31 बाघ और 8 शावकों वाले बिहार के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व को मिला A श्रेणी का दर्जा
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31 बाघ और 8 शावकों वाले बिहार के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व को मिला A श्रेणी का दर्जा
बिहार का वाल्मीकि टाइगर रिजर्व

बिहार के इस टाइगर रिजर्व को मैनेजमेंट इफेक्टिवनेस इवेल्युएशन के आधार पर ‘बहुत अच्छा’ की श्रेणी में रखा गया है. ऑल इंडिया टाइगर इस्टीमेशन रिपोर्ट में भी इस टाइगर रिजर्व के इकोलाॅजी की महत्ता को स्थापित की गई है.

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पटना. बुधवार को अन्तरराष्ट्रीय टाइगर डे के मौके पर बिहार के वाल्मिकी टाइगर रिजर्व को ए श्रेणी का दर्जा दिया गया. पिछले साल वाल्मीकिनगर टाइगर रिजर्व में 31 बाघ थे. इस साल 08 शावक भी देखे गए हैं इस वजह से मैनेजमेंट इफेक्टिवनेस इवेल्युएशन के आधार पर ‘बहुत अच्छा’ की श्रेणी में रखा गया है.  ऑल इंडिया टाइगर इस्टीमेशन रिपोर्ट में भी इस टाइगर रिजर्व के इकोलाॅजी की महत्ता को स्थापित की गई है.

स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फ़ोर्स का किया गया गठन 

टाइगर रिजर्व की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए 80 जवानों के स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स के गठन के साथ 600 से अधिक स्थानीय युवाओं को टाइगर ट्रैकर्स तथा एंटी पोचिंग कैम्प पर नियोजित कर जहां उन्हें रोजगार दिया गया है वहीं बाधों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की गई है. नेचर गाइड सहित अन्य गतिविधियों से भी स्थानीय युवाओं को जोड़ा गया है.



घड़ियालों के संरक्षण पर भी हो रहा है काम
टाइगर रिजर्व में गंडक नदी में घड़ियाल संरक्षण योजना के तहत कुल 6 नेस्टिंग प्वाइंट चिन्ह्ति कर उनमें से दो में 116 घड़ियाल के बच्चों को छोड़ा गया है.

उप-मुख्यमंत्री का बयान

वन पर्यावरण मंत्री सह उप-मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि यहां बाघों के अधिवास प्रबंधन के तहत 1500 हेक्टेयर में नए घास के मैदान के सृजन तथा 500 हेक्टेयर सेें खर-पतवार हटाने, वन क्षेत्र में 32 विभिन्न प्रजातियों के जानवरों की बहुलता, गर्मी के दिनों में पीने के पानी की उलब्धता के लिए 22 वाटर होल के निर्माण आदि के कारण यहां बाधों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है. उन्होंने कहा कि ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने का नतीजा रहा कि 2013-14 की 1,218 की तुलना में 2018-19 में यहां 46,424 तो 2019-20 में 83,705 पर्यटक आए.
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