बिहार: सातवीं बार CM बने नीतीश कुमार का 7 अंक से क्या खास है नाता! 7 प्वाइंट में जानें

सातवीं बार मुख्यमंत्री बने नीतीश कुमार
सातवीं बार मुख्यमंत्री बने नीतीश कुमार

विधानसभा चुनाव में जनता दल यूनाइटेड (JDU) भले ही एनडीए में छोटे भाई की भूमिका में आ गई है, लेकिन सातवीं बार सीएम बने नीतीश कुमार (Nitish Kumar) की पार्टी ने 43 सीटें जीती हैं. इसका अंक अगर जोड़ें तो 4+3=7 ही आता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 16, 2020, 9:19 PM IST
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पटना. ऐसे तो अक्सर सात अंक की पहचान प्रसिद्ध क्रिकेट खिलाड़ी महेंद्र सिंह धोनी (Mahendra Singh Dhoni) के नाम से जुड़ता है. अपने क्रिकेट करियर में बेहद सफल रहे धोनी अपने लिए सात अंक की जर्सी का इस्तेमाल करते रहे हैं. लेकिन, इस सात अंक का नाता बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) से भी जुड़ता है. दरअसल नीतीश कुमार का सात अंक का खास रिश्ता रहा है. उनके राजनीतिक जीवन में सात अंक काफी अहम पड़ाव साबित हुआ है. आइये ऐसे ही कुछ ऐसी बातों पर नजर डालते हैं जिसमें सीएम नीतीश का सात अंक से खास नाता निकलकर आता है.

समता पार्टी ने पहली बार 7 सीट जीती- 1994 में नीतीश कुमार और दूसरे नेताओं ने लालू प्रसाद यादव का विरोध करते हुए समता पार्टी का गठन किया था. उस वक्त हरे रंग के झंडे पर तीर का निशान चुनाव चिन्ह था और तब नीतीश की समता पार्टी ने समता पार्टी ने 310 पर चुनाव लड़ा था, लेकिन खास बात यह कि उसे सात सीटों पर जीत प्राप्त हुई थी.

पहली बार 7 दिन के लिए सीएम बने-  नीतीश कुमार (Nitish Kumar) पहली बार 3 मार्च 2000 को बिहार के मुख्यमंत्री बने थे, लेकिन बहुमत नहीं होने के कारण उनको 7 दिन बाद ही 10 मार्च को इस्तीफा देना पड़ा था.




रेल मंत्री रहते सप्त क्रांति एक्सप्रेस चलवाई- दिल्ली के आनंद विहार से बिहार के मुजफ्फरपुर के लिए रोजाना एक ट्रेन चलती है. इसका नाम है ‘सप्तक्रांति एक्सप्रेस’. वर्ष 2002 में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में रेल मंत्री रहे बिहार के वर्तमान सीएम नीतीश कुमार ने प्रखर समाजवादी चिंतक डॉ राम मनोहर लोहिया की सप्त क्रांति से प्रेरित होकर  इसकी शुरुआत की थी.

ये हैं लोहिया की सात क्रांतियां
डॉ. लोहिया अनेक सिद्धांतों, कार्यक्रमों और क्रांतियों के जनक रहे हैं. वे सभी अन्यायों के विरुद्ध एक साथ जेहाद बोलने के पक्षपाती थे. उन्होंने एक साथ सात क्रांतियों का आह्वान किया. वे सात क्रान्तियां ये थीं…
1. नर-नारी की समानता के लिए
2. चमड़ी के रंग पर रची राजकीय, आर्थिक और दिमागी असमानता के खिलाफ
3. संस्कारगत, जन्मजात जातिप्रथा के खिलाफ और पिछड़ों को विशेष अवसर के लिए
4. परदेसी गुलामी के खिलाफ और स्वतन्त्रता तथा विश्व लोक-राज के लिए,
5. निजी पूंजी की विषमताओं के खिलाफ और आर्थिक समानता के लिए तथा योजना द्वारा पैदावार बढ़ाने के लिए,
6. निजी जीवन में अन्यायी हस्तक्षेप के खिलाफ और लोकतंत्री पद्धति के लिए,
7. अस्त्र-शस्त्र के खिलाफ और सत्याग्रह के लिए

नीतीश कुमार की सबसे खास योजना 7 निश्चय-  मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार के विकास के लिए अपने छठे कार्यकाल में राज्य के लिए सात निश्चय योजना की शुरुआत की थी. इसके तहत घरों में नल का पानी, शौचालय का निर्माण, बिजली कनेक्शन, पक्की गलियां और नालियां, युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्तिकरण बनाना और सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण का वादा शामिल था. इस बार भी पार्ट टू योजना वह लेकर आए हैं.

इस बार जदयू को 43 सीट मिली (4+3=7)- इस बार के विधानसभा चुनाव में जनता दल यूनाइटेड भले ही एनडीए में छोटे भाई की भूमिका में आ गई है, लेकिन सातवीं बार सीएम बने नीतीश कुमार की पार्टी ने 43 सीटें जीती हैं. इसका अंक अगर जोड़ें  तो 4+3=7 ही आता है.

आज सातवीं बार बिहार के सीएम पद की शपथ- 3 मार्च 2000 से 10 मार्च 2000 तक 24 नवंबर 2005 से 24 नवंबर 2010 तक 26 नवंबर 2010 से 17 मई 2014 तक. फरवरी 2015 से 19 नवंबर 2015 तक. 20 नवंबर 2015 से 26 जुलाई 2017 तक. 27 जुलाई 2017 से 15 नवंब 2020 तक. 16 नवंबर 2020 को उन्होंने सातवीं बार सीएम पद की शपथ ली.

आज 16 तारीख है, इसका भी योग 7-  जब सीएम नीतश कुमार ने सातवीं बार सीएम पद की शपथ ली तो तारीख 16 नवंबर रही. सबसे खास बात यह रही कि इस तारीख का कुल जोड़ 1+6= 7 होता है. यानी सातवीं बार सीएम बनने तक भी सात अंक से सीएम नीतीश का खास नाता बना रहा.
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