छपरा के कई इलाकों में घुसा बाढ़ का पानी, कोसी क्षेत्र में भी बढ़ा खतरा

कोसी इलाके में भी प्रत्येक वर्ष की तरह बाढ़ का खतरा बढ़ रहा है. कोसी के जलस्तर में इजाफा होना शुरू हुआ, वैसे ही खतरनाक बिन्दुओं पर कटाव का दवाब बढ़ना शुरू हो गया.

News18 Bihar
Updated: September 13, 2018, 10:40 AM IST
छपरा के कई इलाकों में घुसा बाढ़ का पानी, कोसी क्षेत्र में भी बढ़ा खतरा
कोशी से कटाव का नजारा
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Updated: September 13, 2018, 10:40 AM IST
बिहार के कई इलाकों में बाढ़ का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है. छपरा जिले में गंगा में आये उफान के बाद जहां कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं, वहीं सहरसा समेत कोसी के कई इलाकों में भी लगातार बाढ़ का खतरा लगातार बना हुआ है. छपरा के रिविलगंज के प्रभुनाथ नगर पंचायत के कई गांव बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं. पानी लोगों के घरों में घुस चुका है, लेकिन प्रशासन ने अभी तक राहत और बचाव कार्य शुरू नहीं किया है.

प्रभुनाथ नगर पंचायत में पंचायत भवन सहित तमाम सरकारी भवनों में बाढ़ का पानी घुस गया है जिससे लोग अपने घरों से पलायन कर रहे हैं. इस मामले में जब सारण जिले के डीएम से बात की गई तो उन्होंने बताया कि बाढ़ का पानी लगातार घट रहा है. डीएम ने दावा किया है कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में पर्याप्त नावों का परिचालन हो रहा है.

कोसी के इलाके में भी प्रत्येक वर्ष की तरह बाढ़ का खतरा बढ़ रहा है. कोसी के जलस्तर में इजाफा शुरू हुआ, वैसे ही खतरनाक बिन्दुओं पर कटाव का दवाब बढ़ना भी शुरू हो गया. पूर्वी तटबंध के पहारपुर गांव के समीप 78.30 किमी पर स्थित पुराने तटबंध के आसपास लूप बनाते हुए नदी काफी नजदीक आ गयी है.

इलाके के स्पर नोज एवं E2 के बीच 150 से 200 मीटर बीच कटाव हो रहा है, हालांकि जल संसाधन विभाग के अधिकारी कटाव स्थल पर कैम्प कर रहे हैं. यदि कटाव से पुराना तटबंध ध्वस्त हो जाता है तो सीधा दबाव मुख्य बांध पर बढ़ जायेगा, ऐसे में खतरा बढ़ जायेगा. कटाव स्थल पर मौजूद मुख्य अभियंता की मानें तो जल संसाधन विभाग की पूरी टीम लगी हुई है कोई दहशत में नहीं है.

इनपुट- संतोष गुप्ता, कुमार अनुभव
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