नीतीश के इन सात 'भरोसेमंद चेहरों' में से दो बन सकेंगे मोदी कैबिनेट का हिस्सा
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नीतीश के इन सात 'भरोसेमंद चेहरों' में से दो बन सकेंगे मोदी कैबिनेट का हिस्सा
पार्टी के सीनियर लीडर्स के साथ नीतीश

जेडीयू के दो लोकसभा सांसद हैंऔर 9 राज्य सभा सांसद. इनमें से 2 शरद यादव और अली अनवर पार्टी विरोधी गतिविधि की वजह से इस रेस से बाहर हैं

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एनडीए में शामिल होने के बाद जेडीयू रविवार को मोदी कैबिनेट में शामिल हो रहा है. लेकिन सबसे बड़ा सवाल ये है की जेडीयू कोटे से कौन-कौन मंत्री बन सकता है. जेडीयू कोटे से नीतीश कुमार की नजरे इनायत किस पर होंगी और कौन दिल्ली में पार्टी का प्रतिनिधित्व करेगा.

ETV/न्यूज 18 आपको ये बताने की कोशिश कर रहा है कि मंत्री की रेस में कौन-कौन से नाम और क्यों शामिल हैं. जेडीयू के दो लोकसभा सांसद हैंऔर 9 राज्य सभा सांसद. इनमें से 2 शरद यादव और अली अनवर पार्टी विरोधी गतिविधि की वजह से इस रेस से बाहर हैं.

आरसीपी सिंह - राज्य सभा सांसद और नीतीश कुमार  के सबसे करीबी सहयोगी. मंत्री बनने के रेस में सबसे आगे. वजह- नीतीश कुमार आरसीपी सिंह को मंत्री बना केंद्र से और बेहतर संबंध बना सकते हैं. इससे केंद्र और नीतीश कुमार के बीच तालमेल का काम भी आरसीपी सिंह से बेहतर कोई नहीं कर सकता है. नीतीश कुमार के स्वजातीय हैं ये फैक्टर भी काम कर रहा है.



संतोष कुशवाहा- लोकसभा चुनाव में मोदी लहर को पार कर संतोष कुशवाहा ने जेडीयू की लाज बचाई थी. संतोष नीतीश कुमार के ख़ास जातीय समीकरण लव कुश से आते हैं. कुशवाहा वोट को मजबूत करने के लिए संतोष कुशवाहा नीतीश की बेहतर पसंद भी हैं. वो जेडीयू के लिए आने वाले समय में महत्वपूर्ण नेता हैं. संतोष कुशवाहा को मंत्री बना नीतीश कुर्मी-कुशवाहा के वोट बैंक को और मजबूत कर सकते हैं. उपेंद्र कुशवाहा के राजद के प्रति झुकाव को देखते हुए कुशवाहा वोट बैंक को सन्देश देने की कोशिश नीतीश कुमार के बहाने बीजेपी कर सकती है.
कौशलेंद्र- जेडीयू सांसद कौशलेंद्र नीतीश कुमार के घरेलू जिले नालंदा से आते हैं. पार्टी के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष हैं. मंत्री बना नीतीश स्वजतीय वोटरों को मैसेज दे सकते हैं लेकिन नीतीश कुमार की कुर्मी जाति में जबरदस्त पकड़ है ऐसे में नीतीश कुमार इसी जाति से मंत्री बना पार्टी के जनाधार बढ़ाने में बहुत ज्यादा मदद नहीं मिलेगी इस लिए मंत्री बनने के चांस कम हैं.

हरिवंश- राज्यसभा सांसद हरिवंश नीतीश कुमार के बेहद करीबी हैं. सीनियर पत्रकार रह चुके हैं. दिल्ली से लेकर पटना तक मीडिया को नीतीश कुमार के लिए बेहतर छवि बनाने में हरिवंश जी का बड़ा योगदान है. वो राजपूत जाति से आते हैं. राजीव प्रताप रूडी के हटने की वजह से राजपूत कोटे की भरपाई एनडीए के तौर पर की जा सकती है.

वशिष्ठ नारायण सिंह- जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद वशिष्ठ नीतीश कुमार के बेहद ख़ास माने जाते हैं. वो राजपूत जाति से आते हैं और निर्विवाद छवि वाले नेता माने जाते हैं. पार्टी पर भी उनकी मजबूत पकड़ है लेकिन इनके मंत्री बनने में जो दो बड़ी बाधाएं आ रही है वो है सेहत का ठीक नहीं होना और नीतीश कुमार के जातीय समीकरण में फिट नहीं होना

रामनाथ ठाकुर- राज्यसभा सांसद और कर्पूरी ठाकुर के बेटे हैं. वो अति पिछड़ा समाज से आते हैं. नीतीश कुमार के जातीय समीकरण में राजद और कांग्रेस को जवाब देने में बड़ा हथियार साबित हो सकते हैं. बिहार में नीतीश कुमार की नजरे अति पिछड़े वोटरों पर है. रामनाथ ठाकुर को केंद्र में मंत्री बना नीतीश अति पिछड़ा वोटरों को बड़ा मैसेज दे सकते हैं. रामनाथ ठाकुर बहुत तेज तर्रार नेता नहीं माने जाते हैं उनकी पहचान मात्र इतनी है कि वो कर्पूरी ठाकुर के बेटे हैं और अति पिछड़ा समाज से आते हैं.

कहकंशा परवीन- राज्यसभा सांसद और पार्टी का सबसे बड़ा मुस्लिम चेहरा. नीतीश कुमार की बेहद नजदीक मानी जाती हैं. बेदाग छवि, मुस्लिम चेहरा होने और तीन तलाक  के बाद सुप्रीम कोर्ट के फैसले से मुस्लिम महिलाओ में एनडीए के लिए झुकाव बढ़ा है. कहकंशा परवीन को केंद्र में मंत्री बनाने से बिहार में जेडीयू का मुस्लिम समुदाय को मैसेज भी जाएगा की जेडीयू एनडीए यानि बीजेपी के नजदीक जाने के बाद भी मुस्लिमो की बड़ी हितेषी है ये जेडीयू का राजद के एमवाई समीकरण  का जवाब भी हो सकता है.
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