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असदुद्दीन ओवैसी ने किया ऐलान- बिहार में आसानी से NPR नहीं लागू कर पाएंगे CM नीतीश कुमार
Kishanganj News in Hindi

Rajendra Pathak | News18 Bihar
Updated: December 29, 2019, 7:37 PM IST
असदुद्दीन ओवैसी ने किया ऐलान- बिहार में आसानी से NPR नहीं लागू कर पाएंगे CM नीतीश कुमार
असदुद्दीन ओवैसी ने किशनगंज में सीएए और एनआरसी के खिलाफ रैली की.

बिहार (Bihar) के किशनगंज में नागिरकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने की रैली. सीमांचल इलाके (Seemanchal) में हुई रैली में हजारों लोगों की मौजूदगी में ओवैसी ने सीएए, एनआरसी और NPR को लेकर रखी अपनी बात.

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पूर्णिया. किशनगंज के रूईधासा मैदान में एआईएमआईएम (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) के नेतृत्व में रविवार को नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी के खिलाफ रैली हुई. इसमें एनपीआर पर अपनी बात रखते हुए ओवैसी ने कहा कि बिहार में एनपीआर लागू करना आसान नहीं होगा. इसके पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को इसके लिए आम घोषणा करनी होगी. रैली में पहुंचे AIMIM के बिहार प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान और पार्टी के विधायक कमरूल होदा ने भी CAA और NRC को लेकर अपनी बातें रखीं.

राष्ट्रगान के साथ स्वागत
इससे पहले AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी जब रैली में पहुंचे तो स्कूली बच्चों ने राष्ट्रगान जन गण मन अधिनायक जय हे... गाया. रैली को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा कि अभी त्याग का समय है. हमें बहुत कुछ त्याग कर भी संविधान को बचाना है. ओवैसी ने कहा कि यह मसला सिर्फ मुसलमानों का नहीं है, बल्कि संविधान बचाने का है. हम पीएम नरेंद्र मोदी को पैगाम देना चाहते हैं कि हमने जिन्ना से हाथ नहीं मिलाया. हम अलग रहे, पर हमें किसी से डर नहीं लगता. हमने रैली में तिरंगा झंडा किसी के डर से नहीं लगाया, बल्कि इसलिए लगाया है कि इसकी सुरक्षा करना चाहता हैं. ओवैसी ने अपने संबोधन में साफ कहा कि बिहार में एनपीआर को लागू नहीं किया जा सकता. इसके लिए नीतीश कुमार को ऐलान करना पड़ेगा. मैं इस मुद्दे पर किसी से बहस करने को तैयार हूं. ओवैसी ने रैली में आए लोगों से सीएए और एनआरसी के विरोध में नारे भी लगवाए.

रैली में नहीं आए जीतनराम मांझी



AIMIM प्रमुख ने अपने संबोधन के दौरान मेरठ के एसपी के विवादित बयान को लेकर भी अपनी बातें रखीं. उन्होंने कहा कि वे मेरठ के एसपी को बताना चाहते हैं कि वहां मुसलमानों पर अत्याचार हुआ है. मेरठ वह सरजमीं है, जहां अंग्रेजी राज में कारतूस में गाय और सुअर के चमड़े का उपयोग किया गया था, इस पर अंग्रेज सरकार के विरोध में हिन्दू-मुस्लिम साथ लड़े थे और कामयाब बगावत किया था. ओवैसी की रैली में हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के प्रमुख और पूर्व सीएम जीतनराम मांझी नहीं आए, लेकिन कई दलित संगठनों के सदस्य नीले झंडे और जय भीम लिखी तख्तियां लेकर पहुंचे थे. मंच पर नौकरी से इस्तीफा दे चुके IAS अब्दुल रहमान भी मौजूद रहे.

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First published: December 29, 2019, 6:46 PM IST
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