IPS के इस लेटर ने नीतीश सरकार की करवा दी फजीहत, DGP को देनी पड़ी सफाई, जानें पूरा मामला
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IPS के इस लेटर ने नीतीश सरकार की करवा दी फजीहत, DGP को देनी पड़ी सफाई, जानें पूरा मामला
इसके बाद DGP गुप्तेश्वर पांडेय और ADG PHQ जितेंद्र कुमार और खुद ADG लॉ एंड ऑर्डर अमित कुमार को सफाई देनी पड़ी.

पुलिस मुख्यालय का यह लेटर जैसे ही बाहर आया मानो विपक्ष को सरकार पर हमला बोलने का मौका मिल गया. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) पूरे तामझाम के साथ सीधे RJD कार्यलय पहुंच गए.

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पटना. दूसरे राज्यों से बिहार (Bihar) लौट रहे मजूदरों की संख्या लाखों में है. वहीं, वापस लौटे के बाद भी ये मजदूर परेशान हैं. वे आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं. राज्य सरकार की अथक कोशिशों के बावजूद इन्हें रोजगार मिलने की संभावना बहुत कम है. इतना ही नहीं बाहर से आये मजदूर अपना और अपने परिजनों के पेट भरने के लिये अपराध की तरफ अपना कदम बढ़ा सकते हैं. इस बात की आशंका जताते हुए ADG लॉ एंड ऑर्डर अमित कुमार ने पटना समेत सूबे के सभी जिलों के पुलिस कप्तानों को एक पत्र जारी कर दिया था. अपने इस पत्र में ADG लॉ एंड ऑर्डर अमित कुमार (Amit Kumar) ने सभी जिले के SP को अपने-अपने जिले में होने वाले अपराध को लेकर अलर्ट रहने को कहा था. अमित कुमार को आशंका थी कि अगर ऐसा हुआ तो प्रदेश में अपराध का ग्राम बढ़ सकता है. इस संबंध में इन्होंने 29 मई को सभी डीएम- एसएसपी और एसपी रेल सहित को एक लेटर (Letter) जारी कर दिया था. अपने इस लेटर में अमित कुमार ने चौकसी बरतने को लेकर जिले के पुलिस कप्तान को आदेश दिया था.

पुलिस मुख्यालय का यह लेटर जैसे ही बाहर आया मानो विपक्ष को सरकार पर हमला बोलने का मौका मिल गया. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पूरे तामझाम के साथ सीधे RJD कार्यलय पहुंचे और फिर आनन फानन में एक प्रेसवार्ता बुला सरकार और पुलिस महकमें पर जमकर निशाना साधा. तेजस्वी ने कहा कि  इस कोरोना त्रासदी में हजारों मजदूर कोसों पैदल चलकर अपने गांव पहुंचे हैं. वे लोग इस उम्मीद के साथ गांव पहुंचे हैं कि सरकार उनके आंसू पोछेगी और उन्हें पेट भड़ने के लिये दो वक्त की रोटी देगी. लेकिन सरकार और उनके नुमाइंदे तो बाहर से लौटे मजदूरों को अभी से अपराधी घोषित करने लगी है. नेता प्रतिपक्ष के हमले के तुरंत बाद बिहार पुलिस मुख्यालय बैकफुट पर आ गया.

खुद ADG लॉ  एंड ऑर्डर अमित कुमार को सफाई देनी पड़ी
इसके बाद DGP गुप्तेश्वर पांडेय और ADG PHQ जितेंद्र कुमार और खुद ADG लॉ एंड ऑर्डर अमित कुमार को सफाई देनी पड़ी. दरअसल, 4 जून को एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमित कुमार की तरफ से जारी अगले एक लेटर में सफाई दी गई है और यह कहा गया कि 29 मई को मजदूरों के घर वापसी वाला लेटर भूलवश जारी हो गया था. इस पूरे मामले पर एडीजी हेडक्वार्टर जितेंद्र कुमार ने भी कहा है कि पहले वाले लेटर की बात वापस ले ली गई है. अब इस पर कोई चर्चा नहीं होनी चाहिए. वहीं, इन सब के बीच DGP गुप्तेश्वर पांडेय ने भी ADG लॉ एंड ऑर्डर अमित कुमार का बचाव करते हुए कहा कि यह एक भूलवश हुई घटना है. इससे सरकार का कोई लेना देना नहीं है.



पुलिस मुख्यालय की किरकिरी करवा के रख दी है


बहरहाल देखा जाए तो ADG लॉ एंड ऑर्डर अमित कुमार का एक लेटर ने पुलिस मुख्यालय की किरकिरी करवा के रख दी है. वहीं, इनके इस लेटर को लेकर विपक्ष ने सरकार पर जमकर निशाना साधा है. वहीं, बात सत्ता पक्ष की बात करें तो सत्ता पक्ष इस मसले पर फिलहाल खामोश नजर आई. सिर्फ इतना कहा कि यह मामला पुलिस महकमें का है. इसका जबाब DGP से लेकर खुद ADG लॉ एंड ऑर्डर अमित कुमार ने दे दिया है.

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