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बाराती बनकर थाने पहुंची विजिलेंस की टीम, 30 हजार की रिश्वत लेते घूसखोर पुलिसवाले को दबोचा

पटना निगरानी विभाग की टीम ने समस्तीपुर सदर अनुमंडल क्षेत्र के सरायरंजन थाना में तैनात एएसआई उमेश कुमार सिंह को 30,000 रुपया रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है (चेक शर्ट में)

पटना निगरानी विभाग की टीम ने समस्तीपुर सदर अनुमंडल क्षेत्र के सरायरंजन थाना में तैनात एएसआई उमेश कुमार सिंह को 30,000 रुपया रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है (चेक शर्ट में)

Vigilance Raid: निगरानी विभाग की टीम ने समस्तीपुर के सरायरंजने थाने में इस कार्रवाई को अंजाम दिया. शिकायतकर्ता ने जैसे ...अधिक पढ़ें

समस्तीपुर. रिश्वतखोर पुलिस अफसर को पकड़ने के लिए विजिलेंस की टीम को बिहार में बाराती का रूप बनाना पड़ा जिसके बाद टीम ने एक एएसआई को रंगे हाथों रिश्वत की रकम के साथ धर दबोचा. सोमवार को पटना निगरानी विभाग (Vigilance Department) की टीम ने समस्तीपुर में दबिश दी और सदर अनुमंडल क्षेत्र के सरायरंजन थाना में तैनात असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (एएसआई) उमेश कुमार सिंह को 30,000 रुपया रिश्वत (Bribe) लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया. निगरानी की इस कार्रवाई से पूरे पुलिस महकमे (Police Department) में खलबली मच गई है.

एएसआई को दबोचने के लिए निगरानी विभाग की टीम ने बाराती का रूप बनाया और सरायरंजन थाना में सोमवार की सुबह दस्तक दी. विजिलेंस की टीम जब थाने पहुंची तो सभी गाड़ियों पर शादी के स्टीकर लगे थे. पहले से तय वक्त के हिसाब से निगरानी विभाग की टीम समस्तीपुर के वारिसनगर थाना क्षेत्र के मथुरापुर के रहने वाले पीड़ित मोहम्मद वसीम को लेकर थाने पहुंची थी. शिकायतकर्ता जैसे ही थाना परिसर में एएसआई उमेश कुमार सिंह को बुलाकर रिश्वत दे रहा था निगरानी विभाग की टीम ने उसको रंगे हाथ दबोच लिया. पकड़े जाने पर आरोपी ने निगरानी टीम के चंगुल से छूट कर भागने का प्रयास किया लेकिन वो इसमें नाकाम रहा.

50 हजार की डिमांड, 30 हजार में डील

मिली जानकारी के मुताबिक बीते 14 जनवरी को सरायरंजन थाना क्षेत्र के वरुणा पुल के निकट पीड़ित मोहम्मद वसीम का स्कॉर्पियो वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. इसको लेकर थाना में केस दर्ज हुआ और उससे संबंधित कागजात न्यायालय में प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया था. लेकिन, इस घटना के जांचकर्ता उमेश कुमार सिंह थे और उनके द्वारा न्यायालय में आवश्यक कागजात प्रस्तुत नहीं किया जा रहा था. इसके एवज में पीड़ित से पहले 50,000 रुपये की डिमांड की गई थी जिसमें 30,000 रुपये पर बात बनी थी. पीड़ित पक्ष के द्वारा इसकी शिकायत निगरानी विभाग में की गई. मामले के सत्यापन के बाद निगरानी विभाग की टीम के द्वारा सोमवार को यह कार्रवाई की गई.

निगरानी विभाग के द्वारा पूर्व में भी की गई है कई गिरफ्तारी

बता दें कि इससे पहले, 23 नवंबर, 2021 को निगरानी विभाग की टीम ने समस्तीपुर जिले के मथुरापुर ओपी अध्यक्ष संजय कुमार सिंह और वारिसनगर अंचलाधिकारी संतोष कुमार को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था. वहीं, नौ सितंबर, 2021 को मोरवा अंचल निरीक्षक दयाशंकर प्रसाद को 50 हजार रुपए घूस लेते दबोचा था. इसके अलावा, आठ सितंबर, 2021 को विद्युत विभाग के जिला कार्यालय से बिजली विभाग के विद्युत आपूर्ति प्रशाखा एक के कनीय अभियंता राजू रजक को रिश्वत लेते रंगे हाथ कार्यालय से गिरफ्तार किया गया था.

इसी तरह 24 मार्च, 2021 को रोसड़ा में बीआरसी भवन से प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार को दस हजार रुपया घूस लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया था. 18 अप्रैल, 2019 को सरायरंजन अंचल कार्यालय में तैनात पूर्व नाजिर और उच्चवर्गीय लिपिक प्रभाकर कुमार को 8,000 रुपये रिश्वत लेते दबोचा गया था.

Tags: Bihar News in hindi, Bribe, Corruption case, Crime News, Vigilance Raid

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