बाढ़ पर सियासत: तेजस्वी-राबड़ी ने नीतीश से पूछा- अबतक कितने लाख करोड़ ख़र्च किए?

राबड़ी ने लिखा है. उत्तर बिहार की अधिकतर नदियां खतरे के निशान को पार कर गयी हैं लेकिन सरकार राहत और बचाव की जगह प्रकृति और चूहों को दोष देने की कार्य योजना पर काम कर रही है।

News18 Bihar
Updated: July 14, 2019, 2:00 PM IST
बाढ़ पर सियासत: तेजस्वी-राबड़ी ने नीतीश से पूछा- अबतक कितने लाख करोड़ ख़र्च किए?
राबड़ी ने पूछा है-नीतीश सरकार ने 14 वर्षों के शासन के बाद भी बाढ़ की वार्षिक विभीषिका से सदा के लिए निपटान हेतु क्या दूरगामी क़दम उठाए? राबड़ी-तेजस्वी की फाइल फोटो
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Updated: July 14, 2019, 2:00 PM IST
बिहार में जारी बाढ़ के कहर के बीच राजनीति का दौर भी शुरू हो गया है. विपक्ष ने सरकार के दावों और हकीकत पर सवाल उठाए हैं साथ ही अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को हमेशा तैयार रहने की भी निर्देश दिया है. बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ने एक के बाद एक कई ट्वीट कर नीतीश कुमार से सवाल पूछे. तेजस्वी को इस मुहिम में उनकी मां और पूर्व सीएम राबड़ी देवी भी साथ आईं. तेजस्वी ने ट्वीट कर लिखा है

बिहार के 15 जिले बाढ़ की चपेट में हैं! उत्तर बिहार की नदियाँ खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं! जान, माल, फसल, मवेशी का लगातार नुकसान हो रहा है! पर आत्ममुग्ध सरकार व बेपरवाह प्रशासन मदमस्त है! आम जनजीवन अस्त-व्यस्त होने की इन्हें क्यों चिंता होगी? आख़िर दोष प्रकृति को जो देना है। बाढ़ की विभीषिका से निपटने के सरकारी दावों की कलई पहले हफ्ते ही खुल गई! दावे अपनी जगह है और "सुशासन" के दीमकों की कमाई अपनी जगह!



हर वर्ष बाढ़ राहत व बचाव, तटबंध निर्माण, पुनर्वास के नाम पर अरबों के घालमेल व बंदरबांट "सुशासन" की पहचान जो है! CM अब प्रकृति को दोषी ठहराएँगे। नीतीश सरकार असम्भव हवाई सर्वेक्षणों की सरकार है! ऐसी उन्नत तकनीक NASA के पास भी नहीं! CM चमकी बुखार, लू का हवाई सर्वेक्षण करते हैं तो मंत्री सूखाग्रस्त क्षेत्रों में अदृश्य बाढ़ से निपटने की तैयारियों का हवाई सर्वेक्षण करते हैं! धरातल की वास्तविक पीड़ा से कोई सरोकार नहीं!

तेजस्वी ने एक ट्वीट में लिखा है राजद कार्यकर्ताओं से आग्रह है कि अपने-अपने जिले में बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुँचाने में यथासंभव मदद करें। प्रशासन से संपर्क स्थापित कर समस्याओं का निराकरण एवं उचित सुविधा मुहैया कराने में सहयोग करे।

पूर्व सीएम राबड़ी देवी ने भी ट्वीट कर सरकार की तैयारियों पर सवाल उठाए हैं. राबड़ी ने लिखा है. उत्तर बिहार की अधिकतर नदियां खतरे के निशान को पार कर गयी हैं लेकिन सरकार राहत और बचाव की जगह प्रकृति और चूहों को दोष देने की कार्य योजना पर काम कर रही है। जनता की इन्हें कोई फ़िक्र नहीं है।

हर परिस्थिति में इन्हें बाढ़ के नाम पर बंदरबाँट करनी है। जनता त्राहिमाम कर रही है। नीतीश सरकार ने 14 वर्षों के शासन के बाद भी बाढ़ की वार्षिक विभीषिका से सदा के लिए निपटान हेतु क्या दूरगामी क़दम उठाए?अबतक कितने लाख करोड़ ख़र्च किए? जितना धन हर वर्ष राहत,बचाव,पुनर्वास व तटबंध निर्माण रखरखाव के नाम पर लूट लिए जाते हैं उतने में सदा के लिए समस्या का हल हो जाता
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