बिहार: चक्रवाती तूफान 'यास' को लेकर जल संसाधन विभाग अलर्ट, CM नीतीश ने बैठक कर लिया तैयारियों का जायजा 

चक्रवाती तूफान यास को लेकर जल संसाधन विभाग के मंत्री व अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए सीएम नीतीश कुमार.

Weather Alert Updates: बिहार में प्री मानसून का वक़्त है और अगले महीने प्रदेश में मानसून भी प्रवेश कर जाएगा. ऐसे वक्त में बिहार के कई जिले बाढ़ से प्रभावित होते हैं. इससे निपटने को लेकर जल संसाधन विभाग तैयारी में लगा हुआ है.

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पटना. चक्रवाती तूफ़ान यास अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है. 27 मई से बिहार के कई ज़िलों पर यास का असर पड़ना तय माना जा रहा है. कई जिलों में तो 25 मई से ही रुक-रुककर बारिश हो रही है. वहीं, राजधानी पटना सहित उत्तर व दक्षिण बिहार के कई जिलों में बारिश हो रही है. इसे देखते हुए बिहार सरकार भी अलर्ट मोड पर है.  वो तमाम उपाय किए जा रहे हैं जिससे इस तूफ़ान का जानमाल पर कम से कम असर पड़े. इस बीच जल संसाधन विभाग भी संभावित आपदा से निबटने की तैयारी कर रही है. इसी बाबत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जल संसाधन विभाग की समीक्षा बैठक की.

दरअसल बिहार का जल संसाधन विभाग भी यास को लेकर बेहद सतर्क है. बिहार में प्री मानसून का वक़्त है और अगले महीने प्रदेश में मानसून भी प्रवेश कर जाएगा. ऐसे वक्त में बिहार के कई जिले बाढ़ से प्रभावित होते हैं. इससे निपटने को लेकर जल संसाधन विभाग तैयारी में लगा हुआ है. वहीं,  बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान "यास" का असर बिहार में भी 27 से 30 मई के बीच पड़ने की संभावना है. इस बात को लेकर भी जल संसाधन मंत्री संजय झा लगातार हालात पर नज़र रख जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को ज़रूरी निर्देश दे रहे हैं.

बिहार सरकार की नज़र उन ज़िलों पर सबसे ज़्यादा है जहां यास का असर ज़्यादा पड़ने के आसार हैं. ख़ासकर बंगाल से सटे हुए इलाक़ों और नदियों वाले ज़िलों पर सरकार राहत व बचाव पर फोकस कर रही है. मौसम विभाग की माने तो  इस दौरान राज्य के कुछ जिलों में अत्यधिक वर्षापात होने की सम्भावना है.  इसके  मद्देनजर Water Resources Department, Government of Bihar के मुख्यालय व फील्ड के अधिकारी और अभियंता को अलर्ट पर रखा गया है. जल संसाधन  विभाग की ओर से कई और एहतियाती कदम भी उठाये गये हैं.

जल संसाधन विभाग के अंतर्गत सभी बराज के पास और दक्षिण बिहार के सभी 23 जलाशयों और उसके निम्न प्रवाह में नदी के जलस्तर की सूक्ष्म मॉनिटरिंग करने और हर 03 घंटे पर मुख्यालय को अपडेट भेजने को भी कहा गया है ताकि हालात की पल पल की जानकारी मिलते रहे. यास के असर से बिहार के कुछ जिलों में अत्यधिक वर्षापात के पूर्वानुमान के मद्देनजर किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी संवेदनशील स्थलों पर बाढ़ जैसे हालात से निपटने के लिए  सामग्री का पूरा  भंडारण और पर्याप्त संख्या में मैन पावर की व्यवस्था भी करने का निर्देश जल संसाधन मंत्री संजय झा ने दिया है.