पटना में जहानाबाद जेल ब्रेक कांड दोहराने की साजिश! सुरक्षा घेरे में बेउर जेल

पटना के बेउर जेल के पास बढ़ाई गई सुरक्षा (पुरानी तस्वीर)

साल 2013 में पटना के गांधी मैदान में हुए सीरियल बम ब्लास्ट की घटना को अंजाम देने वाले आतंकवादियों के साथ कई कुख्यात नक्सली और अपराधी बेउर जेल में कैद हैं.

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    पटना के बेउर स्थित केंद्रीय आदर्श कारा बेउर सेंट्रल जेल को ब्लास्ट कर उड़ाया जा सकता है. इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) की तरफ से इस बात का स्पेशल इनपुट जैसे ही बिहार पुलिस को मिला, पुलिस महकमें में हड़कंप मच गया. देर रात को आनन फानन में पूरे जेल को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया और सघन तलाशी अभियान चलाया गया.

    सिटी एसपी, एएसपी, डीएसपी समेत 6 थानों की पुलिस देर रात बेउर जेल पहुंच गई फिर जेल के तमाम बैरकों और वार्डो के अलावा दीवारों के आसपास और कैम्पस में बेहद बारीकी से सघन तलाशी अभियान चलाया. हालांकि कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिला.

    बढ़ाई गई जेल की सुरक्षा
    जहानाबाद जेल ब्रेक कांड जैसी कोई घटना पटना में न दोहराई जा सके इसके लिए एहतियातन बीएमपी और स्वात के 80 जवानों को जेल की सुरक्षा में अगले आदेश तक तैनात कर दिया गया है.

    लगातार पेट्रोलिंग के आदेश
    दूसरी ओर सीनियर अधिकारियों की ओर से जेल के पास बेउर  थाना को भी लगातार पूरे इलाके में पेट्रोलिंग करने का आदेश जारी कर दिया गया है. इसके साथ ही पटना पुलिस लाइन से सुरक्षा के लिए अलग से पुलिस फ़ोर्स की तैनाती जेल के बाहर कर दी गई है.

    कई कुख्यात जेल में बंद
    बता दें कि बेउर जेल में साल 2013 में पटना के गांधी मैदान में हुए सीरियल बम ब्लास्ट की घटना को अंजाम देने वाले आतंकवादियों के साथ इसी साल पकड़े गए बांग्लादेशी आतंकवादियों के अतिरिक्त कई  कुख्यात नक्सली और अपराधी इस जेल में कैद हैं.

    पटना बम ब्लास्ट के आरोपी बेउर जेल में
    इनमें उमर सिद्दीकी, अजहरुद्दीन, इम्तियाज अंसारी, अहमद हुसैन, फखरुद्दीन अहमद, फिरोज आलम, नोमान अंसारी, इफ्तेखार आलम, हैदर अली और मुजीबुल्लाह जैसे आतंकी सहित जहानाबाद जेल ब्रेक कांड का मुख्य आरोपी नक्सली अजय कानू और कई कुख्यात अंडर ट्रायल बन्द हैं.

    पुलिस ने साधी चुप्पी
    आशंका है कि इन्हें कैद से छुड़ाने के लिए बड़े स्तर पर जेल ब्रेक की साजिश रची जा सकती है. हालांकि ये साफ नहीं हो सका है कि ये प्लानिंग किसके तरफ से रची गई है. हालांकि इस मसले पर फिलहाल कोई भी पुलिस अधिकारी कुछ भी बता रहे हैं.

    गौरतलब है कि 15 नम्बर 2005 की रात में नक्सलियों ने अपने नेता अजय कानू को जेल से छुड़ाने के लिए जहानाबाद में जेल ब्रेक की वारदात को अंजाम दिया था.

    इनपुट- अमित कुमार

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