कोरोना मरीजों की मदद करना चाहते हैं तेजस्वी यादव, CM नीतीश कुमार से मांगा परमिशन

कोरोना मरीजों को राहत देने के लिए तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लिखा पत्र.

कोरोना मरीजों को राहत देने के लिए तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लिखा पत्र.

बिहा विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने प्रदेश में कोरोना से बिगड़ती स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लिखा पत्र. स्वास्थ्य सेवाओं में बेहतरी के लिए कोविड केयर सेंटर पर राहत पहुंचाने की अनुमति मांगी.

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पटना. बिहार में कोरोना संक्रमण की हालत में सुधार की खबरों के बीच नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव महामारी से पीड़ित लोगों की मदद करना चाहते हैं. इसके लिए तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखा है. इस पत्र में तेजस्वी ने बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था के मद्देनजर कोरोना मैनेजमेंट से जुड़े कार्यों में मदद की पेशकश की है. तेजस्वी ने अपने पत्र में प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की बेहतरी लाने के लिए सीएम से विशेष अनुमति मांगी है. इसके तहत आरजेडी नेता ने कहा है कि वे कोविड केयर सेंटर पर जाकर कोरोना मरीजों और उनके परिजनों को राहत पहुंचाना चाहते हैं.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लिखे दो पन्नों के अपने पत्र में तेजस्वी यादव ने कहा है कि राज्य के सभी विधायकों सहित मुझे भी प्रदेश के किसी भी अस्पताल, पीएचसी, कोविड केयर सेंटर के अंदर जाकर मरीजों और उनके परिजनों से मिलने और राहत पहुंचाने की इजाज़त दी जाए. तेजस्वी ने राज्य सरकार को यह प्रस्ताव भी दिया है कि वह कोविड केयर सेंटर और सामुदायिक किचेन भी शुरू करना चाहते हैं. इन कार्यों के लिए नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री से इजाजत मांगी है.

पत्र के जरिये कसा तंज

तेजस्वी यादव ने कोरोनाकाल में एक तरफ जहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से स्वास्थ्य कार्यों में सहायता पहुंचाने की इजाजत मांगी है, वहीं दूसरी ओर पत्र में उन पर तंज भी कसा है. तेजस्वी ने अपने पत्र में कहा है कि 'पिछले 4 वर्षों में आपने मेरे किसी पत्र का कभी कोई जवाब नहीं दिया है, आशा है कि मानवीय हित में इस पत्र का अवश्य ही जवाब देंगे.' नेता प्रतिपक्ष ने सीएम नीतीश को लेकर कहा है कि कई बार वे हैरान भी होते हैं कि गांधी, लोहिया, जेपी और कर्पूरी ठाकुर की विचारधारा को मानने वाले मुख्यमंत्री इतना अलोकतांत्रिक कैसे हो सकते हैं कि विरोधी दल के नेता के पत्र का जवाब देना भी उचित नहीं समझते.

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