तेजस्वी के दिल की बात: नाकाम है 'डबल इंजन' की सरकार, युवा नेतृत्व चाहता है बिहार

तेजस्वी ने फेसबुक पर करीब 1000 शब्दों में अपनी भावना का इजहार करते हुए डबल इंजन की सरकार पर विभिन्न मुद्दों पर टिप्पणी की है. उन्होंने लिखा, राज्य के लिए एक संवेदनशील सरकार का होना आवश्यक होता है.

News18 Bihar
Updated: August 2, 2019, 9:17 AM IST
तेजस्वी के दिल की बात: नाकाम है 'डबल इंजन' की सरकार, युवा नेतृत्व चाहता है बिहार
तेजस्वी यादव ने फेसबुक के जरिए अपने दिल की बात की है.
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Updated: August 2, 2019, 9:17 AM IST
लोकसभा चुनाव में करारी शिकस्त के बाद से ही नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव सक्रिय नहीं हैं. इस दौरान जहां आरजेडी में बिखराव की बात होने लगी है वहीं महागठबंधन के अस्तित्व पर भी खतरा मंडराने लगा है. इस बीच तेजस्वी ने लंबी खामोशी के बाद एक बार फिर अपने दिल की बात की है. हालांकि उनके तेवर बदले हुए हैं और उन्होंने इस बार ट्विटर के बजाय फेसबुक पर अपने दिल की बात की है. खास बात ये है कि इस बार उन्होंने न  तो नीतीश कुमार का नाम लिया है  ही किसी तरह का व्यंग्य या कटाक्ष किया है.

तेजस्वी ने फेसबुक पर करीब 1000 शब्दों में अपनी भावना का इजहार करते हुए डबल इंजन की सरकार पर मुद्देवार टिप्पणी की है. उन्होंने लिखा जिस देश या राज्य की आबादी का जितना प्रतिशत गरीबी और हाशिए के अंतिम पायदान पर खड़ा होता है उस राज्य के लिए एक संवेदनशील सरकार का होना उतना ही आवश्यक होता है.

'डबल इंजन' सरकार को फेल करार दिया

हर नीतिगत निर्णय, सरकार व प्रशासन की चपलता या शिथिलता का सीधा-सीधा असर कमजोर वर्गों और गरीबों की सुरक्षा, आय और जीवन स्तर पर पड़ता है. बिहार एक ऐसा ही राज्य है जिसकी बहुसंख्यक आबादी की आय राष्ट्रीय औसत से कम है. और यह तब है जब लगभग पिछले 14 वर्षों से ऐसी सरकार रही है जो अपने आप को सुशासन या डबल इंजन की सरकार कहने से नहीं अघाती!



14 वर्षों के 'सुशासन' पर सवाल खड़ा किया

तेजस्वी के अनुसार एक सरकार का बर्ताव नागरिकों के लिए उसी प्रकार का अपेक्षित है जैसा एक मां का अपनी संतानों के लिए होता है. सदैव उनका दर्द समझना और उनके भविष्य व हितों के प्रति पूरी संवेदना से सजग होना. बिहार में चमकी बुखार की भेंट में प्रतिवर्ष की भांति फिर 200 से अधिक बच्चे चढ़ गए और सारी व्यवस्था, सरकार और प्रशासन खानापूर्ति कर कुछ सुधार करने का नहीं बल्कि प्रकृति को दोष देने का प्रयास करता रहा.
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उन्होंने लिखा, चरमराती व्यवस्था, मदमस्त अफ़सर व सरकार और दोनों के बोझ तले कराहती जनता! इसी तरह लू की चपेट में भी आकर 200 से अधिक नागरिकों ने अपने प्राण गंवा दिए! सरकारी अस्पताल बेहतर इलाज देने तक की स्थिति में नहीं!

बिहार के पिछड़ेपन पर किया सवाल

तेजस्वी यादव ने लिखा,  अगर बिहार में सचमुच 2005 के बाद सुशासन का आगमन हुआ तो नीतीश जी बताएं कि किस मानक में बिहार आज किस राज्य से आगे है? प्रति व्यक्ति आय, स्वास्थ्य, शिक्षा, जीवन स्तर, रोजगार, पलायन- किसमें बिहार किस राज्य से आगे है?

उन्होंने अंत में लिखा, हर मानक में हर राज्य से पीछे, फिर भी सुशासन? 14 साल के तथाकथित सुशासन और डबल इंजन वाली सरकार के बाद अब तो और भी फ़िसड्डी राज्य हो गया है. बिहार की 60 फ़ीसदी आबादी युवा है. अब बिहार को रूढ़िवादी नहीं बल्कि उनके सपनों और आकांक्षाओं से क़दमताल करने वाली नई सरकार की ज़रूरत है.

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First published: August 2, 2019, 9:17 AM IST
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