राम मंदिर पर NDA में खींचतान, JDU बोली, BJP नहीं ला सकती कोई अध्यादेश

जेडीयू महासचिव आरसीपी सिंह ने कहा कि राम मंदिर पर हमारा रुख साफ है या तो आपसी सहमति या फिर कोर्ट के फैसले से राम मंदिर का निर्माण होना चाहिए. इस पर हम अपना स्टैंड नहीं बदल सकते. BJP इस मुद्दे पर कोई अध्यादेश नहीं ला सकती है.

News18 Bihar
Updated: December 14, 2018, 6:30 PM IST
राम मंदिर पर NDA में खींचतान, JDU बोली, BJP नहीं ला सकती कोई अध्यादेश
JDU महासचिव RCP सिंह (फाइल फोटो)
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Updated: December 14, 2018, 6:30 PM IST
अयोध्या में राम मंदिर बनाए जाने के लिए अध्यादेश लाए जाने के कयास लग रहे हैं, लेकिन इस बड़े मुद्दे पर एनडीए के अहम सहयोगी जेडीयू ने बीजेपी का साथ छोड़ दिया है. जेडीयू ने साफ कहा है कि बीजेपी इस मुद्दे पर पर कोई अध्यादेश नहीं ला सकती है. हालांकि बीजेपी ने भी स्पष्ट कहा है कि राम मंदिर उनका मुद्दा था, है और रहेगा.

जेडीयू के महासचिव आरसीपी सिंह ने कहा कि राम मंदिर पर हमारा रुख साफ है या तो आपसी सहमति या फिर कोर्ट के फैसले से राम मंदिर का निर्माण होना चाहिए. इस पर हम अपना स्टैंड नहीं बदल सकते. उन्होंने कहा कि बीजेपी इस मुद्दे पर कोई अध्यादेश नहीं ला सकती है.

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वहीं बीजेपी नेता ने भी स्पष्ट कर दिया है कि राम मंदिर उसका मुख्य मुद्दा था, है और रहेगा. पार्टी के नेता विनोद नारायण झा ने कहा कि राम से हमारी भावनाएं जुड़ी हुई हैं. यह राजनीति का विषय नहीं है, जनता के दिल से जुड़ा हुआ मामला है. हम हमेशा मांग करते रहे हैं और करते रहेंगे. उन्होंने कहा कि राम मंदिर पर विपक्ष राजनीति करता है.

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आपको बता दें कि गुरुवार को एनडीए के एक अहम सहयोगी एलजेपी ने भी राम मंदिर के मुद्दे पर बीजेपी का साथ नहीं देने की बात कही थी. पार्टी के संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष चिराग पासवान ने कहा था कि कोर्ट का जो भी निर्णय होगा वह माना जाएगा. किसी अध्यादेश का समर्थन नहीं किया जाएगा.

वहीं आरजेडी नेता भाई विरेंद्र ने कहा कि जेडीयू का कोई सिद्धांत नहीं है और वह जरूरत के अनुसार अपना स्टैंड बदलती रहती है. अगर अगर बीजेपी की नीति से परेशानी है तो बीजेपी से अलग हो जाना चाहिए ये बयानबाजी सिर्फ बारगेनिंग के लिए है.
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बहरहाल राम मंदिर का मुद्दा बीजेपी के लिए कोर इश्यू है. ऐसे में एनडीए के भीतर के दो अहम दलों का अध्यादेश लाए जाने का विरोध किया जाना आने वाली राजनीति को क्या दिशा देगा? यह देखना दिलचस्प होगा.

इनपुट- रवि एस नारायण

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First published: December 14, 2018, 4:42 PM IST
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