कौन हैं मिथिला पेंटिंग की शिल्पगुरु पद्म श्री गोदावरी दत्त ? पढ़ें

गोदावरी दत्त पिछले 5 दशक से बिहार मधुबनी में मिथिला पेंटिंग पर काम कर रही हैं. बड़ी संख्या में लोग मधुबनी पेंटिंग इनसे सीखने आते हैं. अबतक वे कई बार अलग-अलग देशों का दौरा कर चुकी हैं. विदेश में इस शिल्प को स्थापित कर चुकी हैं.

News18 Bihar
Updated: January 26, 2019, 12:26 PM IST
कौन हैं मिथिला पेंटिंग की शिल्पगुरु पद्म श्री गोदावरी दत्त ? पढ़ें
गोदावरी दत्त (फाइल फोटो)
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Updated: January 26, 2019, 12:26 PM IST
मिथिला पेंटिंग की शिल्पगुरु मानी जाने वाली गोदावरी दत्त को पद्मश्री पुरस्कार देने की घोषणा की गई है.  90 साल की गोदावरी दत्त ने मिथिला पेंटिग को घर से निकालकर देश दुनिया में पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई है. काफी वृद्ध होने के बाद भी वह अपनी पेंटिंग के हुनर से ऐसी पेंटिंग बनाती हैं कि देखने वाले मंत्रमुग्ध हो जाते हैं.

गोदावरी दत्त पिछले 5 दशक से बिहार मधुबनी में मिथिला पेंटिंग पर काम कर रही हैं. बड़ी संख्या में लोग मधुबनी पेंटिंग इनसे सीखने आते हैं. अबतक वे कई बार अलग-अलग देशों का दौरा कर चुकी हैं. विदेश में इस शिल्प को स्थापित कर चुकी हैं.

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उन्होंने हाल ही में बिहार म्यूजियम में एक बड़ी पेंटिंग उकेर कर खूब प्रसिद्धि बटोरी है.  इनकी पेंटिंग जापान के मिथिला म्यूजियम में भी प्रदर्शित की गई है.

गोदावरी दत्त का जन्म एक निम्न मध्यम वर्गीय कायस्थ परिवार में दरभंगा के लहेरियासराय में 1930 में हुआ था. इनका विवाह मधुबनी के रांटी गांव में उपेन्द्र दत्त से हुआ.  जहां से उनकी पेंटिंग्स की यात्रा शुरू हुई. इससे पहले भी दत्त को दर्जनों राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं.

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First published: January 26, 2019, 12:25 PM IST
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