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तो इसलिए देश के सबसे गंदे शहर में शुमार हुआ पटना सिटी!
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News18 Bihar
Updated: July 15, 2018, 8:09 PM IST

पटना शहर के बारें में तल्ख टिप्पणी करते हुए पटना हाईकोर्ट ने पटना को देश का सबसे गंदा शहर करार दिया था, जहां नागरिक सुविधाएं नहीं के बराबर है, यहां न ही कोई ड्रेनेज सिस्टम है और न ही साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था मौजूद है

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कई गुटों में विभाजित पटना नगर निगम पिछले कई वर्षों से गंभीर वित्तीय संकट से जूझ रही है, बावजूद इसके कोई इसकी सुध लेने को तैयार नहीं है, जो राजधानी पटना के स्मार्ट सिटी में बनने सबसे बड़ा रोड़ा बन गया है. निगम के हालिया बजट पर गौर करेंगे तो पाएंगे कि निगम की कमाई अपने कर्मचारियों का वेतन में बांटने में खर्च हो जाता है, जिससे सिटी के विकास कार्यों के लिए निगम में वित्तीय संकट हमेशा बरकरार रहता है.

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रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2017-18 के लिए पटना नगर निगम का कुल अनुमानित बजट 45 करोड़ है और स्टांप ड्यूटी से 40 करोड़ की आमदनी के बाद निगम को कुल 85 करोड़ राजस्व मिलता है, लेकिन निगम में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों का वेतन चुकाने में निगम करीब 120 करोड़ खर्च कर डालता है, जो कि उसकी कुल आमदनी से 35 करोड़ अधिक है.



पूरे मामले पर निगम डिप्टी मेयर विनय कुमार पप्पू ने बताया कि पिछली बार नगर निगम की कमाई काफी कम रही थी, लेकिन मौजूदा वर्ष में टारगेट 100 करोड़ से ऊपर का रखा गया है, जो खर्च बजट से काफी कम है. उन्होंने बताया कि निगम होर्डिंग टैक्स, सरकारी भवनों से, जन्म-मृत्यु प्रमाण-पत्र, रजिस्ट्री विभाग, मोबाइल टॉवर, पार्किंग और बस स्टैंड में भ्रष्टाचार के चलते नुकसान उठाना पड़ रहा है.



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हालांकि उन्होंने बताया कि निगम की राशि में बढ़ोत्तरी के लिए निगम लगातार प्रयास कर रहा है और इसी क्रम में अब टैक्स कलेक्शन का एक निजी कंपनी को सौंपा गया है. साथ ही, अवैध होर्डिंग पर निगम सख्त हुई है.

गौरतलब है कुछ दिन पहले पटना शहर के बारें में तल्ख टिप्पणी करते हुए पटना हाईकोर्ट ने पटना को देश का सबसे गंदा शहर करार दिया था, जहां नागरिक सुविधाएं नहीं के बराबर है, यहां न ही कोई ड्रेनेज सिस्टम है और न ही साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था मौजूद है.

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यही नहीं, हाईकोर्ट ने अपनी टिप्पणी में सिटी की ट्रैफिक व्यवस्था पर अफसोस जताया था. देखना है निजी कम्पनी को टैक्स कलेक्सन का जिम्मा देने के बाद पटना नगर निगम की आर्थिक सेहत में कितना सुधार आता है.

(रिपोर्ट-कुसुम दूबे, पटना)

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First published: July 15, 2018, 8:09 PM IST
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