मुजफ्फरपुर शेल्टर होम केस: CBI की चार्जशीट ने खोल दिया था इन 19 गुनहगारों का कच्चा चिट्ठा

मुजफ्फरपुर शेल्टर होम केस का मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर और उसकी राजदार शाइस्ता परवीन उर्फ मधु . (फाइल फोटो)
मुजफ्फरपुर शेल्टर होम केस का मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर और उसकी राजदार शाइस्ता परवीन उर्फ मधु . (फाइल फोटो)

साकेत कोर्ट ने ब्रजेश ठाकुर समेत 20 आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो, बलात्कार, आपराधिक साजिश और अन्य धाराओं में आरोप तय किया था. सीबीआई ने इस मामले में मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर को बनाया था.

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पटना. मुजफ्फरपुर शेल्टर होम यौन उत्पीड़न मामले (Muzaffarpur Shelter Home Rape Case) में करीब 7 महीने की नियमित सुनवाई के बाद साकेत कोर्ट (Saket Court) ने अपना फैसला सुनाते हुए 20 आरोपियों में से 19 दोषी करार दिया गया है. इसमें मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर समेत 19 को दोषी करार दिया है. बृजेश ठाकुर पर रेप, गैंगरेप, जुवेनाइल जस्टिस एक्ट और अन्य धाराओं के तहत  कोर्ट ने दोषी करार दिया है. हालांकि 20 में से एक आरोपी विक्की शाह बरी हो गया है. झंझारपुर के लंगड़ा चौक का रहने वाला विक्की शाह ब्रजेश ठाकुर की राजदार मधु का रिश्तेदार है और उसपर रात में बालिका गृह पहुंचने और किशोरियों से यौन हिंसा करने का आरोप था. अब इस मामले में दोषियों की सजा पर 28 जनवरी बहस होगी.

बता दें कि ये फैसला अब तक तीन बार टल चुका था, लेकिन आज कोर्ट ने अपना निर्णय दे दिया. दोषियों को सजा सुनाने के लिए पहले 14 नंवबर, 12 दिसंबर 2019 व 14 जनवरी 2010 को फैसले की तारीख तय की गई थी. हालांकि पहली बार वकीलों की हड़ताल और दूसरी बार जज के छुट्टी पर चले जाने और तीसरी बार कोर्ट ने आरोपियों के जमानती न होने के कारण फैसला  टाल दिया था.

बता दें कि केस की जांच एजेंसी सीबीआई द्वारा इस मामले में 21 आरोपियों पर चार्जशीट (Chargesheet) दायर की गई थी, जिसमें मुख्य आरोपी बालिका गृह के संचालक ब्रजेश ठाकुर (Brajeh Thakur) को बनाया गया है. CBI ने ब्रजेश ठाकुर सहित सभी 21 आरोपियों पर बेहद ही संगीन आरोप लगाए हैं.



इस मामले में दायर  चार्जशीट की कॉपी के अनुसार, इस गुनाह में एक पूरा नेक्सस काम करता था जिसका मास्टरमाइंड ब्रजेश ठाकुर था. इसमें उसके साथ रवि रोशन और मामू सहित बालिका गृह के अन्य कर्मचारी सहयोगी था. वह अन्य आरोपितों के साथ मिलकर लड़कियों को गंदे भोजपुरी गानों पर डांस करने को विवश करता था और लड़कियों को दूसरे के पास भेजता भी था.
ये हैं शेल्‍टर होम मामले के प्रमुख आरोपी

ब्रजेश ठाकुर: बालिका गृह का वास्तविक मालिक था और वही इसका संचालन करता था. वह एनजीओ सेवा संकल्प एवं विकास समिति का कार्यपालक निदेशक था. इसी एनजीओ के माध्यम से बालिका गृह का संचालन होता था. उस पर बालिका गृह की लड़कियों के साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगाया गया था.



शाइस्ता परवीन उर्फ मधु: यह ब्रजेश ठाकुर की खास राजदार थी और एनजीओ सेवा संकल्प और विकास समिति के प्रबंधन से जुड़ी थी. आरोप है कि वह लड़कियों को सेक्स की शिक्षा देती थी और गंदे गाने पर डांस करने को विवश करती थी. इससे मना करने वाली लड़कियों को सजा के तौर पर नमक रोटी खाने को दिया जाता था.

रवि कुमार रोशन: यह बाल संरक्षण पदाधिकारी (सीपीओ) था. ब्रजेश के साथ-साथ इस पर भी अधिकतर लड़कियों ने दुष्कर्म का आरोप लगाया गया है. वह छोटे कपड़े में वल्गर गाने पर डांस करने के लिए लड़कियों को विवश करता था.

विकास कुमार: यह बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) का सदस्य था. उस पर भी लड़कियों ने दुष्कर्म का आरोप लगा है. यह अन्य आरोपितों के साथ मिलकर लड़कियों को स्लीपिंग पिल्स देता था.

दिलीप कुमार वर्मा: यह बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) का अध्यक्ष था. लड़कियों ने उसकी पहचान फोटो से की. इसने उसे सबसे गंदा आदमी बताया. उस पर भी रेप का आरोप लगा है. यह ब्रजेश ठाकुर का खास था.

रोजी रानी: यह बाल संरक्षण इकाई की सहायक निदेशक थी. आरोप है कि लड़कियों ने उसे सारी घटनाओं की जानकारी दी, लेकिन उसने कोई एक्शन नहीं लिया. उस पर आरोपितों को सहयोग करने का आरोप लगाया गया था.

डॉ. प्रमीला: यह बालिका गृह की लड़कियों की स्वास्थ्य जांच करती थी. लड़कियों ने उसे बताया कि ब्रजेश, रवि रोशन, विजय व विकास ने उसके साथ दुष्कर्म किया है. इस पर उसने बस इतना कहा था कि कोई बात नहीं तुम लोगों को दवा दे दूंगी. इसने पीड़िता की कोई मदद नहीं की.

रामाशंकर सिंह उर्फ मास्टर साहेब उर्फ मास्टर जी: यह ब्रजेश के पारिवारिक प्रेस का मैनेजर था. लड़कियों ने इसे गंदा आदमी बताया है. उसपर लड़कियों को गंदी नजर से देखने का आरोप है. रामाशंकर पर लड़कियों से साथ दुष्कर्म और पिटाई करने का आरोप था.

डॉ. अश्वनी उर्फ आसमनी: बालिका गृह की लड़कियां इस डॉक्टर से काफी भयभीत रहती थीं. यह लड़कियों को ट्रैंक्यूलाइज्ड कर बेहोश करता था. यह अपने आला से लड़कियों को बिना कपड़े के जांच करता था.

विजय कुमार तिवारी, गुड्डू और कृष्णा राम: सभी ब्रजेश ठाकुर का नौकर था. सभी पर लड़कियों से दुष्कर्म करने और पिटाई करने का आरोप लगाया गया था.

इंदू कुमारी, मीनू देवी, मंजू देवी, चंदा देवी, नेहा कुमारी, हेमा मसीह, किरण कुमारी: सभी बालिका गृह की कर्मचारी थीं. इन सभी पर लड़कियों को नशे की दवाई देने, मारपीट करने के आरोप थे. इनपर बालिका गृह की लड़कियों के साथ दुष्कर्म करने वाले ब्रजेश, विकास, दिलीप, रवि रोशन और अन्य का सहयोग करने का भी आरोप था.

एक महिला कर्मचारी पर लड़कियों से साथ आपत्तिजनक स्थिति में सोने का भी आरोप था. यह अन्य महिला कर्मचारियों के साथ मिलकर लड़कियों की पिटाई करती थी.

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