लाइव टीवी
Elec-widget

तेजस्वी यादव को रास नहीं आया कुशवाहा का नेतृत्व, महागठबंधन के मार्च से रहे नदारद

RaviS Narayan | News18 Bihar
Updated: November 13, 2019, 5:01 PM IST
तेजस्वी यादव को रास नहीं आया कुशवाहा का नेतृत्व, महागठबंधन के मार्च से रहे नदारद
पटना में आयोजित विरोध मार्च में महागठबंधन के नेता

तेजस्वी यादव (Tejasvi Yadav) की गैरमौजूदगी के बारे में वीआईपी (VIP) नेता मुकेश सहनी (Mukesh Sahni) ने तो खुलकर कह दिया कि तेजस्वी के नहीं शामिल होने से कोई फर्क नहीं पड़ता

  • Share this:
पटना. बुधवार को पटना में आयोजित महागठबंधन (Grand Alliance) के आक्रोश मार्च में जहां गठबंधन के तमाम नेता पहुंचे वहीं नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejasvi Yadav) के नहीं पहुंचने से सवाल खड़े हो गए हैं. महागठबंधन के इस आक्रोश मार्च में तेजस्वी के साथ ना तो राजद (RJD) का कोई बैनर पोस्टर रहा और ना ही कोई कार्यकर्ता. महागठबंधन के आक्रोश मार्च को उपेंद्र कुशवाहा के नेतृत्व करना भी गठबंधन के भीतर अंदरूनी गुटबाजी के बड़ा कारण माना जा रहा है.

मार्च में शामिल रहे ये नेता

पटना के गांधी मैदान से निकल कर जिला समाहरणालय तक हुए इस आक्रोश मार्च में गठबंधन के कई नेता शामिल रहे. कांग्रेस से अध्यक्ष मदन मोहन झा, हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी, वीआईपी पार्टी के नेता मुकेश सहनी सहित सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे. आक्रोश मार्च का नेतृत्व रालोसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने किया. महागठबंधन के इस आक्रोश मार्च में सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हुआ कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का आक्रोश आखिर क्यों नहीं दिखाई पड़ा ?

आरजेडी का कोई बैनर पोस्टर तक नहीं रहा शामिल

गठबंधन के आक्रोश मार्च में जहां घटक दलों के बड़े नेता मौजूद रहे वहीं न सिर्फ तेजस्वी यादव बल्कि आरजेडी का ना तो कोई झंडा और ना ही कोई बैनर पोस्टर दिखाई पड़ा. आरजेडी की तरफ से प्रतीकात्मक रूप से सिर्फ प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी मौजूद रहे. उपेंद्र कुशवाहा के नेतृत्व में हुए इस आक्रोश मार्च में आरजेडी के किनारे रहने से कई सवाल खड़े हुए.

मांझी और मुकेश सहनी ने भी तेजस्वी के सवाल से किया किनारा

तेजस्वी के साथ आरजेडी का किसी भी कार्यकर्ता के मार्च में शामिल नहीं होने पर के सवाल पर गठबंधन के नेता भी बचते दिखे. तेजस्वी की गैरमौजूदगी के बारे में वीआईपी नेता मुकेश सहनी ने तो खुलकर कह दिया कि तेजस्वी के नहीं शामिल होने से कोई फर्क नहीं पड़ता. दूसरी तरफ जीतन राम मांझी ने भी सवाल से किनारा करते हुए कहा की तेजस्वी के नहीं आने पर कोई जवाब नहीं देंगे.
Loading...

उपेन्द्र कुशवाहा के नेतृत्व से तेजस्वी ने बनाई दूरी

महागठबंधन के आक्रोश मार्च में तेजस्वी यादव के नहीं पहुंचने का सबसे बड़ा कारण उपेंद्र कुशवाहा का नेतृत्व माना जा रहा है. एक तरफ जहां तेजस्वी खुद नेता प्रतिपक्ष हैं और अगले विधानसभा में मुख्यमंत्री के दावेदार के रूप में खुद को प्रोजेक्ट कर रहे हैं तो उपेन्द्र कुशवाहा के नेतृत्व में गठबंधन के मार्च में शामिल होकर खतरा मोल नहीं लेना चाहते. गौरतलब है कि हाल ही में हुए विधानसभा उपचुनाव में आरजेडी ने बिना उपेंद्र कुशवाहा और मांझी का समर्थन लिए ही बेहतर प्रदर्शन कर दिखाया है.

कांग्रेस को जरूरत लेकिन कुशवाहा को नहीं

ये मामला साफ जाहिर करता है कि तेजस्वी को आने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जरूरत महसूस होती है पर कुशवाहा मांझी या फिर मुकेश साहनी को ज्यादातर तरजीह नहीं देना चाहते. जीतन राम मांझी के भी गठबंधन से लगातार नाराजगी रहने के कारण आरजेडी ने खुद को मार्च से दूर रखना ही बेहतर समझा, हालांकि गठबंधन ने इस आक्रोश मार्च में आपसी एकता दिखाने का भरसक प्रयास किया गया पर सबसे बड़ा सवाल क्या है क्या 2020 के विधानसभा चुनाव में तक आपसी एकता बनी रहेगी.

ये भी पढ़ें- ट्यूशन के बहाने छात्राओं का करता था यौन शोषण, शिक्षक की डर्टी पिक्चर आई सामने

ये भी पढ़ें- दो पत्नियों से परेशान अधिकारी ने की आत्महत्या, कमरे में लटकती मिली लाश

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए पटना से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: November 13, 2019, 4:58 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...