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लॉकडाउन में घर से बाहर निकल तफरीह का आइडिया आया न काम, कुछ यूं खुल गई पोल

लॉकडाउन में घर से बाहर निकल तफरीह का आइडिया आया न काम, कुछ यूं खुल गई पोल

बेवजह घर से बाहर निकले लोगों से बिहार पुलिस के जवान लगातार पूछताछ कर रहे हैं. (फाइल फोटो)

बेवजह घर से बाहर निकले लोगों से बिहार पुलिस के जवान लगातार पूछताछ कर रहे हैं. (फाइल फोटो)

पुलिस (Police) को चकमा देने के लिए लोगों ने अपने वाहनों पर प्रेस (PRESS), पुलिस, मेडिकल इमरजेंसी और एसेंशियल सर्विस का स्टिकर चिपका लिया है.

पटना. कोरोना वायरस (Coronavirus) से संक्रमण से बचाव का सिर्फ एक ही तरीका है, आप खुद को घर में कैद कर दूसरों से दूरी बना लें. इसी बात को ध्‍यान में रखकर देश में लॉकडाउन (Lockdown) घोषित किया गया है. मगर, कुछ लोग ऐसे है कि उनके भीतर मौजूद ‘तफरीह’ की ‘तलब’ उन्‍हें घर में रुकने ही नहीं देती. कुछ न कुछ करके उन्‍हें घर से बाहर निकलना ही है, चाहे फिर बात उनकी जान पर ही क्यों न बन आए. कुछ ऐसे ही नजारे इन दिनों बिहार की राजधानी पटना (Patna) में नजर आ रहे हैं. इन लोगों के कारनामे देखकर पुलिसकर्मी भी कई बार यह सोचने को मजबूर हो जाते हैं कि ये लोग इतना दिमाग लाते कहां से हैं?

दरअसल, लॉकडाउन का सख्‍ती से पालन कराने के लिए पटना के सभी प्रमुख मार्गों पर पुलिस की तैनाती है. पुलिस अपने नाकों से सिर्फ उन्‍हीं वाहनों को निकलने दे रही है, जिसके वाहनों में आवश्‍यक वस्‍तुओं का स्‍टीकर लगा हुआ है. जैसे ही लोगों को इस बाबत पता चला, कुछ लोगों को तफरीह की तलब परेशान करने लगी. फिर क्‍या था, निकाला पेपर, बनाया पोस्‍टर, गाड़ी पर चस्‍पा किया और निकल पड़े तफरीह के लिए. किसी ने खुद को दवा का व्‍यापारी बनाया तो किसी ने खुद को पत्रकार बताना शुरू कर दिया. लेकिन, लोगों की चालाकी के बाबत जब पुलिस को पता चला तो फिर क्‍या हुआ, वह आज कल आप सोशल मीडिया में बखूबी देख रहे हैं.

किसी ने प्रेस तो किसी ने लिखवाया पुलिस
पुलिस को चकमा देने के लिए लोगों ने अपने वाहनों पर प्रेस, पुलिस, मेडिकल इमरजेंसी और एसेंशियल सर्विस का स्टिकर चिपका लिया है.  डाक बंगला चौराहे पर तैनात सब इंस्पेक्टर मोहन कुमार बताते हैं कि पड़ताल में आवश्यक सेवा लिखी गाड़ियों की पोल खुल रही है. वे बताते हैं कि कम्‍प्‍यूटर से आवश्यक सेवा या फर्जी प्रेस या पुलिस का स्टिकर लोगों ने अपनी कार या बाइक में चिपका लिया है. लोगों को लगता है कि उन्होंने पुलिस-प्रशासन को चकमा देकर बड़ा काम कर लिया है.  लेकिन, वैसे लोगों को यह नहीं पता कि पटना पुलिस के जवान लॉकडाउन का पालन सुनिश्चित कराने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं.  इसी का पालन कर कोरोना वायरस के खतरे को रोका जा सकता है.

वाहनों को रोककर जांच के निर्देश
लॉकडाउन लगने के बाद से ही पटना पुलिस वाहनों की सघन जांच में जुटी है. बीते दिनों, लॉकडाउन का उल्‍लंघन करने वाले लोगों से पटना पुलिस ने करोड़ों रुपए का जुर्माना भी वसूल किया है. लॉकडाउन के अनुपालन में जुटे पुलिसकर्मियों को निर्देश दिया गया है कि वह निर्देशों का उल्‍लंघन करने वालों के साथ सख्‍ती से पेश आएं. वहीं इस  बातत बिहार पुलिस के डीजीपी ने भी अपने मातहतों को सचेत किया है. उन्‍होंने कहा हे कि लोग प्रेस या आवश्‍यक सेवा का स्‍टीकर अपनी गाड़ी में लगाकर सड़कों पर निकल रहे हैं. उन्होंने यह निर्देश भी दिया था कि ऐसे वाहनों को रोककर उसकी जांच करें. जांच के दौरान, लोगों की पहचान सुनिश्चित करें. किसी तरह की गड़बड़ पाए जाने पर गाड़ी जब्‍त कर कानूनी कार्रवाई करें.



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Tags: Bihar police, Coronavirus, COVID 19, Lockdown, Police action, बिहार

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