बिहार: CBI की विभा कुमारी को मिला 'यूनियन होम मिनिस्ट्री' पुरस्कार, मुजफ्फरपुर शेल्टर होम कांड के जुटाए थे साक्ष्य
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बिहार: CBI की विभा कुमारी को मिला 'यूनियन होम मिनिस्ट्री' पुरस्कार, मुजफ्फरपुर शेल्टर होम कांड के जुटाए थे साक्ष्य
मुजफ्फरपुर बालिका गृहकांड में में सीबीआई जांच की बाद दिल्ली की साकेत कोर्ट ने इस मामले में जनवरी 2020 में ब्रजेश ठाकुर समेत उनके सहयोगियों के खिलाफ सजा सुनाई थी (फाइल फोटो)

मुजफ्फरपुर शेल्टर होम कांड ( Muzaffarpur Shelter Home Case) की IO रहीं CBI की इंस्पेक्टर विभा कुमारी को 2020 में बेहतर अनुसंधान के लिए ‘यूनियन होम मिनिस्ट्री’ पुरस्कार दिया गया.

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  • Last Updated: August 13, 2020, 12:34 PM IST
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पटना.  2020 में बेहतर अनुसंधान के लिए 'यूनियन होम मिनिस्ट्री' पुरस्कार से केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जिन अधिकारियों का चयन किया गया इनमें मुजफ्फरपुर शेल्टर होम कांड ( Muzaffarpur Shelter Home Rape Case) की आईओ रहीं सीबीआई की इंस्पेक्टर विभा कुमारी (Inspector Vibha Kumari of CBI) का नाम भी शामिल है. बताया जा रहा है कि विभा के प्रोपर इन्वेस्टिगेशन से ही इस मामले के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर (Brajesh Thakur) समेत 19 को लोगों को सजा मिल पाई. विभा फिलहाल सीबीआई पटना की एसीबी शाखा में बतौर इंस्पेक्टर तैनात हैं और वह मूल रूप से पटना जिला की रहने वाली हैं.

बता दें कि गृहमंत्री पदक सम्मान के लिए चयनित सीबीआइ इंस्पेक्टर विभा कुमारी ने महज पांच महीने में ही अपनी जांच पूरी कर ली और इस कांड के आरोपितों के खिलाफ  मुजफ्फरपुर के विशेष पॉक्सो कोर्ट में चार्जशीट भी दाखिल कर दी थी. कहा जातादिल्ली के साकेत स्थित विशेष पॉक्सो कोर्ट ने जिन 19 आरोपितों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई उसमें विभा के जुटाए साक्ष्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही.

बता दें कि विभा कुमारी ने वर्ष 2003 में सीबीआइ को ज्चाइन किया था. विभा को जब जांच की जिम्मेदारी मिली तो उस समय सीबीआइ ऑफिस पटना में कार्यरत थीं. बकौल विभा जब ये इस महत्वपूर्ण जांच की जिम्मेदारी दी गई तो पहले तो असहज हुईं, लेकिन फिर चुनौती मान आगे बढ़ीं. सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों के अनुसार जांच जल्दी पूरी करनी थी और पूरी गोपनीयता भी बरतनी थी.



विभा कहती हैं कि ऐसे तो कई मामलों की जांच वह कर चुकी हैं, लेकिन ये मामला संवेदनशील था और एक महिला होने के नाते चुनौतीपूर्ण भी. विशेष बात यह भी थी कि मीडिया इस मामले पर हर वक्त निगाह रख रही थी. लेकिन, सीनियर अधिकारियों ने उन्हें अच्छी टीम दी जिस कारण इन्वेस्टिगेशन में वह लगातार सही दिशा में आगे बढ़ती रहीं. गृह मंत्रालय की तरफ से दिया जाने वाले सम्मान से वे बेहद खुश हैं और इसका श्रेय पूरे विभाग को देती हैं.
गौरतलब है कि इंस्पेक्टर विभा के अलावा सीबीआई के अलग-अलग सेक्शन के एक एसपी, एक एएसपी, दो डीएसपी और 10 इंस्पेक्टरों को भी यह पुरस्कार मिला है. विभा के अनुसार इस पुरस्कार के लिए एसीबी के एसपी ने अनुशंसा की थी. इसके बाद सीबीआई ने बीते 10 साल की परफॉर्मेंस की समीक्षा की. इसके बाद इस पुरस्कार के लिए चयनित किया गया.
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