क्या बिहार की पॉलिटिक्स में फिर लौट रहे हैं प्रशांत किशोर? जानें नीतीश-ममता में क्यों की तुलना

नीतीश कुमार, ममता बनर्जी और प्रशांत किशोर (फाइल फोटो)

नीतीश कुमार, ममता बनर्जी और प्रशांत किशोर (फाइल फोटो)

West Bengal Election: प्रशांत किशोर ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस और ममता बनर्जी के पक्ष में महिलाएं बड़ी संख्‍या मे निकलकर आ रही हैं. मैंने 8-10 साल के अनुभव में किसी नेता को महिलाओं में इतना लोकप्रिय नहीं देखा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 13, 2021, 10:43 AM IST
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पटना. क्लब हाउस एप पर की गई चैट जब से सोशल मीडिया पर वायरल हुई है, तभी से चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर विभिन्न मीडिया समूहों को लगातार इंटरव्यू दे रहे हैं और अपना रुख साफ कर कर रहे हैं. पश्चिम बंगाल में भाजपा के उभार और पीएम नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता को लेकर उनकी कही गई बातों के वायरल ऑडियो को लेकर प्रशांत किशोर ने कहा कि उस ऑडियो में मैंने ऐसा कुछ नहीं कहा जो पब्लिक प्लेटफॉर्म न कहा गया हो. पीके ने एक बार फिर दावा किया कि पश्चिम बंगाल में कठिन मुकाबले के बावजूद ममता बनर्जी फिर से सरकार बनाने जा रही हैं और भाजपा 100 के आंकड़े के पार नहीं जाएगी. इसी दौरान एक निजी चैनल से बातचीत के दौरान उन्होंने अपने भविष्य के बारे में भी बातें कहीं.

एक निजी न्यूज चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा कि आने वाले समय में वह पॉलिटिक्स में जरूर आएंगे. उनसे जब पूछा गया कि क्या वह बिहार की राजनीति में वापस आ रहे हैं? उन्होंने कहा कि मैं राजनीति में जरूर जाऊंगा इतना तय है, लेकिन कहां जाऊंगा, कैसे जाऊंगा, बिहार जाऊंगा, बाहर जाऊंगा यह अभी तय नहीं है. बता दें कि पीके ने नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू जॉइन की थी, लेकिन बाद में वह पार्टी से बाहर कर दिए गए थे.

PK सक्रिय राजनीति में क्यों हुए फ्लॉप?

PK के नाम से मशहूर प्रशांत किशोर ने जेडीयू के उपाध्यक्ष बनाए जाने और हटाए जाने पर कहा कि मैंने राजनीति में एक शुरुआत की थी, लेकिन उसमें बुरी तरह फेल हो गया. फिलहाल अभी जो मैं कर रहा हूं मैं उसमें ऑक्यूपाइड हूं. 2 मई को चुनाव नतीजे आने के बाद दोबारा सोचेंगे कि आगे कैसे बढ़ना है. थोड़ी बहुत जो सीख मिली है उसको आत्मसात करते हुए बेहतर तरीके से तैयारी करेंगे. बता दें कि पीके ने जेडीयू से निकाले जाने के बाद 'बात बिहार की' नामक कार्यक्रम के जरिये बिहार में सोशल प्लेटफॉर्म के जरिये युवाओं से भी जुड़ने की कवायद की थी, लेकिन यह कार्यक्रम भी फिलहाल ठंडे बस्ते में है.
ममता बनर्जी की जीत का पीके का दावा

बहरहाल, प्रशांत किशोर ने इस बातचीत में आगे कहा कि पश्चिम बंगाल में भाजपा को 34-35 से 40-41 प्रतिशत तक मत आ सकते हैं और वह टीएमसी को टफ फाइट दे रही है. उन्होंने इसकी कई वजहें भी बताईं. इनमें पीएम मोदी की लोकप्रियता, एससी में भाजपा की पैठ, मतुआ समाज का समर्थन और ध्रुवीकरण बड़े फैक्टर हैं. उन्होंने यह भी कहा कि हिंदी भाषियों पर भी बीजेपी की बड़ी पकड़ है, लेकिन तृणमूल कांग्रेस को 45 प्रतिशत से अधिक मत आएंगे और सरकार भी ममता बनर्जी की ही बनेगी इसका मुझे पूरा विश्वास है.

ममता बनर्जी और CM नीतीश में क्या है समानता?



पीके ने कहा कि महिलाओं में एक डिस्टिंक्ट वोट ममता दीदी को है. महिलाओं में ममता बनर्जी को जितना समर्थन है, उतना किसी और को नहीं है. सात-आठ साल के इस करियर में मैंने यही देखा है कि ममता बनर्जी महिलाओं में काफी लोकप्रिय हैं. सीएम नीतीश कुमार का जिक्र करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि हालांकि बिहार में नीतीश कुमार को अधिकतर महिलाओं का समर्थन प्राप्त है, लेकिन ममता बनर्जी के लिए बंगाल में यह फैक्टर नीतीश कुमार की बिहार में लोकप्रियता से ज्यादा है.

किसी भी विरोधी को कमजोर नहीं मानते पीके

प्रशांत किशोर ने कहा कि तृणमूल और ममता के पक्ष में महिलाएं बड़ी संख्‍या मे निकलकर आ रही हैं. मैंने 8-10 साल के अनुभव में किसी नेता को महिलाओं में इतना लोकप्रिय नहीं देखा है, जितनी ममता हैं. मेरा आकलन है कि ममता बनर्जी जीत रही हैं, बड़े मार्जिन से जीत रही हैं. प्रशांत किशोर ने कहा कि एक मैनेजर के तौर पर मेरा अपना तरीका है कि मेरा जिसके खिलाफ काम्पटीशन है, उसको मैं कम करके नहीं आंकता हूं. मेरी रणनीति यही बताती है कि हमें अपने विरोधी को अंडर एस्टीमेट नहीं करना है.
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