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...तो क्या शत्रुघ्न सिन्हा को राज्यसभा भेजेंगे लालू? जानें कांग्रेस-RJD के सीटों का समीकरण
Patna News in Hindi

News18 Bihar
Updated: February 20, 2020, 3:46 PM IST
...तो क्या शत्रुघ्न सिन्हा को राज्यसभा भेजेंगे लालू? जानें कांग्रेस-RJD के सीटों का समीकरण
शत्रुघ्न सिन्हा और लालू प्रसाद यादव (फाइल फोटो)

आंकड़ों के लिहाज से देखें तो इस बार जेडीयू-बीजेपी के खाते से दो सीटें छिन सकती हैं क्योंकि आरजेडी-कांग्रेस की संयुक्त ताकत और विपक्ष के समर्थन से उनके इनमें से तीन सीटें जीतने की क्षमता नजर आ रही है

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पटना. बिहार (Bihar) में राज्यसभा सीट के लिए कांग्रेस के नेता तारिक अनवर (Tariq Anwar) और निखिल कुमार (Nikhil Kumar) की दावेदारी के बीच बिहारी बाबू के नाम से मशहूर कांग्रेस के ही नेता शत्रुघ्न सिन्हा (Shatrughan Sinha) के नाम पर सहमति बन सकती है. सूत्रों के हवाले से खबर है कि उनको टिकट मिलना लगभग तय माना जा रहा है. दरअसल राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) से उनकी मुलाकात हो चुकी है और कांग्रेस पार्टी की ओर से भी इसको लेकर पॉजीटिव संकेत मिले हैं. जानकारी के अनुसार इसको लेकर कांग्रेस और आरजेडी में भी सहमति बन गई है कि एक सीट पर आरजेडी कांग्रेस का समर्थन करेगी. हालांकि उम्मीदवारों के नाम को लेकर अभी अंतिम सहमति बननी बाकी है.

दरअसल बिहार में राज्यसभा की छह सीटों के लिए अप्रैल के अंत या मई की शुरुआत में चुनाव होने हैं. इनमें से जेडीयू के हरिवंश, कहकशां परवीन और रामनाथ ठाकुर के अलावा बीजेपी के सीपी ठाकुर और आरके सिन्हा सांसद हैं. वहीं आरजेडी के मशहूर वकील राम जेठमलानी की मौत की वजह से एक सीट खाली हुई है.

आंकड़ों के लिहाज से देखें तो इस बार जेडीयू-बीजेपी के खाते से दो सीटें छिन सकती हैं क्योंकि आरजेडी-कांग्रेस की संयुक्त ताकत और विपक्ष के समर्थन से उनके इनमें से तीन सीटें जीतने की क्षमता नजर आ रही है.

दरअसल राज्य की 243 विधानसभा सीटों में से जेडीयू के पास 70, बीजेपी के पास 54 और एलजेपी के पास दो विधायक हैं. वहीं आरजेडी और कांग्रेस के पास क्रमश: 80 और 26 विधायक हैं. जबकि सीपीआई (एमएल) के पास तीन, जीतन राम मांझी की पार्टी हम के पास एक और AIMIM के पास एक विधायक है. जबकि पांच निर्दलीय विधायक भी हैं, जबकि महिषी विधानसभा सीट रिक्त है.



NDA को दो सीटों का नुकसान, संयुक्त विपक्ष जीत सकता है तीन सीटें

सीटों के गणित से देखें तो एक राज्यसभा सीट के लिए 35 सीटें चाहिए. ऐसे में दो सीटों का नुकसान एनडीए को हो सकता है, वहीं सयुक्त विपक्ष तीन सीटें जीत सकता है. ऐसे में कहा जा रहा है कि कांग्रेस और आरजेडी में एक तरह से समझौता हो चुका है कि दो सीटें आरजेडी के खाते में जाएंगी और एक कांग्रेस के खाते में.

बता दें कि कांग्रेस के कैंडिडेट की जीत तभी संभव होगी जब आरजेडी अपने सरप्लस वोट कांग्रेस को दे और उसे संयुक्त विपक्ष का समर्थन हासिल हो. ऐसे में कहा यही जा रहा है कि कांग्रेस ने आरजेडी को उस बात का हवाला भी दिया है जिसके तहत 2019 में उसके 11 सीटों से घटकर वो नौ सीटों पर लड़ने को राजी हुई थी.

दरअसल कांग्रेस में शत्रुघ्न सिन्हा, तारिक अनवर और निखिल कुमार के साथ कई अन्य दावेदार भी हैं. तो आरजेडी में भी दावेदारी की लंबी लाइन है. रघुवंश प्रसाद सिंह, शरद यादव, शिवानंद तिवारी, प्रेम गुप्ता के अलावा लालू परिवार के एक सदस्य की भी दावेदारी है.

जानकारी के अनुसार इनमें तेजप्रताप यादव या राबड़ी देवी, कोई भी हो सकते हैं. ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि आखिर कांग्रेस-आरजेडी इकट्ठे आती है तो उसे अन्य दलों का कितना साथ मिलता है.

(इनपुट- रंजीता झा)

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First published: February 20, 2020, 3:32 PM IST
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