होम /न्यूज /बिहार /

लोकसभा चुनाव में पार्टी से दूर रहे प्रशांत किशोर फिर से नीतीश कुमार के करीब आ गए हैं?

लोकसभा चुनाव में पार्टी से दूर रहे प्रशांत किशोर फिर से नीतीश कुमार के करीब आ गए हैं?

प्रशांत किशोर को नीतीश ने एक समय अपना नंबर टू बना दिया था (फाइल फोटो)

प्रशांत किशोर को नीतीश ने एक समय अपना नंबर टू बना दिया था (फाइल फोटो)

नीतीश कुमार और जेडीयू के अन्य नेताओं के बयानों से भी साफ झलकता है कि उनके साथ अच्छा नहीं हुआ है. ऐसे में सवाल उठता है कि नीतीश कुमार का अगला कदम क्या होगा?

    राष्ट्रीय मीडिया में नीतीश कुमार की एनडीए में बने रहने और नहीं बने रहने को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं. बीते चार-पांच दिनों में केंद्रीय मंत्रिपरिषद के शपथ ग्रहण से लेकर बिहार में नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल के विस्तार तक नीतीश कुमार चर्चा में रहे हैं. पिछले चार-पांच दिनों के घटनाक्रमों से ऐसा लगता है कि बिहार में गठबंधन खतरे में है या फिर दोनों दल एक-दूसरे पर दबाव बनाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं. ऐसे में एक बार फिर से सुगबुगाहट शुरू हो गई है कि क्या जेडीयू में प्रशांत किशोर की भूमिका फिर से अहम होने वाली है?

    बता दें कि नीतीश कुमार और उनके पार्टी के अन्य नेताओं के बयानों से भी साफ झलकता है कि उनके साथ अच्छा नहीं हुआ है. ऐसे में सवाल उठता है कि नीतीश कुमार का अगला कदम क्या होगा? नीतीश कुमार के विश्वासपात्र और पार्टी के रणनीतिकार प्रशांत किशोर का रोल अब क्या होने जा रहा है? क्या प्रशांत किशोर कोई रणनीति बनाने में तो नहीं लगे हैं? क्या वाकई में प्रशांत किशोर नीतीश कुमार के किसी भावी रणनीति पर काम कर रहे हैं?

    30 मई के बाद से ही जेडीयू और बीजेपी में तल्खी देखी जा रही है
    बीते 30 मई को पीएम मोदी के शपथ ग्रहण समारोह के बाद से ही जेडीयू और बीजेपी में तल्खी देखी जा रही है. बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने बीजेपी के एक मंत्री पद देने का ऑफर ठुकरा दिया था और कहा था कि मैं सिर्फ सांकेतिक रूप से मंत्रिमंडल में शामिल नहीं होना चाहता. मैं एनडीए में पहले की तरह ही बना रहूंगा. लेकिन, इस फैसले के बाद से ही दोनों दलों के नेताओं ने दबी जुबान से एक दूसरे पर तंज कसना शुरू कर दिया था.

    फाइल फोटो: पीएम मोदी और नीतीश कुमार


    बीजेपी की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आने से आरजेडी के नेताओं ने भी नीतीश कुमार के पक्ष में बयानबाजी करना शुरू कर दिया. आरजेडी नेताओं की बयानबाजी के बाद उनके खेमे में तो अंदरखाने उत्साह देखा गया, लेकिन मीडिया के सामने उनके प्रवक्ता लगातार कहते रहे कि वह एनडीए के साथ हैं और रहेंगे.

    अंदरूनी खटास पर मिठास का लेप चढ़ाने की कोशिश नहीं
    कुल मिलाकर पिछले कुछ दिनों में बिहार के सियासी रंग का अलग-अलग अंदाज देखने को मिल रहा है. दोनों दलों के बीच पैदा हुई अंदरूनी खटास पर मिठास का लेप चढ़ाने की कोशिश भी नहीं हो रही है. दोनों दलों के वरिष्ठ नेता लगातार एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप कर रहे हैं और उस पर एक्शन और रिएक्शन देखने को मिलता है.

    देश के गृह मंत्री अमित शाह और पीएम मोदी (फाइल फोटो)


    जेडीयू के एक नवनिर्वाचित सांसद ने न्यूज 18 हिंदी के साथ बातचीत में कहते हैं, ‘देखिए बिहार में एक कहावत है कि ‘थाली परोस कर छीन लेना’ हमारे साथ ऐसा ही हुआ है. हमारे नेता उचित समय पर जवाब देंगे. फिलहाल सभी सांसदों और नेताओं को मीडिया से दूर रहने के लिए कहा गया है कुछ दिन का इंतजार कीजिए. सब ठीक हो जाएगा. पार्टी प्रवक्ता इस मामले में और बेहतर बता सकते हैं.’

    गिरिराज सिंह के बयान के बाद तल्खी और बढ़ेगी?
    मंगलवार को तब हद हो गई जब बीजेपी के फायरब्रांड नेता और केंद्रीय पशुपालन, मत्स्य और डेयरी मंत्री गिरिराज सिंह ने नीतीश कुमार की इफ्तार पार्टी में शामिल होने पर तंज कसते हुए एक ट्वीट कर दिया. गिरिराज सिंह के ट्वीट के बाद से ही जेडीयू की तरफ से कड़ी प्रतिक्रिया आने लगी. गिरिराज सिंह के बयान पर बीजेपी फिलहाल खामोश नजर आ रही है.

    ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या बिहार में गठबंधन टूटने के कगार पर पहुंच गया है? अगर बिहार में गठबंधन टूटता है तो इससे नीतीश सरकार पर कितना असर पड़ेगा? क्या नीतीश कुमार की आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव से अंदरखाने किसी तरह की बात चल रही है? अगर वाकई में आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव से नीतीश कुमार की बात चल रही है तो वो कौन शख्स है, जो पर्दे के पीछे नीतीश की भावी रणनीति को अमल में लाने की दिशा में काम कर रहा है?

    आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव (फाइल फोटो)


    दोनों पार्टियों के नेताओं के बयानों से साफ झलकता है कि अंदरखाने सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है. दोनों दलों को करीब से जानने वाले भी कहते हैं कि दोनों दलों में एक दूसरे के प्रति अविश्वास इस कदर बढ़ गया है कि कोई भी बड़ा नेता मामले को संभालने के लिए आगे नहीं आना चाहता. नीतीश कुमार की तरफ से भी अब तक खुलकर तो बयान सामने नहीं आए हैं लेकिन, जेडीयू के दूसरे नेताओं के आक्रामक तेवर से मामला कितना गंभीर है वह साफ झलकता है.

    लोकसभा चुनाव के दौरान भी चर्चा में थे प्रशांत किशोर
    ताजा मामले को समझने के लिए घड़ी की सुई थोड़ा पीछे ले जाना होगा. लोकसभा चुनाव के वक्त नीतीश कुमार ने मीडिया के सामने आकर साफ तौर पर इनकार किया था कि उन्होंने आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव के पास जेडीयू उपाध्यक्ष और चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर को भेजा था. नीतीश कुमार ने उस समय यह भी कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नई सरकार बनेगी और जदयू इसमें शामिल होगा.

    आरजेडी के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव (फाइल फोटो)


    क्योंकि, अब जब यह मामला काफी बिगड़ चुका है तो इसलिए प्रशांत किशोर फिर से लाइम लाइट में आ गए हैं. हालांकि, प्रशांत किशोर भी बदलते घटनाक्रम के बारे में कुछ नहीं बोल रहे हैं. लेकिन, सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक हाल के दिनों में जो घटनाक्रम घटित हुआ, उससे नीतीश कुमार काफी आहत हैं. ऐसे में नीतीश कुमार को एक बार फिर से प्रशांत किशोर की जरूरत है. खबर है कि प्रशांत किशोर ने एक बार फिर से आरजेडी और जेडीयू को करीब लाने की दिशा में काम करना शुरू कर दिया है.

    राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगले कुछ दिनों में नीतीश कुमार अनुच्छेद 370, समान नागरिक संहिता और अयोध्या विवाद जैसे मुद्दों को लेकर बीजेपी को घेर सकते हैं. शायद ये भी संभव हो कि वह अलग रास्ता भी अपना लें? लोकसभा चुनाव प्रचार में भी नीतीश कुमार ने इन मुद्दों पर बीजेपी से अलग राय रखी थी. नीतीश कुमार ने महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताने पर भोपाल से बीजेपी की उम्मीदवार और अब बीजेपी की सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर की भी निंदा की थी. नीतीश कुमार इतने तक नहीं रुके और उन्होंने गर्मी के दौरान लंबी चुनावी प्रक्रिया पर भी चुनाव आयोग पर सवाल उठाया था.

    ये भी पढ़ें:

    अमित शाह के निशाने पर सबसे पहले जम्मू-कश्मीर के ये 10 आतंकी, सूची बनवाई

    अलगाववादी नेता मशरत आलम से पूछताछ की NIA कोर्ट ने दी इजाजत

    खुलासा : ऑपरेशन ब्‍लू स्‍टार की बरसी पर पंजाब को दहलाने की साजिश, पाकिस्तान से भेजे गए थे हैंड ग्रेनेड

    एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएंगी आपके पास, सब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी  WhatsApp अपडेट्स

    Tags: Bihar News, Bihar rjd, BJP, Bjp jdu, Lok Sabha Election 2019, Narendra modi, NDA, Nitish kumar, PATNA NEWS, Politics, Prashant Kishor, RJD, Tejashwi Yadav

    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर