Assembly Banner 2021

चिराग पासवान ने क्यों कर दिया अपने चचेरे भाई प्रिंस का कद छोटा, पढ़ेंं इनसाइड स्टोरी

एलजेपी मुखिया चिराग पासवान ने राजू तिवारी को पार्टी की बिहार इकाई का नया कार्यकारी अध्यक्ष बना दिया है.

एलजेपी मुखिया चिराग पासवान ने राजू तिवारी को पार्टी की बिहार इकाई का नया कार्यकारी अध्यक्ष बना दिया है.

एलजेपी पार्टी के मुखिया चिराग पासवान ने दो दिन पहले एक बड़ा फैसला लेते हुए अपने चचेरे भाई और समस्तीपुर के सांसद प्रिंस राज के पावर में कटौती कर दी. पूर्व विधायक राजू तिवारी को बिहार एलजेपी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया है. चिराग के इस फैसले से पार्टी में नए सिरे से नाखुशी पनप सकती है.

  • News18 Bihar
  • Last Updated: February 26, 2021, 12:10 AM IST
  • Share this:
पटना. एलजेपी में उठापटक का दौर लगातार जारी है. हाल ही में एलजेपी के 200 से ज्यादा नेता पार्टी छोड़कर जेडीयू में शामिल हो गए थे. पिछले दिनों पार्टी की एक मात्र एमएलसी नूतन सिंह ने एलजेपी छोड़कर बीजेपी की सदस्यता ले ली. एलजेपी अब एक बार फिर चर्चा में है और इससे भी ज्यादा चर्चा में है चिराग पासवान की कार्यशैली. इस बार रामविलास पासवान के भतीजे और समस्तीपुर से सांसद प्रिंस राज के पावर पर कैंची चला दी गई है. पार्टी में उनके पावर को कम कर दिया गया है. प्रिंस पार्टी के बिहार के प्रदेश अध्यक्ष हैं लेकिन अब पार्टी के मुखिया चिराग पासवान ने पार्टी के नेता राजू तिवारी को बिहार इकाई का नया कार्यकारी अध्यक्ष बना दिया है. ऐसे में हर किसी के मन में एक ही सवाल है कि आखिर चिराग ने अपने भाई का कद क्यों छोटा किया.

प्रिंस राज का कद छोटा करने की मुख्य वजह
दरअसल, प्रिंस राज के कद को छोटा करने के पीछे की मुख्य वजह उनका पार्टी नेताओं से नहीं जुड़ पाना और उनके प्रदेश अध्यक्ष रहते पार्टी में हुई बड़ी टूट होना माना जा रहा है. चूंकि प्रिंस पटना में अधिक समय भी नहीं दे पा रहे थे, इस वजह से पार्टी ने उनके साथ राजू तिवारी को कार्यकारी अध्यक्ष का पद दे
दिया है. राजू तिवारी पूर्व में विधायक रह चुके हैं और पार्टी नेताओं में उनकी पकड़ भी अच्छी है.
एलजेपी ने अपने इस कदम से बिहार की राजनीति में दलित और सवर्ण गठजोर भी बनाने की कोशिश की है ताकि इस वोट बैंक को साधा जा सके. एलजेपी के सूत्र ये भी बताते हैं कि राम विलास पासवान के निधन के बाद नेतृत्व को लेकर उनके परिवार और पार्टी में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है. हो सकता है कि उसी का ये नतीजा है कि प्रिंस के कद को छोटा किया गया हो. हालांकि ये जानकारी सूत्रों के हवाले से ही आ रही है, इसमें कितनी सच्चाई है इसकी पुष्टि न्यूज़ 18 नहीं करता है.



एलजेपी का अपना अलग तर्क
हालांकि इस बड़े फेरबदल के पीछे एलजेपी का अपना अलग तर्क है. पार्टी का कहना है कि ये बदलाव सवर्ण और दलित गठजोड़ को दर्शाते हैं. अपनी मजबूत स्थिति को बनाने के लिए पार्टी के अंदर यह एक नया गठजोड़ है. आने वाले दिनों में इसका बड़ा और महत्वपूर्ण रिजल्ट मिलेगा. क्या इस सोशल इंजीनियरिंग से एलजेपी अपनी खोई हुई जमीन वापस पा लेगी, इस पर अभी कुछ भी कह पाना जल्दबाजी होगी.

एलजेपी विधायक राज कुमार सिंह के जेडीयू में जाने की चर्चा!
बिहार विधानसभा चुनाव में शर्मनाक हार से एलजेपी में हताशा है. चिराग पासवान की राजनीतिक शैली से भी नाखुशी है. पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को अपना भविष्य अंधकारमय लग रहा है. चिराग इनका हौसला नहीं बढ़ा पा रहे. पार्टी के एकमात्र विधायक राज कुमार सिंह के जेडीयू में जाने की चर्चा है. वे नीतीश कुमार से मिल भी चुके हैं. हाल ही में एलजेपी के करीब 200 नेता जेडीयू में शामिल हुए हैं.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज