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छुट्टा घूम रहा बिहार की निर्भया का 'गुनहगार', परिजनों को इंसाफ का इंतजार

News18 Bihar
Updated: December 14, 2019, 9:06 AM IST
छुट्टा घूम रहा बिहार की निर्भया का 'गुनहगार', परिजनों को इंसाफ का इंतजार
तस्वीर- News18

पिछले 2 सालों में जिस तरह से यह गरीब परिवार सरकार और पुलिस से उपेक्षित हुआ है इनके भीतर उन दरिंदों का खौफ भी डराने लगा है. यही वजह है कि निर्भया की बेटियों को भी अब घर से बाहर निकलने में भी डर लगता है.

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पटना. देश की राजधानी दिल्ली में जिस निर्भया के साथ दरिंदों ने महापाप किया था उनके पापों की सजा उन्हें बहुत जल्द मिलने वाली है. ऐसे में बिहार की निर्भया के परिवार को भी अब इंसाफ की एक आस जगी है. निर्भया का लाचार परिवार भी अब गुनहगारों को फांसी देने की मांग कर रहा है. दरअसल बिहार की इस बेटी को 2 साल पहले कुछ बदमाशों ने अपनी हवस का शिकार बनाना चाहा और जब ये हैवान इसमें कामयाब नहीं हुए तो दरिंदगी की हद कर दी.

दरिंदगी की हद कर दी थी
>घटना साल 10 अक्टूबर 2017 की है. बिहार की राजधानी पटना से करीब 20 किलोमीटर दूर नौबतपुर इलाके के बलियावन में दिल्ली के निर्भया कांड की ही तरह दिल दहला देनेवाली घटना घटी. यहां 22 साल के दो युवकों ने एक महिला को अकेला पाकर पहले दुष्कर्म करने की कोशिश की, लेकिन उसके विरोध करने पर इस युवक ने उसके प्राइवेट पार्ट में लोहे की रॉड डाल दी और फिर मौके से फरार हो गया.
छुट्टा घूम रहा है आरोपी


लहूलुहान हुई महिला किसी तरह से अपने घर पहुंची और मरने से पहले उसने पुलिस की मौजूदगी में अपना बयान भी दर्ज करवाया. अपने बयान में उसने गांव के ही दो दबंग धीरज पासवान और उसके दोस्त धर्मेन्द्र पासवान का नाम भी लिया. धीरज भले ही सलाखों के पीछे है, लेकिन दबंग धर्मेंद्र जमानत पर सीना तान कर गांव में घूम रहा है और अब निर्भया की बेटियों को धमका भी रहा है.

फांसी से कम कुछ मंजूर नहीं
निर्भया के बेटियां रो-रोकर अपना दर्द बयां कर रही हैं और अपनी मां के गुनहगारों को फांसी पर लटकाने की मांग भी कर रही हैं.बिहार की निर्भया का परिवार गुनेहगारों को फांसी पर लटकता देखना चाहता है. निर्भया की बेटी हो या फिर उसका पति सबकी जुबान पर एक ही बात है कि हैवानों को फांसी दो.


वे कहते हैं जैसे दिल्ली के गुनहगारों को सजा मिल रही है देश का कानून बिहार के उन दरिंदों को भी वही सजा सुनाए. दरअसल बिहार और दिल्ली की निर्भया के साथ हुई घटनाओं में फर्क बस इतना था कि बिहार की निर्भया ने आखिरी दम तक लड़ते हुए अपनी अस्मत तो लूटने से बचा ली, लेकिन जिंदगी की जंग वो हार गई.


बहरहाल पिछले 2 सालों में जिस तरह से यह गरीब परिवार सरकार और पुलिस से उपेक्षित हुआ है इनके भीतर उन दरिंदों का खौफ भी डराने लगा है. यही वजह है कि निर्भया की बेटियों को भी अब घर से बाहर निकलने में भी डर लगता है. लेकिन अब जब दिल्ली के गुनहगारों को सजा मिलने की बात हो रही है तो बिहार के निर्भया के परिवारवालों में भी इंसाफ की आस जग गई है.


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First published: December 14, 2019, 8:47 AM IST
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