शहीद इंस्पेक्टर अश्विनी कुमार के परिवार से मिले डिप्टी सीएम, कहा- सरकार उठाएगी बच्चों की पढ़ाई का जिम्मा

बिहार के शहीद इंस्पेक्टर अश्विनी कुमार के परिवार से मिले डिप्टी सीएम

बिहार के शहीद इंस्पेक्टर अश्विनी कुमार के परिवार से मिले डिप्टी सीएम

Purnia News: बिहार के डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद ने मंगलवार को मंत्री नीरज कुमार बबलू के साथ पीड़ित परिवार से मुलाकात की. साथ ही परिवार की सीबीआई जांच की मांग पर मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार से चर्चा करने की बात कही है.

  • Share this:
पूर्णिया. पश्चिम बंगाल में मॉब लिंचिंग में शहीद हुए जांबाज इंस्पेक्टर अश्विनी कुमार (Inspector Ashwini Kumar) के बच्चों की पढ़ाई का खर्च बिहार सरकार (Bihar Government) वहन करेगी. बिहार के उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद (Deputy CM Tarkishore Prasad) और वन एवं पर्यावरण मंत्री नीरज सिंह बबलू मंगलवार को शहीद थाना प्रभारी अश्विनी कुमार के पैतृक घर पूर्णिया के जानकीनगर थाना के पांचों मंडल टोला पहुंचे. इस दौरान उपमुख्यमंत्री और मंत्री नीरज सिंह बबलू ने परिजनों से मुलाकात की और उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया.

डिप्टी सीएम से परिजनों ने सीबीआई जांच कराने की लिखित मांग की और पत्र भी सौंपा. उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने कहा कि परिजनों की तरफ से एक लिखित आवेदन मिला है. मैं पटना जाउंगा और मुख्यमंत्री से मिलकर इस बात पर चर्चा करूंगा. साथ ही केंद्र सरकार से भी सीबीआई जांच कराने का आग्रह करूंगा. उन्होंने कहा कि सरकारी प्रावधान के अनुसार शहीद के परिजनों को 10 लाख रुपये विशेष अनुग्रह राशि के तौर पर दी जाएगी. इसके अलावा जो भी इनका बकाया पैसा बाकी है वो रिलीज हो जाएगा. 

तारकिशोर प्रसाद ने कहा कि शहीद अश्विनी कुमार के बच्चों के पढ़ाई-लिखाई का जिम्मा सरकार उठाएगी. बिहार सरकार के मंत्री नीरज सिंह बबलू ने कहा कि इस मामले में जो भी दोषी होंगे उस पर कठोर कार्रवाई होगी. कुछ पुलिसवाले भी दोषी पाए गए हैं. एफआईआर और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी कुछ बातें आई है, उन सारे मुद्दों की जांच की जा रही है. उन्होंने कहा कि बंगाल में इस तरह की घटनाएं आम हो गई हैं. खास कर के चुनाव के समय में जब ममता बनर्जी को एहसास हो गया है कि वह हार रही हैं तो उनके समर्थक और वहां की पुलिस बौखला गई है और वह इस तरह के अनाप-शनाप कारनामे कर रही है.

नीरज बब्लू ने कहा कि परिजनों की मांग पर वो लोग सीबीआई जांच की मांग करेंगे. हालांकि, सीबीआई जांच का प्रस्ताव बंगाल सरकार की तरफ से भेजना है. अगर वहां सरकार बदल जाती है तो यह काम आसान हो जाएगा. नहीं तो अगर परिजन कोर्ट में आवेदन देते हैं तो उस पर हम लोग का भरपूर सहयोग रहेगा.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज