क्या CM नीतीश के निशाने पर है लालू से जुड़ी निशानियां?

News18 Bihar
Updated: August 31, 2019, 12:19 PM IST
क्या CM नीतीश के निशाने पर है लालू से जुड़ी निशानियां?
तेजस्वी यादव ने सीएम नीतीश कुमार पर लालू यादव से जुड़ी निशानियों को ध्वस्त करने का आरोप लगाया है.

पटना में स्मार्ट सिटी योजना के तहत चलाए जा रहे अतिक्रमण विरोधी अभियान में कई ऐसी चीजें ध्वस्त की जा रही हैं जो वर्षों से पटना की पहचान बनी हुई हैं या थीं.

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क्या बिहार सरकार आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) से जुड़ी पहचान मिटाने में लगी हुई है? क्या राजनीतिक द्वेष के कारण CM नीतीश कुमार (Nitish Kumar) लालू से जुड़ी यादों को ही टारगेट कर रहे हैं? ये सवाल हमारे नहीं बल्कि लालू यादव के छोटे बेटे और बिहार विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejaswi Yadav) के हैं. उन्होंने आरोप लगाया है कि उन्हें डर है कि पटना को स्मार्ट सिटी (Smart City) बनाने के बहाने उनके पिता से जुड़ी सभी निशानियों को ही जमींदोज न कर दिया जाय.

तेजस्वी का आरोप- ध्वस्त की जा रहीं निशानियां
तेजस्वी यादव का नीतीश सरकार पर सीधा आरोप है कि वह राजनीतिक द्वेष के कारण लालू यादव के किए गए सभी कामों का अस्तित्व मिटाने में लगी है. यही नहीं जिन महापुरूषों की स्मृतियों का लालू प्रसाद ने कभी उद्घाटन किया था सरकार उन सभी स्मृतियों को अब एक-एक करके तोड़ने में लगी है.

पटना से जुड़ी थी पहचान

दरअसल तेजस्वी की ये पीड़ा इस बात से जाहिर हो रही है कि बीते दिनों पटना में स्मार्ट सिटी योजना के तहत चलाए जा रहे अतिक्रमण विरोधी अभियान में कई ऐसी चीजें ध्वस्त की जा रही हैं जो वर्षों से पटना की पहचान बनी हुई हैं या थीं.

Doodh mandi Destroyed
पटना जंक्शन परिसर में स्थित रहे 40 साल पुरानी दूध मंडी ध्वस्त कर दी गई.


दूध मंडी को ध्वस्त किया गया
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दरअसल 90 के दशक में जब लालू यादव बिहार के मुख्यमंत्री थे तब उन्होंने स्टेशन पर दूध मंडी का निर्माण करवाया था. अवैध तरीके से बनाए गए इस भवन को हाल में ही ध्वस्त कर दिया गया. इसको लेकर तेजस्वी यादव और तेजप्रताप यादव धरने पर भी बैठे थे. प्रशासन से दूसरा दूध मार्केट बनाने का आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने धरना खत्म किया था.

Tejaswi Yadav Sit on dharna
पटना जंक्शन पर दूध मंडी को टूटने से बचाने के लिए धरने पर बैठे तेजस्वी यादव. (फाइल फोटो)


बेचैन है लालू कुनबा 
इसी तरह हड़ताली मोड स्थित मछली बाजार और इनकम टैक्स स्थित फल मंडी का भी निर्माण करवाया गया था. कहा जा रहा है कि इसे कभी भी तोड़ा जा सकता है. इससे पहले स्टेशन स्थित बकरी बाजार कई रैन बसेरों को तोड़ा जा चुका है. जाहिर है लालू कुनबा इससे बेचैन है और सरकार पर जान बूझकर इसे खत्म करने का आरोप लगा रहा है.

इन आरोपों के पीछे एक मजबूत वजह यह भी कि लालू यादव ने के सालों-साल से जिन ग़रीबों -पिछड़ों के नाम पर राजनीति की, आज इस कार्रवाई में इसी वोट बैंक से जुड़ी चीजों पर बेरहमी से बुलडोजर चला रही है.

सरकार की दलील
हालांकि जेडीयू के प्रवक्ता संजय सिंह की दलील है कि लालू ने तब गैर कानूनी तरीके से इन्हें बसाया था और अब शहर को जब स्मार्ट बनाने की तैयारी है तो प्रशासन कानून के तहत अपनी कार्रवाई कर रहा है. इसमें किसी के प्रति कोई राजनीतिक द्वेष की भावना नहीं है.

बहरहाल हम नहीं जानते कि स्मार्ट सिटी के बहाने सरकार की क्या मंशा है, लेकिन इतना जरूर है कि वीर कुंवर सिंह की मूर्ति को आर ब्लाॉक चौराहे से हटाकर पार्क में शिफ्ट किया गया. वहीं जीपीओ गोलंबर पर राम मनोहर लोहिया की मूर्ति को हटा दिया गया और इसे लोहिया नगर में ले जाया गया. यही नहीं यहां तो शिलापट्ट लग रहे हैं वहां लालू यादव का नाम नहीं बल्कि सरकार से जुड़े किसी न किसी शख्सियत का नाम होता है.

रिपोर्ट- अमित कुमार सिंह

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First published: August 31, 2019, 12:01 PM IST
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