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पटना: 'आधार' अपडेट कराने के लिए ब्‍लॉक में लगी लोगों की भीड़

Brijam Pandey | News18 Bihar
Updated: January 14, 2020, 1:36 PM IST
पटना: 'आधार' अपडेट कराने के लिए ब्‍लॉक में लगी लोगों की भीड़
पहचान और पता दुरुस्त कराने लगी लोगों की भीड़.

नागरिक संशोधन विधेयक (CAA) और एनपीआर (NPR) को लेकर लोगों में भ्रम की स्थिति है. खासतौर पर अल्पसंख्यक समुदाय में इसको लेकर कुछ ज्यादा ही परेशान है. पटना के सदर कार्यालय में अपनी नागरिकता को लेकर अल्पसंख्यक समुदाय के लोग अपने कागजातों को दुरुस्त कराने के लिए लंबी कतारों में लगे हुए हैं

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पटना. बिहार के पटना ब्लॉक ऑफिस में इन दिनों लम्बी कतार देखने को मिल रही है. इन लाइनों में बड़ी संख्या उन लोगों की दिखाई पड़ती है जो अल्पसंख्यक समुदाय (Minorities) से आते हैं. यहां किसी को अपना आवासीय प्रमाणपत्र बनवाना है तो किसी को अपना आधार (Aadhar) अपडेट कराना है, किसी को अस्थाई प्रमाण पत्र चाहिए तो किसी को अपने माता-पिता का नाम सुधारना है. यह सब इसलिए है क्योंकि देश में नागरिक संशोधन विधेयक को लेकर भ्रम की स्थिति है.

कोई रिस्क नहीं लेना चाहता
कामरान अपनी बहन तबस्सुम के साथ पटना सदर कार्यालय में पहुंचा है. कामरान का कहना है कि जरूरत पड़ने पर उसके पास वो सारे दस्तावेज़ होने चाहिए, जो ज़रुरी हैं. उसका कहना है कि उसकी और उसके माता पिता की पैदाइश यहीं पटना की है. लेकिन जिस तरह से भ्रम की स्थिति है वह सारे कागज़ ठीक कर लेना चाहता है. उसकी बहन तबसुम कहती है कि वो अपना आधार कार्ड अपडेट कराने आई है ताकि आगे किसी तरह की कोई परेशानी ना हो. सबकुछ समझते हुए भी कोई रिस्क नहीं लेना चाहते.

News - पटना सदर कार्यालय में इन दिनों लंबी कतारें लगी हुई हैं
पटना सदर कार्यालय में इन दिनों लंबी कतारें लगी हुई हैं


ये भी लगे हैं कतार में
परवेज ज्यादा पढ़े लिखे हैं तो वो वह इस बात को समझते हैं कि नागरिक संशोधन कानून से उन्हें कुछ नहीं होगा, लेकिन वह भी कुछ लोगों के साथ अपना दस्तावेज बनाने आए हैं दरअसल कोई भी चांस नहीं लेना चाहता. हमने ऐसे और लोगों से भी बात की, लेकिन मामला यही है कि लोगों में इन मामलों को लेकर इस कदर भ्रम की स्थिति है जिसे दूर करना ज़रूरी है.

CAA, NPR, NRC को लेकर भ्रम की स्थितिनागरिक संशोधन विधेयक (CAA) एनपीआर (NPR) और एनआरसी (NRC) को लेकर लोगों में भ्रम की स्थिति है. हालांकि केंद्र सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है 2014 से पहले जो भी यहां के नागरिक बने हैं, उनसे कोई स्पष्टीकरण नहीं लिया जाएगा. फिर भी लोग भ्रम में हैं और ऐसी स्थिति में अपने कागजात को दुरुस्त करा रहे हैं.

Brijam Pandey

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First published: January 14, 2020, 11:45 AM IST
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