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पटना में शातिर चोरों की करतूत, कंपनी के अधिकारी बन पहुंचे और चुरा ले गये 20 लाख का मोबाइल टावर

बिहार के पटना में मोबाइल टावर चुराने का मामला सामने आया है (सांकेतिक चित्र)

बिहार के पटना में मोबाइल टावर चुराने का मामला सामने आया है (सांकेतिक चित्र)

Bihar Crime News: पटना में शातिर चोरों की इस करतूत से पुलिस महकमे में खलबली मची है. घटना राजधानी के बीचो बीच घटी है. बि ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

राजधानी पटना में हुई चोरी की इस वारदात से पुलिस भी सकते में है
चोर जिस अंदाज में मोबाइल का टावर खोलने पहुंचे थे किसी को शक नहीं हुआ
दो दिन तक वो जमीन के मालिक को झांसे में लेकर मोबाइल का टावर खोलते रहे

पटना. अभी तक आपने बिहार में लोहे के पुल की चोरी, रेल इंजन चोरी की खबरें सुनी होंगी लेकिन आज हम आपको बता रहे हैं एक ऐसी अनोखी चोरी के बारे में जिसने सभी वारदातों को मात दे दी. ये चोरी राजधानी पटना में हुई. पटना में चोरों ने नटवरलाल को मात देते हुए शहर के बीचोबीच लगे एक मोबाइल टावर को ही चुरा लिया. टावर चोरी होने की इस घटना का खुलासा तब हुआ जब कंपनी के स्टाफ द्वारा गर्दनीबाग थाने में केस दर्ज कराया गया.

घटना गर्दनीबाग थाना क्षेत्र के लालपुर राजपूताना की है. दरअसल चोरों ने खुद को मोबाइल टावर कंपनी का कर्मी बताकर टावर खोलना शुरू कर दिया.  20 लाख का टावर दो दिनों में खोल लिया और उसे पिकअप पर लाद कर भाग गए. जमीन मालिक ने बकाया किराया मांगा तो कहा कि कंपनी बंद हो गई है और टावर के स्क्रैप को बेचकर आपका पैसा वापस कर दिया जाएगा. पटना पुलिस की मानें तो पुलिस मामले की जांच और छानबीन में जुटी हुई है. जो टावर चोरी हुआ है वह एयरसेल कंपनी का बताया जा रहा है.

इससे पहले इसी तरह की घटना रोहतास में 2022 में अप्रैल महीने में हुई थी जब सिंचाई विभाग के लोहे का पुल चुराकर चोर फरार हो गये थे. मोबाइल टावर के बारे में बताया जा रहा है कि यह मोबाइल टावर बद्रीनाथ सिंह की पत्नी मधुमति देवी के नाम से था. बद्रीनारायण का निधन हो चुका है. मनमती के बेटे विनोद सिंह ने जब टावर खोलने आए लोगो से पूछा तो उन्होंने कहा कि वो कंपनी के कर्मी हैं. ये टावर अब काम नहीं कर रहा है इसलिए ले जा रहे हैं. कंपनी के अधिकारी जब पहुंचे तो देखा कि टावर नहीं है. पूछताछ में विनोद ने उन्हें बताया कि कंपनी के कर्मी आये और फिर लोग मोबाइल टावर खोल कर ले गए.

जमीन मालिक की मानें तो पिछले पांच साल से मोबाइल टावर का किराया नहीं मिला है और 15 साल पहले एयरसेल की मोबाइल टावर लगाने के लिए जमीन ली गई थी. हर माह 10 हज़ार किराया भी तय हुआ था. एयरसेल जब बंद हो गया तो कंपनी ने इसे जीटीएल के हवाले कर दिया था. एक बार भी जीटीएल के लोगों ने इसकी जानकारी जमीन मालिक को नहीं दी. कंपनी का करीब 7 लाख का किराया भी जमीन मालिक का बाकी है. रकम के लिए कंपनी को तीन बार लीगल नोटिस जमीन मालिक की तरफ से दी गई है.

पहले इस टावर की देखरेख के लिए गार्ड भी रहा करता था उसे भी हटा दिया गया. मकान मालिक के बेटे विनोद की मानें तो 20 से 25 लोग पहुंचे और फिर समझा-बुझाकर कंपनी का मोबाइल टावर खोल कर ले गए . उन्हें क्या मालूम कि मोबाइल टावर चुराने के लिए यह लोग उनके पास पहुंचे थे.

Tags: Bihar News, Crime In Bihar, PATNA NEWS

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