स्मृति शेष: जब लालजी टंडन ने CM नीतीश से कहा था- आप मेरे पुराने मित्र हैं...
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स्मृति शेष: जब लालजी टंडन ने CM नीतीश से कहा था- आप मेरे पुराने मित्र हैं...
लालजी टंडन ने 23 अगस्त 2018 को बिहार के राज्यपाल के तौर पर शपथ ली थी. ( (फाइल फोटो)

21 अगस्त 2018 को जब लालजी टंडन (Lalji Tandon) को बिहार का राज्यपाल बनाए जाने की बात पता चली तो चारों तरफ से बाधाईयां व शुभकामनाएं आने लगीं. इसी क्रम में सीएम नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) ने भी फोन किया.

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  • Last Updated: July 21, 2020, 11:24 AM IST
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पटना. 'बाबूजी नहीं रहे'... मध्य प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन (Lalji Tandon) के बेटे और उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री आशुतोष टंडन (Ashutosh Tandon) ने ट्विटर पर अपने पिता की मृत्यु की पुष्टि की और इसके साथ ही  भारत ने लोकप्रिय जननेता, योग्य प्रशासक व प्रखार समाज सेवी खो दिया. उनके निधन की खबर से राजनीतिक-सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई. बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि लालजी टंडन एक कुशल प्रशासक और लोकप्रिय नेता थे. उनके निधन से राजनीतिक और सामाजिक जीवन में अपूरणीय क्षति हुई है. बता दें कि दिवंगत लालजी टंडन बिहार के भी राज्यपाल रह चुके थे. 23 अगस्त 2018 में बिहार का गवर्नर (Governor of Bihar) पद की शपथ लेने से पहले आज उनकी कही गई एक खास बात बिहार की राजनीतिक गलियारों में याद किया जा रहा है.

जब लालजी टंडन ने सीएम नीतीश से कहा...
दरअसल 21 अगस्त 2018 को जब उन्हें बिहार का राज्यपाल बनाए जाने की बात पता चली तो चारों तरफ से बाधाईयां व शुभकामनाएं आने लगीं. लालजी टंडन के लखनऊ स्थि आवास पर मीडिया वालों का जमावड़ा था और हर कोई  इंटरव्यू  लेने की कोशिश में था. इसी बीच टंडन के सहयोगी संजय चौधरी ने उन्हें फोन पकड़ाते हुए बोला, 'नीतीश कुमार जी'. बिहार के सीएम नीतीश कुमार (Bihar CM Nitish Kumar) ने उन्हें बधाई दी. औपचारिक कुशल क्षेम पूछने के बाद लालजी टंडन ने सीएम नीतीश से फोन पर कहा था, आप मेरे पुराने मित्र हैं, संविधान के दायरे में जो भी संभव होगा, उसके जरिए आपके साथ मिलकर बिहार को आगे बढ़ाएंगे.

बिहार में उच्च शिक्षा में सुधार के कई कार्य किए
दिवंगत लालजी टंडन की इस बात की चर्चा आज तक बिहार में होती है. दरअसल वर्ष 2019 में मध्य प्रदेश का राज्यपाल नियुक्त किए जाने तक वो बिहार में भी काफी लोकप्रिय थे और उन्होंने उच्च शिक्षा में सुधार के लिए कई अहम फैसले भी लिए थे. बता दें कि लखनऊ में 1935 में जन्मे लालजी टंडन भारतीय जनता पार्टी से थे. उत्तर प्रदेश विधान परिषद का दो बार सदस्य रहे. 1996 से 2009 के बीच तीन बार उत्तर प्रदेश से ही विधान सभा के सदस्य निर्वाचित हुए थे.



अटल बिहारी वाजपेयी के करीबी थे लालजी टंडन
लाल जी टंडन यूपी में कल्याण सिंह की सरकार और मायावती की बीएसपी-बीजेपी गठबंधन सरकार में मंत्री भी रहे. 2003 से 2007 तक उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता विपक्ष भी रहे. तब प्रदेश में समाजवादी पार्टी नेता मुलायम सिंह यादव की सरकार थी. 2009 में वे लखनऊ से लोकसभा सदस्य निर्वाचित हुए. ये सीट इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सीट थी जहां से वे लगातार चार बार सांसद रहे.

अटल बिहारी वाजपेयी को कभी नहीं भूले लालजी टंडन
2018 में उन्हें बिहार का राज्यपाल बनाया गया था. इसके अगले साल वो मध्य प्रदेश के राज्यपाल बनाए गए.पार्षद से सांसद बनने तक के उनके सफर में द‍िवंगत पूर्व प्रधानमंत्री अटल ब‍िहारी वाजपेयी का बड़ा योगदान रहा था. राज्यपाल बनाए जाने के बाद उन्होंने द‍िवंगत पूर्व प्रधानमंत्री अलटजी को याद करते हुए  कहा था कि अगर आज वह होते तो बहुत प्रसन्न होते.
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