Union Budget 2019: दरभंगा-किशनगंज एयरपोर्ट पर बढ़ेंगी सुविधाएं, उड़ान-2 योजना में है शामिल

दरभंगा में जल्दी ही एयरपोर्ट निर्माण का कार्य पूरा होने की उम्मीद है. 9000 फीट लंबे रनवे के साथ एयरपोर्ट पर एक समय में 150 यात्रियों के अराइवल और 150 यात्रियों के डिपार्चर की सुविधा उपलब्ध होगी.

News18 Bihar
Updated: July 5, 2019, 12:38 PM IST
Union Budget 2019: दरभंगा-किशनगंज एयरपोर्ट पर बढ़ेंगी सुविधाएं, उड़ान-2 योजना में है शामिल
दभंगा एयरपोर्ट से जल्द उड़ान भरेंगे विमान
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Updated: July 5, 2019, 12:38 PM IST
केंद्र में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बनी दूसरी सरकार ने अपने इस कार्यकाल का पहला बजट पेश किया. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में इस योजना को पेश करते हुए ऐलान किया कि उड़ान योजना को सुविधापूर्ण बनाने के साथ और विस्तार दिया जाएगा. बता दें कि उड़ान-2 योजना से बिहार के दो शहर जुड़े हुए हैं. इनमें दरभंगा और किशनगंज एयरपोर्ट शामिल हैं.

गौरतलब है कि केंद्र सरकार उड़ान-2 योजना के तहत विकास के लिए कुछ शर्तों के साथ केंद्र सरकार 50 से 100 करोड़ प्रति एयरपोर्ट की दर से खर्च करने की योजना पर काम कर रही है. इस राशि से इन एयरपोर्ट पर नयी यात्री सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है. रन-वे का रखरखाव, एटीसी व अन्य लैंडिंग सुविधाओं के विस्तार पर भी यह राशि खर्च की जाएगी.

दरभंगा से जल्दी ही उड़ान भरेंगे विमान

दरभंगा में जल्दी ही एयरपोर्ट निर्माण का कार्य पूरा होने की उम्मीद है. 9000 फीट लंबे रनवे के साथ एयरपोर्ट पर एक समय में 150 यात्रियों के अराइवल और 150 यात्रियों के डिपार्चर की सुविधा उपलब्ध होगी. इतने लंबे रन-वे पर एयरबस 320 व बोईंग 737 जैसे विमान नियमित रूप से लैंड कर सकते हैं.

बिहार का तीसरा कमर्शियल एयरपोर्ट होगा दरभंगा

रनवे की री-कार्पेटिंग के साथ-साथ बाकी काम भी चल रहे हैं, जिनके जुलाई-अगस्त तक पूरा होने की उम्मीद है. बता दें किदरभंगा एयरपोर्ट बिहार का तीसरा कमर्शल एयरपोर्ट होने जा रहा है. सरकार ने टर्मिनल की बिल्डिंग, कार्गो, पार्किंग स्पेस और अन्य सुविधाओं के लिए 55 एकड़ जमीन आवंटित की है.

2500 रुपये प्रति घंटे की हिसाब से तय होगा किराया 
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उड़ान स्कीम में स्पष्ट दिशा-निर्देश है कि योजना के अंतर्गत विमानों का परिचालन शुरू करनेवाली कंपनी को प्रति रनिंग घंटे अधिकतम 2500 रुपये के दर से किराया वसूल कर सकेगी. इससे होनेवाले घाटे से बचाने के लिए एयरलाइन को नागरिक विमानन मंत्रालय द्वारा तीन साल तक कुछ रियायतें भी दी जाएंगी.



किशनगंज से हो पायेगा केवल छोटे विमानों का परिचालन 

किशनगंज में राज्य सरकार का साधारण हवाईपट्टी है, जिसकी लंबाई केवल 3000 फीट है. यहां से टर्बो प्रॉप इंजनवाले 10 से 20 सीटर विमानों का ही परिचालन हो पायेगा. एटीआर जैसे विमानों का परिचालन भी यहां से संभव नहीं होगा, क्योंकि उसके लिए भी कम से कम रनवे 5000 फीट लंबी होनी चाहिए.

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First published: July 5, 2019, 12:20 PM IST
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