Independence Day Special: वाघा बॉर्डर की तर्ज पर बिहार के इस शहर में फहराया जाता है तिरंगा

परम्परा के बारे में बताया जाता है कि 1947 में 12 बजकर 1 मिनट पर रेडियो पर भारत के आजादी का ऐलान किया गया था. ठीक उसी समय पूर्णिया के भट्ठा बाजार के झंडा चौक पर लोग रेडियो पर समाचार सुन रहे थे. इनमें कई स्वतंत्रता सेनानी भी मौजूद थे.

News18 Jharkhand
Updated: August 14, 2019, 5:44 PM IST
Independence Day Special: वाघा बॉर्डर की तर्ज पर बिहार के इस शहर में फहराया जाता है तिरंगा
बिहार के पूर्णिया में 14 अगस्त की मध्यरात्रि तिरंगा झंडा फहराया जाता है.
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Updated: August 14, 2019, 5:44 PM IST
देश स्वतंत्रता दिवस (Independence day) की 73वीं वर्षगांठ मनाने जा रहा है. इसे मनाने के लिए लोग जहां देशभर के लोग जहां 15 अगस्त की सुबह का इंतजार करते हैं, वहीं बिहार के पूर्णिया (Purnia) में 14 अगस्त की रात 12 बजकर एक मिनट पर ही अंधेरे में तिरंगा (Tricolor) लहराया जाता है. इस अनोखी परम्परा को स्वतंत्रता के बाद से लगातार निभाया जा रहा है. दरअसल वाघा बॉर्डर (Wagah border) के बाद पूर्णिया देश की दूसरी ऐसी जगह है, जहां आधी रात में तिरंगा फहराया जाता है. 1947 से लगातार भट्ठा बाजार स्थित झंडा चौक पर राष्ट्रध्वज फहराया जाता है.

72 वर्षों की परम्परा
इस परम्परा के बारे में बताया जाता है कि 1947 में 12 बजकर 1 मिनट पर रेडियो पर भारत के आजादी का ऐलान किया गया था. ठीक उसी समय पूर्णिया के भट्ठा बाजार के झंडा चौक पर लोग रेडियो पर समाचार सुन रहे थे. इनमें कई स्वतंत्रता सेनानी भी मौजूद थे. उन्होंने ठीक उसी समय यानि 12 बजकर 1 मिनट पर तिरंगा फहराया था. इन स्वतंत्रता सेनानियों में रामेश्वर सिंह मुख्य थे. पूर्णिया के झंडा चौक का वही झंडोत्तोलन अब 72 साल का रिवाज सा बन गया है.

Purnia
पूर्णिया के झंडा चौक पर 14 अगस्त की मध्यरात्रि में झंडा फहराने की तैयारी का एक दृश्य.


मध्यरात्रि में फहराया जाता है तिरंगा
पूर्णिया के लोगों में झंडा फहराने के लिए इस खास तयशुदा वक्त पर काफी उत्साह देखा जाता है और उत्साह से भरे शहरवासी मध्यरात्रि में यहां झंडोत्तोलन को जुटते हैं. झंडोत्तोलन के बाद राष्ट्रगान गाते हैं और जलेबियां खाते 1 बजे रात में घर लौटते हैं.  हर साल 14 अगस्त की मध्यरात्रि यहां का फहरा तिरंगा अगले दिन के लिए अपने और राष्ट्र के शौर्य और वैभव का अलख जगा देता है.

Purnia
पूर्णिया में स्वतंत्रता दिवस पर आधी रात को झंडे सलामी देने का एक पुरानी तस्वीर.

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वाघा बॉर्डर की तर्ज पर झंडोत्तोलन
इस समारोह में आए लोग आजादी की लड़ाई और देशप्रेम की परंपरा की गाथाओं को हर साल याद करते हैं. पूर्णिया में होनेवाली इस तरह की अद्भुत परंपरा यहां के झंडा चौक को वाघा बार्डर की ऐतिहासिकता के समान बना चुकी है. 'भारतमाता की जय' का और 'वन्दे मातरम' के जयघोष के साथ इस साल भी आज यही परम्परा निभाने की तैयारी के साथ राष्ट्र उत्सव मनाने की तैयारी है.

रिपोर्ट- राजेन्द्र पाठक

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First published: August 14, 2019, 5:36 PM IST
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