Independence Day: वाघा बॉर्डर की तर्ज पर बिहार के इस शहर में फहराया गया तिरंगा

पूर्णिया के लोगों में झंडा फहराने के लिए इस खास तयशुदा वक्त पर काफी उत्साह देखा जाता है और उत्साह से भरे शहरवासी मध्यरात्रि में यहां झंडोत्तोलन के लिए जुटते हैं.

News18 Bihar
Updated: August 15, 2019, 8:00 AM IST
Independence Day: वाघा बॉर्डर की तर्ज पर बिहार के इस शहर में फहराया गया तिरंगा
पूर्णिया के झंडा चौक पर 14 अगस्त की मध्य रात्रि को स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होते नागरिक.
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Updated: August 15, 2019, 8:00 AM IST
बिहार के पूर्णिया में वह नजारा एक बार फिर जीवंत हो उठा जैसा भारत-पाक सीमा (Indo-Pak Border) पर स्थित वाघा बॉर्डर  (Wagah border)  पर 14 अगस्त की मध्यरात्रि को होता है. यहां के ऐतिहासिक झंडा चौक पर स्वतंत्रता दिवस  (Independence day)  के मौके पर उसी तरह रात के 12 बजकर 1 मिनट तिरंगा झंडा (Tricolor Flag) फहराया गया और  मध्य रात्रि को तिरंगा फहराने की परंपरा 73 वें साल भी पूरी की.

72 वर्षों की परम्परा
इस परम्परा के बारे में बताया जाता है कि 1947 में 12 बजकर 1 मिनट पर रेडियो पर भारत के आजादी का ऐलान किया गया था. ठीक उसी समय पूर्णिया के भट्ठा बाजार के झंडा चौक पर लोग रेडियो पर समाचार सुन रहे थे. इनमें कई स्वतंत्रता सेनानी भी मौजूद थे. उन्होंने ठीक उसी समय यानि 12 बजकर 1 मिनट पर तिरंगा फहराया था. इन स्वतंत्रता सेनानियों में रामेश्वर सिंह मुख्य थे. पूर्णिया के झंडा चौक का वही झंडोत्तोलन अब 72 साल का रिवाज सा बन गया है.

Purnia Jhanda Chowk
पूर्णिया के झंडा चौक पर तिरंगे को सलामी देते आम लोग.


मध्यरात्रि में फहराया जाता है तिरंगा
पूर्णिया के लोगों में झंडा फहराने के लिए इस खास तयशुदा वक्त पर काफी उत्साह देखा जाता है और उत्साह से भरे शहरवासी मध्यरात्रि में यहां झंडोत्तोलन को जुटते हैं. झंडोत्तोलन के बाद राष्ट्रगान गाते हैं और जलेबियां खाते 1 बजे रात में घर लौटते हैं.  हर साल 14 अगस्त की मध्यरात्रि यहां का फहरा तिरंगा अगले दिन के लिए अपने और राष्ट्र के शौर्य और वैभव का अलख जगा देता है. इस साल लोगों ने अन्य सालों की अपेक्षा कुछ अधिक उत्साह दिखाया.

वाघा बॉर्डर की तर्ज पर झंडोत्तोलन
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इस समारोह में आए लोग आजादी की लड़ाई और देशप्रेम की परंपरा की गाथाओं को हर साल याद करते हैं. पूर्णिया में होनेवाली इस तरह की अद्भुत परंपरा यहां के झंडा चौक को वाघा बार्डर की ऐतिहासिकता के समान बना चुकी है. 'भारतमाता की जय' का और 'वन्दे मातरम' के उद्घोष के बीच झंडोत्तोलन में शामिल होने आए विधायक विजय खेमका ने कहा कि, इस साल का 15 अगस्त देश के लिए कई कारणों से यादगार 15 अगस्त है. विधायक ने कहा कि उन्होंने झंडा चौक को राष्ट्रीय दर्जा दिलाने की पहल शुरू की है और वे इसे हर हाल में पूरा करायेंगे.

रिपोर्ट- राजेंद्र पाठक

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First published: August 15, 2019, 7:57 AM IST
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