बिहार कांग्रेस ने मांगी आधी लोकसभा सीटें, तेजस्वी यादव ने दिया ऐसा जवाब

तेजस्वी यादव ने एक अंग्रेजी अखबार को दिए अपने इंटरव्यू के लिंंक को ट्वीट किया और लिखा, 'बिहार में अधिकतम जनाधार के साथ आरजेडी सबसे बड़ी पार्टी है. हमारी ताकत कमजोर तबकों का हम पर विश्वास है.'

News18 Bihar
Updated: February 13, 2019, 4:12 PM IST
बिहार कांग्रेस ने मांगी आधी लोकसभा सीटें, तेजस्वी यादव ने दिया ऐसा जवाब
तेजस्वी यादव (फाइल फोटो)
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Updated: February 13, 2019, 4:12 PM IST
बिहार में महागठबंधन के घटक दलों के बीच सीट शेयरिंग पर चर्चा अंतिम दौर में है. लेकिन कांग्रेस की आरजेडी से बराबरी की हिस्सेदारी की मांग ने इसमें नया पेच फंसा दिया है. कांग्रेस के दो विधायकों, अजीत शर्मा और रामदेव राय ने दो टूक कह दिया है कि जितनी सीटों पर आरजेडी लड़ेगी उतनी ही सीटें कांग्रेस को चाहिए. हालांकि आरजेडी नेता भाई वीरेन्द्र ने ऐसे नेताओं को जेडीयू और बीजेपी का एजेंट कह दिया है.

दूसरी ओर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी कह रहे हैं कि हर राज्य में अब कांग्रेस 'फ्रंट फुट' पर ही खेलेगी. कांग्रेस की बराबरी की मांग पर बिहार में महागबंधन को एकजुट रखने की कवायद में लगे आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने भी अब इसपर अपना पक्ष रखा है.

तेजस्वी यादव ने एक अंग्रेजी अखबार को दिए अपने इंटरव्यू के लिंंक को ट्वीट किया और लिखा, 'बिहार में अधिकतम जनाधार के साथ आरजेडी सबसे बड़ी पार्टी है. हमारी ताकत कमजोर तबकों का हम पर विश्वास है.'


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तेजस्वी यादव ने अपना पक्ष रखते हुए स्पष्ट किया है कि सभी दलों को साथ लेकर वह चलेंगे, लेकिन यह भी सच है कि बिहार में सबसे बड़ा जनाधार हमारी पार्टी है और हम सबसे बड़ी पार्टी हैं. तेजस्वी यादव के इस बयान से साफ है कि वह पार्टी में 'बिग ब्रदर' की भूमिका से इनकार करते हुए भी RJD को ही सबसे ऊपर रखने की कोशिश कर रहे हैं.

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वहीं कांग्रेस बार बार यह दोहरा रही है कि वह आरजेडी से बराबर की हिस्सेदारी चाहती है. दरअसल कांग्रेस के नेताओं का मानना है कि जिस तरह से जेडीयू-बीजेपी में बराबर की हिस्सेदारी हुई है उसी तर्ज पर आरजेडी भी कांग्रेस के साथ व्यवहार करे.

बहरहाल कांग्रेस के नेताओं के बिहार में भी 'फ्रंट फुट' पर खेलने के बयान लगातार आ रहे हैं. वहीं आरजेडी और महागठबंधन के बाकी दलों के बीच भी अब तक सीट शेयरिंग पर समझौता नहीं हो पाया है. जाहिर है आने वाले दिनों में महागठबंधन की राजनीति क्या मोड़ लेती है यह देखना दिलचस्प होगा.

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