के विकल्प के रूप में तेजस्वी चेहरा हो सकते है. कन्हैया अच्छा बोलते हैं, पर वैकल्पिक का चेहरा नहीं हो सकते.

लोकसभा में कांग्रेस की हुई थी फजीहत
बहरहाल, जानकार यह भी बताते हैं कि कांग्रेस ने इस बार लोकसभा से सीख लेते हुए विधानसभा चुनाव से पहले ही मोहरे चलने शुरू कर दिए हैं. पिछली बार लोकसभा में सीट बंटवारे में कांग्रेस को फजीहत उठानी पड़ी थी. ग्‍यारह सीट पर बात हो जाने के बाद भी 9 सीटों पर ही समझौता करना पड़ा था, जिसके कारण पार्टी के अंदर ही बगावत शुरू हो गई थी. जाहिर है सीट बंटवारे से पहले कांग्रेस तेजस्वी के चेहरे के बहाने दबाव बनाना चाहती है, ताकि सीट बंटवारे में ज्यादा से ज्यादा सीटें हासिल कर सके.

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First published: February 20, 2020, 9:13 AM IST
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