Home /News /bihar /

गंगा-जमुनी तहजीब के साथ ‘बेटी बचाओ’ का संदेश, बेटी जन्म लेने पर नूरजहां करती हैं छठ व्रत

गंगा-जमुनी तहजीब के साथ ‘बेटी बचाओ’ का संदेश, बेटी जन्म लेने पर नूरजहां करती हैं छठ व्रत

नूरजहां गंगा स्नान कर पवित्रता के साथ ‘नहाय-खाय’ और ‘खरना’ करती हैं. 36 घंटे का निर्जला उपवास रखकर अर्घ्य अर्पण करती हैं. बकौल नूरजहां ये सब वह अपनी बेटी के लिए करती हैं.

नूरजहां गंगा स्नान कर पवित्रता के साथ ‘नहाय-खाय’ और ‘खरना’ करती हैं. 36 घंटे का निर्जला उपवास रखकर अर्घ्य अर्पण करती हैं. बकौल नूरजहां ये सब वह अपनी बेटी के लिए करती हैं.

नूरजहां गंगा स्नान कर पवित्रता के साथ ‘नहाय-खाय’ और ‘खरना’ करती हैं. 36 घंटे का निर्जला उपवास रखकर अर्घ्य अर्पण करती हैं. बकौल नूरजहां ये सब वह अपनी बेटी के लिए करती हैं.

    लोक आस्था का महापर्व छठ गंगा-जमुनी तहजीब के साथ ‘बेटी बचाओ’ का संदेश दे रहा है. पूर्णिया की नूरजहां खातून ने जहां मानवता को धार्मिक बंदिशों से ऊंचा स्थान दिया है. वहीं छठ पर्व के माध्यम से बेटी-बचाओ की मुहिम को नया आयाम दे रही हैं.

    नूरजहां को पहले एक बेटा था, लेकिन उसे बेटी की ख्वाहिश थी. उसने भगवान भाष्कर से बेटी की मन्नत मांगी. शादी के सोलह साल बाद उनके घर बेटी ने जन्म लिया. इसके बाद से नूरजहां पिछले 18 सालों से पूरे विधि-विधान के अनुसार छठ पर्व कर रही हैं.

    ये भी पढ़ें- VIDEO: सात समंदर पार अमेरिकी लड़की ने गाया छठ का यह गीत, वीडियो वायरल

    नूरजहां पहले गंगा स्नान करती हैं. फिर पवित्रता के साथ ‘नहाय-खाय’ और ‘खरना’ करती हैं. 36 घंटे का निर्जला उपवास रखकर अर्घ्य अर्पण करती हैं. बकौल नूरजहां ये सब वह अपनी बेटी के लिए करती हैं.

    विशेष बात यह कि नूरजहां अपने हाथों से ही छठ का सूप तैयार करती हैं. इसमें उनके परिजन और पड़ोसी भी मदद करते हैं. नूरजहां की बहू का कहना है कि उनके घर में दीपावली के बाद से ही प्याज- लहसुन, मांस-मछली बंद हो जाता है. नूरजहां की पड़ोसी शोभा कहती हैं कि सबसे बड़ी बात है कि नूरजहां अपनी बेटी के लिए यह पर्व कर रही हैं.

    ये भी पढ़ें- अररिया: गंदगी के बीच होगी छठ पूजा, ऐतिहासिक सुल्तान पोखर की नहीं हुई सफाई

    स्थानीय विधायक विजय खेमका भी नूरजहां खातून की इस पहल की सराहना करते हैं. वे कहते हैं कि छठ पर्व के प्रति हर व्यक्ति में आस्था है. इसके साथ वह प्रधानमंत्री की ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान को बल दे रही हैं, जो अनूठी पहल है.  नूरजहां बड़े फख्र से  कहती हैं कि बेटियां किसी भी मामले में कम नहीं होतीं.

    (रिपोर्ट - कुमार प्रवीण, पूर्णिया)

    ये भी पढ़ें- मुजफ्फरपुर केस: SC ने DGP को भेजा नोटिस, मंजू वर्मा को गिरफ्तार न करने पर मांगा जवाब

    Tags: Beti Bachao-beti Padhao, Bihar News, Chhath Puja, Purnia news

    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर