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रिश्ते हुए बेजार, तो गांववालों ने दिया मां-बाप का प्यार और विदा हो गई बेटी... जानें पूरी कहानी

रिश्ते हुए बेजार, तो गांववालों ने दिया मां-बाप का प्यार और विदा हो गई बेटी... जानें पूरी कहानी

विदा होने से पहले गुड़िया अपने पति के साथ (ऊपर). शादी की रस्म के वक्त मौजूद गांव के लोग.

विदा होने से पहले गुड़िया अपने पति के साथ (ऊपर). शादी की रस्म के वक्त मौजूद गांव के लोग.

Good News: सौतेली मां ने मैट्रिक पास गुड़िया को मारपीट कर घर से निकाल दिया था. मां के प्रभाव में पिता भी चुप रहे. मझगांवा से भटकती हुई गुड़िया महेंद्र दास के घर पहुंच गई. महेंद्र दास ने गुड़िया को अपने घर में रखा और फिर गांव वालों की मदद से उसकी शादी कराई. गांववालों ने मंगल गीत गाए, पिता बनकर गुड़िया को विदा किया. रिश्ते हुए बेजार, तो गांववालों ने दिया मां-बाप का प्यार और विदा हो गई बेटी... जानें पूरी कहानी Villagers of Hajipur played social responsibility, a lovely story of a better society came out from Bihar Villagers-of-Hajipur-played-social-responsibility-a-lovely-story-of-a-better-society-came-out-from-Bihar-nodaa Story plot, Story of a destitute girl, Support of villagers, Sweet story of a better society, Bihar, Humanity is still alive, Hajipur, Nawada, Mazagona, Offbit story, Alag Hut ke, Good news, कहानी का प्लाट, एक बेसहारा लड़की की कहानी, गांववालों का सहारा, एक बेहतर समाज की प्यारी कहानी, बिहार, इनसानियत अभी जिंदा है, हाजीपुर, नवादा, मझगांवा, ऑफबिट स्टोरी, अलग हट के, गुड न्यूज, अच्छी खबर Good News: सौतेली मां ने मैट्रिक पास गुड़िया को मारपीट कर घर से निकाल दिया था. मां के प्रभाव में पिता भी चुप रहे. मझगांवा से भटकती हुई गुड़िया महेंद्र दास के घर पहुंच गई. महेंद्र दास ने गुड़िया को अपने घर में रखा और फिर गांव वालों की मदद से उसकी शादी कराई. गांववालों ने मंगल गीत गाए, पिता बनकर गुड़िया को विदा किया. खुशरुपुर. हर लड़की के नसीब में मां-बाप के होते हुए भी 'बाबुल की दुआएं' नहीं होतीं. गुड़िया भी ऐसी ही लड़कियों में एक थी. लेकिन गुड़िया की किस्मत अच्छी थी कि उसे हाजीपुर के गांववालों ने कहा 'हाजीपुर की दुआएं लेती जा, जा तुझको सुखी संसार मिले...'. मंझगांवा की गुड़िया की यह कहानी समाज के निभाए गए अपने सरोकार की मीठी मिसाल बन गई है. मैट्रिक पास गुड़िया नवादा जिले के मझगांवा गांव में रहती थी. उसके पिता और सौतेली मां ने उसे मारपीट कर घर से निकाल दिया था. तब भटकती हुई गुड़िया ट्रेन में बैठ गई और हाजीपुर पहुंच गई. किसी तरह वह दिघी पूर्वी गांव में महेंद्र दास के घर पहुंची. भूखी प्यासी गुड़िया रो रही थी, तो महेंद्र दास की पत्नी ने उससे रोने की वजह पूछी. गुड़िया आपबीती सुनाकर रोने लगी. तब महेंद्र दास की पत्नी ने गुड़िया को अपने पास रख लिया. इस दंपति ने गुड़िया को मां-बाप का प्यार दिया. इस बीच किसी एक रोज महेंद्र दास ने दिघी पूर्वी पंचायत की मुखिया आशा देवी और उनके बेटे रवि प्रकाश उर्फ टिंकू को गुड़िया की कहानी सुनाई. रवि प्रकाश ने गुड़िया की पूरी जानकारी लेने के बाद थाने को सुपुर्द करने की बात कही. लेकिन गुड़िया न तो थाने जाने को राजी हुई और न अपने मां-बाप के घर मझगांवा. उसने खुद को महेंद्र दास के घर में सुरक्षित बताया. तब दिघी पूर्वी की मुखिया आशा देवी और उनके बेटे रवि प्रकाश ने महेंद्र दास को सुझाव दिया कि गुड़िया की शादी कर दी जाए. फिर गुड़िया की शादी के लिए गांववालों ने लड़के की तलाश शुरू की. यह तलाश पूरी हुई सारण जिले के सबलपुर में. यहां के रहनेवाले कमल राय का भांजा अलख राय इस शादी के लिए तैयार हो गया. रवि प्रकाश ने बताया कि ग्रामिणों की सहयोग से गुड़िया की शादी स्वजातीय अलख राय के साथ हिन्दू रितिवाज के अनुसार मुखिया आशा देवी के आवासीय परिसर में हुई. पूरे विधि विधान के साथ गुरुवार को हुई इस शादी में कई जनप्रतिनिधियों और सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे. गांव की महिलाओं ने शादी के मौके पर मंगल गीत गाए. गुड़िया की इस शादी में लड़की पक्ष की भूमिका महेंद्र दास और मुखिया आशा देवी, रविप्रकाश और उनकी पत्नी पूजा लक्ष्मी ने निभाई. गुड़िया की शादी में छेका, तिलक जैसे सारे रस्म निभाए गए. महेंद्र दास और उनकी पत्नी ने कन्यादान किया. ग्रामीणों ने अपने सामर्थ्य के अनुसार लड़की को उपहार, कपड़े और आभूषण दिए. मझगांवा की गुड़िया ने अपने अतीत को याद करते हुए बताया कि वह मैट्रिक पास है. उसके पिता जगत किशोर राय और उसकी सौतेली मां उसे हमेशा पीटा करते थे. 5 जनवरी को उसकी सौतेली मां ने मारपीट कर घर से निकाल दिया. पटना से होते हुए हाजीपुर के दिघी पूर्वी स्थिति वह वॉर्ड 7 में महेंद्र दास के यहां पहुंच गई थी. गुड़िया ने कहा कि रवि प्रकाश ने मेरी मर्जी से शादी कराई गई है. मै इस शादी से खुश हूं. गुड़िया के पति अलख राय ने कहा कि वह भी इस शादी से खुश है. रवि प्रकाश के मुताबिक, इस पूरे घटना की जानकारी स्थानीय पुलिस को भी दी गई है.

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खुशरुपुर. हर लड़की के नसीब में मां-बाप के होते हुए भी ‘बाबुल की दुआएं’ नहीं होतीं. गुड़िया भी ऐसी ही लड़कियों में एक थी. लेकिन गुड़िया की किस्मत अच्छी थी कि उसे हाजीपुर के गांववालों ने कहा ‘हाजीपुर की दुआएं लेती जा, जा तुझको सुखी संसार मिले…’. मंझगांवा की गुड़िया की यह कहानी समाज के निभाए गए अपने सरोकार की मीठी मिसाल बन गई है.

मैट्रिक पास गुड़िया नवादा जिले के मझगांवा गांव में रहती थी. उसके पिता और सौतेली मां ने उसे मारपीट कर घर से निकाल दिया था. तब भटकती हुई गुड़िया ट्रेन में बैठ गई और हाजीपुर पहुंच गई. किसी तरह वह दिघी पूर्वी गांव में महेंद्र दास के घर पहुंची. भूखी प्यासी गुड़िया रो रही थी, तो महेंद्र दास की पत्नी ने उससे रोने की वजह पूछी. गुड़िया आपबीती सुनाकर रोने लगी. तब महेंद्र दास की पत्नी ने गुड़िया को अपने पास रख लिया. इस दंपति ने गुड़िया को मां-बाप का प्यार दिया. इस बीच किसी एक रोज महेंद्र दास ने दिघी पूर्वी पंचायत की मुखिया आशा देवी और उनके बेटे रवि प्रकाश उर्फ टिंकू को गुड़िया की कहानी सुनाई. रवि प्रकाश ने गुड़िया की पूरी जानकारी लेने के बाद थाने को सुपुर्द करने की बात कही. लेकिन गुड़िया न तो थाने जाने को राजी हुई और न अपने मां-बाप के घर मझगांवा. उसने खुद को महेंद्र दास के घर में सुरक्षित बताया.

तब दिघी पूर्वी की मुखिया आशा देवी और उनके बेटे रवि प्रकाश ने महेंद्र दास को सुझाव दिया कि गुड़िया की शादी कर दी जाए. फिर गुड़िया की शादी के लिए गांववालों ने लड़के की तलाश शुरू की. यह तलाश पूरी हुई सारण जिले के सबलपुर में. यहां के रहनेवाले कमल राय का भांजा अलख राय इस शादी के लिए तैयार हो गया. रवि प्रकाश ने बताया कि ग्रामिणों की सहयोग से गुड़िया की शादी स्वजातीय अलख राय के साथ हिन्दू रितिवाज के अनुसार मुखिया आशा देवी के आवासीय परिसर में हुई. पूरे विधि विधान के साथ गुरुवार को हुई इस शादी में कई जनप्रतिनिधियों और सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे. गांव की महिलाओं ने शादी के मौके पर मंगल गीत गाए.

गुड़िया की इस शादी में लड़की पक्ष की भूमिका महेंद्र दास और मुखिया आशा देवी, रविप्रकाश और उनकी पत्नी पूजा लक्ष्मी ने निभाई. गुड़िया की शादी में छेका, तिलक जैसे सारे रस्म निभाए गए. महेंद्र दास और उनकी पत्नी ने कन्यादान किया. ग्रामीणों ने अपने सामर्थ्य के अनुसार लड़की को उपहार, कपड़े और आभूषण दिए.

मझगांवा की गुड़िया ने अपने अतीत को याद करते हुए बताया कि वह मैट्रिक पास है. उसके पिता जगत किशोर राय और उसकी सौतेली मां उसे हमेशा पीटा करते थे. 5 जनवरी को उसकी सौतेली मां ने मारपीट कर घर से निकाल दिया. पटना से होते हुए हाजीपुर के दिघी पूर्वी स्थिति वह वॉर्ड 7 में महेंद्र दास के यहां पहुंच गई थी. गुड़िया ने कहा कि रवि प्रकाश ने मेरी मर्जी से शादी कराई गई है. मै इस शादी से खुश हूं. गुड़िया के पति अलख राय ने कहा कि वह भी इस शादी से खुश है. रवि प्रकाश के मुताबिक, इस पूरे घटना की जानकारी स्थानीय पुलिस को भी दी गई है.

Tags: Bihar News, Ideal marriage

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