तेजस्वी ने सीएम नीतीश पर साधा निशाना, लॉ एंड ऑर्डर पर उठाए सवाल

News18 Bihar
Updated: August 21, 2019, 7:35 PM IST
तेजस्वी ने सीएम नीतीश पर साधा निशाना, लॉ एंड ऑर्डर पर उठाए सवाल
तेजस्वी यादव

छपरा में एक दारोगा और एक सिपाही की हत्या के बाद उनको श्रद्धांजलि देने पहुंचे डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा कि अपराधी किसी की भी हत्या कर सकते हैं, चाहे वह डीजीपी ही क्यों ना हों.

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बिहार के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गुप्तेश्वर पांडेय (Gupteshwar Pandey) के एक बयान के बहाने आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव के छोटे बेटे और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव (Tejaswi Yadav) ने राज्य की खराब कानून-व्यवस्था को लेकर नीतीश सरकार पर निशाना साधा है. दरअसल, छपरा में एक दारोगा और एक सिपाही की हत्या के बाद उनको श्रद्धांजलि देने पहुंचे डीजीपी ने कहा कि अपराधी किसी की भी हत्या  कर सकते हैं, चाहे वह डीजीपी ही क्यों ना हों.

तेजस्वी यादव ने एक फेसबुक पोस्ट में लिखा, 'बिहार की लचर कानून व्यवस्था अब मरणासन्न अवस्था में पहुंच चुकी है. पुलिस का काम बस सरकारी आकाओं की राजनीति को पंख देने, उनके इशारे पर नाचने, ब्रजेश ठाकुर जैसे बलात्कारियों, क़ातिलों और माफ़ियाओं का संरक्षण देने का ही रह गया है. बिहार में हत्या, अपहरण, बलात्कार, फिरौती, रंगदारी और हर तरह के काले कारनामे सत्ता संरक्षण में फल-फूल रहे हैं. इस भयावह माहौल में आम आदमी सहम सहम कर अपनी जान बचाते गुजर बसर करने को विवश है.'

वहींं, तेजस्वी ने ट्वीट कर कहा,  'बिहार के डीजीपी कह रहे हैं कि अपराधी कभी भी उन्हें गोली मार सकते है. मुख्यमंत्री जी बताए अगर राज्य के डीजीपी इतने डरे-सहमे हुए हैं तो आम आदमी का क्या होगा? अपराधी सरेआम आईपीएस को पीट रहे हैं और पुलिस अधिकारियों को गोली मार रहे हैं. बंधक बना रहे हैं. आम नागरिक डरा हुआ है.'

आरक्षण के मुद्दे पर तेजस्वी यादव का वार, कहा- RSS और BJP की मंशा ठीक नहीं
आरक्षण पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान को लेकर बिहार सहित देश भर में राजनीतिक हंगामा जारी है. वहीं, मंगलवार को आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव के छोटे बेटे और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव (Tejaswi Yadav) ने बीजेपी और आरएसएस पर आरक्षण को खत्म करने का आरोप लगाया. तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर कहा, 'आरक्षण को लेकर आरएसएस/बीजेपी की मंशा ठीक नहीं है. बहस इस बात पर करिए कि इतने वर्षों बाद भी केंद्रीय नौकरियों में आरक्षित वर्गों के 80% पद ख़ाली क्यों है? उनका प्रतिनिधित्व सांकेतिक भी नहीं है. केंद्र में एक भी सचिव ओबीसी/ईबीसी क्यों नहीं है? कोई कुलपति एससी/एसटी/ओबीसी क्यों नहीं है? करिए करिए बहस.'

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First published: August 21, 2019, 7:34 PM IST
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