उपेंद्र कुशवाहा ने नहीं खोले पत्ते, राहुल गांधी से मिलने के बाद लेंगे NDA छोड़ने का फैसला!

उपेंद्र कुशवाहा ने गुरुवार को पहली बार प्रधानमंत्री मोदी को भी अपने निशाने पर लिया. उन्होंने कहा कि मैंने जिसके साथ काम किया, उनके साथ काम करके मुझे कोई बड़ा परिवर्तन नहीं दिखा.

News18 Bihar
Updated: December 6, 2018, 6:21 PM IST
उपेंद्र कुशवाहा ने नहीं खोले पत्ते, राहुल गांधी से मिलने के बाद लेंगे NDA छोड़ने का फैसला!
उपेन्द्र कुशवाहा (फाइल फोटो)
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Updated: December 6, 2018, 6:21 PM IST
राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (RLSP) के एनडीए से अलग होने के कयासों  के बीच उपेंद्र कुशवाहा ने गुरुवार को भी तस्वीर साफ नहीं की. मोतिहारी में आयोजित खुले अधिवेशन में भी कुशवाहा ने कोई ऐलान नहीं किया. अब खबर आ रही है कि RLSP प्रमुख 10 दिसंबर को राहुल गांधी से मुलाकात करने के बाद एनडीए छोड़ने की घोषणा करेंगे. बताया जा रहा है कि राहुल गांधी के साथ मुलाकात के बाद वह केन्द्रीय मंत्रिपरिषद से भी इस्तीफा दे सकते हैं.

यह इस बात से भी जाहिर होता है कि उपेन्द्र कुशवाहा ने गुरुवार को पहली बार प्रधानमंत्री मोदी को भी अपने निशाने पर लिया. उन्होंने कहा कि मैंने जिसके साथ काम किया उनके साथ काम करके मुझे कोई बड़ा परिवर्तन नहीं दिखा. उनका इशारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर था. कुशवाहा ने कहा कि राजनीति में मैंने अभी बहुत छोटी यात्रा की है और अभी बहुत लम्बा रास्ता तय करना है.

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सीट बंटवारे को लेकर कुशवाहा ने कहा कि हमारी बात बीजेपी से हुई, लेकिन बात नहीं बनी. हमने अमित शाह से मिलकर बात करने की कोशिश की, लेकिन वक्त नहीं मिला. हमने बहुत कोशिश की पीएम मोदी से भी मिलें, लेकिन जवाब नहीं आया.

उन्होंने नीतीश कुमार को निशाने पर लेते हुए आरोप लगाया कि बिहार में हमारी पार्टी को तोड़ने की कोशिश की जा रही थी. हमारी पार्टी को कमज़ोर करने की हर संभव कोशिश हो रही थी. उन्होंने कहा कि मैं नीतीश कुमार को बड़ा भाई मानता था, लेकिन किसी मंच पर नीतीश जी ने मुझे नीच कहा था. मैं नीतीश जी से कम पढ़ा लिखा नहीं हूं. उन्होंने तंज कसा कि भारत सरकार में मंत्री भी हूं, पता नहीं कैसे मैं नीच हो गया.

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कुशवाहा ने कहा कि हमने जिसके साथ 10-12 साल लम्बी लड़ाई लड़ी वह बेकार चली गई. जो हालत पहले के 15 साल थी वही हाल आज भी है. उन्होंने बिहार की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि हमने शिक्षा को लेकर हमेशा सवाल उठाए हैं वे बेहद जरूरी हैं. जो हाल 15-20 साल पहले था वही हाल आज भी है. उन्होंने कहा कि नीतीश मॉडल में शिक्षा का हाल पूरी तरह बदहाल हो गया है.
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इनपुट- आनंद अमृतराज

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