बिहार: निचली अदालतों में जमानत अर्जी पर होगी वर्चुअल सुनवाई, पटना हाइकोर्ट ने माना अतिआवश्यक न्यायिक कार्य

बिहार में निचली अदालतों में जमानत अर्जी पर आज से वर्चुअल सुनवाई

बिहार में निचली अदालतों में जमानत अर्जी पर आज से वर्चुअल सुनवाई

Bihar News: उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद पटना के जिला और सत्र न्यायाधीश ने आरोपियों की जमानत और अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई वर्चुअल मोड में शुरू करने का निर्देश जिले के सभी न्यायिक पदाधिकारियों को दिया है.

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पटना. पिछले कई दिनों से आरोपियों की जमानत अर्जी और अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई बंद थी और न ही जमानत अर्जी दायर हो रही थी. अदालतों में केवल अति आवश्यक मामलों में पुलिस द्वारा आपराधिक मामले में गिरफ्तार आरोपियों को जेल भेजने का न्यायिक कार्य कोर्ट द्वारा किया जा रहा था.  लेकिन हजारों की संख्या में जेल में बंद आरोपियों को अब बड़ी राहत मिली है. पटना उच्च न्यायालय ने स्पष्ट कर दिया है कि आरोपितों की जमानत अर्जी पर सुनवाई भी अति आवश्यक न्यायिक कार्य की श्रेणी में आता है. लिहाजा सभी निचली अदालतों में जमानत अर्जी पर वर्चुअल मोड में सुनवाई की जाएगी.

पटना उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद पटना के जिला और सत्र न्यायाधीश ने आज से आरोपियों की जमानत और अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई वर्चुअल मोड में शुरू करने का निर्देश जिले के सभी न्यायिक पदाधिकारियों को दिया है. इसके अलावा सभी जिले के सभी न्यायालय कर्मी को इसकी तैयारी करने का भी निर्देश दिया गया है. कोर्ट की वेबसाइट और मुकदमों के लिए सीआईएस पर मुकदमों की तारीख प्रतिदिन के आदेश और अन्य आदेश को तुरंत अपडेट करने का निर्देश जिले के सिस्टम अधिकारी कर्मचारी और पेशकार को दिया गया है.

दरअसल कई मुकदमों का आदेश और तारीख अपडेट नहीं रहने के कारण अधिवक्ताओं को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है. पक्षकार, पैरवीकार और अधिवक्ताओं को महामारी में मुकदमों की लेटेस्ट जानकारी लेने के लिए दौड़ भाग करनी पड़ती है. इधर पटना जिला अधिवक्ता संघ ने अपने फैसले में 27 से 29 मई तक वर्चुअल मोड में न्यायिक कार्य में सहयोग करने और भौतिक रूप से न्यायिक कार्य से अलग रहने का फैसला लिया है. इसके साथ ही अधिवक्ता संघ का परिसर और संपूर्ण कार्यालय पूरी तरह से बंद रहेगा.

संघ ने सभी सदस्य अधिवक्ताओं से अपने घर से ही वर्चुअल मोड में न्याय कार्य करने और कोर्ट को सहयोग करने का आग्रह किया है. कोरोना को लेकर पिछले 1 साल से बिहार के सभी निचली अदालतों में न्यायिक कार्य बाधित चल रहा है. अब हाईकोर्ट के फैसले के बाद फिर से निचली अदालतों में न्यायिक कार्य की सक्रियता बढ़ जाएगी.

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