नित्यानंद राय बोले- PM मोदी ने देशहित में लिया नोटबंदी का फैसला

नित्यानंद राय ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के लोगों को नोटबंदी के पॉजिटिव आंकड़े नहीं दिखते हैं.

News18 Bihar
Updated: November 9, 2018, 5:22 PM IST
नित्यानंद राय बोले- PM मोदी ने देशहित में लिया नोटबंदी का फैसला
बिहार बीजेपी के अध्यक्ष नित्यानंद राय (फाइल फोटो)
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Updated: November 9, 2018, 5:22 PM IST
बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय ने नोटबंदी के दो साल पूरे होने पर देश की अर्थव्यवस्था में आए क्रांतिकारी परिणाम को जनता के हित में बताया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी का फैसला देशहित और गरीब जनता के हित में लिया.

बीजेपी नेता ने कहा कि कांग्रेस काल में फल-फूल रहे कालाधन और भ्रष्टाचार के ऊपर नरेंद्र मोदी की सरकार ने अंकुश लगाकर राष्ट्रहित में विकास का काम किया है. नोटबंदी के दो साल पूरे होने पर कांग्रेस अपने वजूद खत्म होते जाने और हाशिए पर सिमटते जाने का रुदन-क्रंदन करके शोक मना रही है.

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नित्यानंद राय ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के लोगों को नोटबंदी के पॉजिटिव आंकड़े नहीं दिखते हैं. वित्त वर्ष 2017-18 के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त की समाप्ति पर प्राप्त कुल रिटर्न की संख्या 71% बढ़कर 5.42 करोड़ रही. अगस्त 2018 तक दाखिल आयकर रिटर्न की संख्या 5.42 करोड़ है जो 31 अगस्त 2017 में 3.17 करोड़ थी. यह दाखिल रिटर्न की संख्या में 70.86% वृद्धि को दर्शाता है जो एक क्रांतिकारी संकेत हैं. वहीं, अगस्त 2018 में मोबाइल बैंकिंग के जरिए 2.06 लाख करोड़ रुपए का ट्रांजैक्शन हुआ जो कि अक्टूबर 2016 के 1.13 लाख करोड़ रुपए के मुकाबले 82 प्रतिशत ज्यादा है. नोटबंदी की वजह से बैंकों में काफी बड़ी मात्रा में डिपॉजिट आया है. इसका फायदा बैंकों ने आम आदमी को सस्‍ते कर्ज के तौर पर दिया. पिछले साल के मुकाबले इस साल हाउसिंग दरों में 3 फीसदी तक कमी आई है. पिछले साल ये दरें जहां 10.5 फीसदी से लेकर 12 फीसदी तक थीं, अब ये 8 से 9 फीसदी पर आ गई हैं.

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प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि आयकर विभाग ने संदिग्ध लेन-देन को लेकर 517 नोटिस जारी किए थे, जिसके बाद 1833 करोड़ रुपए की 541 संपत्तियां जब्त की गई. आयकर विभाग द्वारा 9 नवंबर 2016 से लेकर मार्च 2017 के बीच चलाए गए करीब 900 सर्च अभियान में 900 करोड़ रुपए की संपत्ति सीज की गई. नोटबंदी के बाद तीन लाख से अधिक शेल यानी मुखौटा कंपनियों का पता लगाया जा सका है, जिन पर कार्रवाई की गई. सरकार ने 2.24 लाख कंपनियों को बंद कर दिया. ये कंपनिया सरकार की अनुमति के बिना अपने ऐसेट्स को बेच या ट्रांसफर नहीं कर सकती हैं. नोटबंदी के बाद भारत एक लेसकैश सोसाइटी की दिशा में बढ़ रहा है. डिजिटल ट्रांजेक्शन्स 300 प्रतिशत तक बढ़े. नोटबंदी के बाद डिजिटल लेन-देन काफी तेजी से बढ़ा है. अगस्त 2016 में 87 करोड़ डिजिटल लेन-देन हुए थे, जबकि 2017 में यह संख्या 138 करोड़ हो गई यानी 58 प्रतिशत की वृद्धि. नोटबंदी के चलते आतंकवादियों और नक्सलवादियों की कमर टूट गई. पत्थरबाजी की घटनाएं पिछले वर्ष की तुलना में घटकर मात्र एक-चौथाई रह गईं.
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