JNU छात्र संघ चुनाव में आरजेडी की इंट्री, दिल्ली में धमक की 'तेजस्वी' कोशिश

JNU छात्र संघ चुनाव में छात्र आरजेडी प्रेसीडेंट पद पर पहली बार अपना उम्मीदवार उतारने जा रहा है. आरजेडी ने इस बार जयंत को अध्यक्ष पद के उम्मीदवार के तौर पर चुना है.

चंद्रमोहन | News18Hindi
Updated: September 7, 2018, 2:11 PM IST
JNU छात्र संघ चुनाव में आरजेडी की इंट्री, दिल्ली में धमक की 'तेजस्वी' कोशिश
जेएनयू में राजद उम्मीदवार जयंत
चंद्रमोहन | News18Hindi
Updated: September 7, 2018, 2:11 PM IST
लालू यादव के जेल जाने के बाद पार्टी की कमान संभाल रहे पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव इन दिनों आरजेडी के विस्तार के लिये दमखम लगाये हुये हैं. तेजस्वी यादव कभी बिहार के जिलों में घूम कर पार्टी के कार्यकर्ता और आम लोगो से मिल रहे हैं, तो कभी पार्टी के युवा कार्यकर्ताओं को बुलाकर अपने आवास पर घंटो मीटिंग कर रहे हैं.

तेजस्वी की यह रणनीति साल 2019 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ साल 2020 के बिहार विधान सभा चुनाव में अपना दम दिखाने के लिये है. इसमें कोई शक नहीं की बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी ने पार्टी की बागडोर अपने हाथ में लेने के बाद युवा नेताओं को आगे बढ़ाया है लेकिन बिहार के साथ तेजस्वी यादव दिल्ली में भी युवाओ के बीच अपनी धमक बढ़ाना चाहते है. इसके लिये उन्होने जेएनयू का रास्ता चुना है. दरअसल 14 सितम्बर को जेएनयू छात्र संघ का चुनाव होने जा रहा है.

इस चुनाव में छात्र आरजेडी प्रेसीडेंट पद पर पहली बार अपना उम्मीदवार उतारने जा रहा है. इसके लिये आरजेडी ने जयंत कुमार को प्रेसीडेंट पद का अपना उम्मीदवार के तौर पर उतारने की घोषणा की है. जयंत कुमार पहले कन्हैया कुमार के साथ थे. हालांकि बाद में जयंत ने कन्हैया पर कई गंभीर आरोप लगाये थे और उनका साथ छोड दिया.

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कन्हैया पर लगाए आरोपों में जयंत ने कहा था की वह (कन्हैया) जातिवादी राजनीति में खुद को आगे बढ़ाने की कीमत पर संगठन और पार्टी को कमजोर करने में लगे है, उस वक्त तब जयंत संगठन के जेएनयू सचिव थे.

जयंत करीब तीन साल से सक्रिय रूप से एआईएसएफ से जुड़े रहे. माना जा रहा है कि इस बार आइसा और एसएफआई जैसे वाम संगठन मिलकर चुनाव लड़ेंगे. इस बार आरजेडी की ओर से भी कड़ी टक्कर मिलने वाली है. जानकारी के मुताबिक कुछ माह पहले आरजेडी के युवा नेताओ ने कुमार को तेजस्वी से मिलवाया था.

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तब ही तेजस्वी यादव ने यह तय कर लिया था की जेएनयू के चुनाव में आरजेडी अपनी धमक बढ़ायेगी और यह कदम ज्यादा से ज्यादा युवाओं को अपने साथ जोडने के लिये किया जा रहा है, जिसके जरिये तेजस्वी यादव दिल्ली में अपनी पार्टी का विस्तार भी करेंगे और जेएनयू के जरिये केन्द्र सरकार के खिलाफ हल्ला बोलने के लिये युवाओ की फौज तैयार करेंगे.
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