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गांववालों ने बताई हकीकत तो डीजीपी ने पूरे थाने पर लिया हार्ड एक्शन, जानें क्या है मामला

Sanjay Kumar | News18 Bihar
Updated: February 9, 2020, 9:19 AM IST
गांववालों ने बताई हकीकत तो डीजीपी ने पूरे थाने पर लिया हार्ड एक्शन, जानें क्या है मामला
गांववालों ने बताया सच तो डीजीपी गुप्‍तेश्‍वर पांडेय ने पूरे थाने के खिलाफ की कार्रवाई.

डीजीपी गुप्‍तेश्‍वर पांडेय (DGP Gupteshwar Pandey) गौरीचक थाना भी पहुंच गए और थानेदार को तलब किया. देसी शराब की भट्ठी से जुड़े मामले की खुद पड़ताल की और दरोगा को तत्‍काल निलंबित कर दिया.

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पटना. राजधानी पटना से लगभग 20 किलोमीटर दूर गौरीचक थाना के चिपुरा खुर्द मुसहरी में (Chipura Khurd Mushari) अवैध रूप से कई महीनों से देसी शराब बनाई जा रही थी. गांववालों ने कई बार शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही थी. इसके विरोध में पिछले दो दिनों से स्थानीय मुखिया सतीश कुमार के नेतृत्व में महिलाएं इसके खिलाफ़ एकजुट होकर अभियान चला रही थीं. डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे (DGP Gupteshwar Pandey) को जब मामले की जानकारी मिली तो वे खुद शनिवार को चिपुरा खुर्द के मिडिल स्कूल में पहुंच गए और मामले की पड़ताल की.

ऑन स्पॉट सस्पेंड हुआ थानेदार
डीजीपी ने पहले तो वहां महिलाओं और ग्रामीणों के साथ नशा के खिलाफ जनजागरण कर महिलाओं का हौसला बढ़ाया. इसके बाद डीजीपी गौरीचक थाना भी पहुंच गए और थानेदार को तलब किया. मामले की खुद पड़ताल की और जब थानेदार ने झूठी सफाई पेश की तो डीजीपी ने थानेदार को कड़ी फटकार लगाई और उन्‍हें तत्‍काल सस्‍पेंड कर दिया.

डीजीपी का एक्शन-नप गया थाना

डीजीपी ने वहां तैनात सभी नौ पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को भी लाइन हाजिर करते हुए पूरे थाने पर ही एक्शन ले लिया. डीजीपी ने बताया कि सस्पेंडेड थानेदार को अब अगले 10 साल तक थानेदारी नहीं दी जाएगी.

शराब से बढ़ता है अपराध
डीजीपी ने कहा कि शराबबंदी के बाद बिहार की हालत सुधरी है. नशा एक व्यक्ति काे नहीं, पूरे परिवार को बर्बाद कर देता है. शराब पीने से आपस में द्वेष पैदा होता है. समाज में कई तरह की बुराइयां फैलती हैं और अपराध का ग्राफ बढ़ जाता है.बेपरवाह पुलिसकर्मियों को चेतावनी
डीजीपी गुप्‍तेश्‍वर पांडेय विरोध कर रही महिलाओं से कहा कि आप लोग नशा और शराब के खिलाफ इस तरह का अभियान चलाती रहें. थानेदार अगर लापरवाही करेगा तो कार्रवाई होगी, जिस थाना में शराब बनेगा, बिकेगा या भंडारण होगा तो थानेदार ही नहीं पूरा थाना साफ कर दिया जाएगा.

चलते बने थे थानेदार
गौरतलब है कि शनिवार को अवैध शराब बनाने और बेचे जाने के खिलाफ महिलाओं ने भट्ठियों को तोड़ दिया था. इससे पहले जब गौरीचक थानेदार रमण कुमार को शुक्रवार को जब कार्रवाई के लिए बुलाया गया तब वे केवल 10 मिनट के लिए आए और इलाके में कहीं गोली चलने की बात कह चलते बने थे.

महिलाएं हुई थीं गोलबंद
दरअसल, अवैध शराब बनाने और बेचने के खिलाफ जहां अभियान चल रहा था, वहां महादलित जाति जे लोग रहते हैं. ग्रामीण केस में फंस जाने की डर से कुछ सख्ती नहीं बरत रहे थे. बाद में महिलाओं ने गोलबंद होकर इसका विरोध शुरू किया था, जिसके बाद खुद डीजीपी मौके पर पहुंचे थे.

अचानक पहुंच जाते हैं डीजीपी
बता दें कि डीजीपी बनने के बाद गुप्‍तेश्‍वर पांडेय कई थानाें का औचक निरीक्षण कर चुके हैं. पिछले साल देर रात एसकेपुरी और गर्दनीबाग थाना पहुंच गए थे. वहां स्टेशन डायरी अपडेट नहीं था. इस मामले में दोनों थानों के मुंशी को निलंबित कर दिया गया था. पिछले साल फरवरी में कदमकुआं थाना इलाके में एक पेपर कारोबारी के कर्मी से 10 लाख लूट होने के बाद वहां गए थे. थानेदार को जमकर फटकार लगाई थी.

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First published: February 9, 2020, 8:33 AM IST
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