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Purnia News: पालतू कुत्ते की मौत के बाद निकाली शवयात्रा, फूट-फूटकर रोया मालिक; देखें VIDEO

पूर्णिया में एक पशु प्रेमी ने पालतू कुत्ते की मौत के बाद निकाली शवयात्रा...
पूर्णिया में एक पशु प्रेमी ने पालतू कुत्ते की मौत के बाद निकाली शवयात्रा...

Dog funeral Purnia: ब्राउनी की अर्थी को मालिक हिमकर मिश्रा ने कंधा दिया. फॉर्म की फुलवारी में ब्राउनी को विधि-विधान के साथ दफनाया गया. गांव के लोगों ने भी पुष्पांजलि अर्पित की और अंतिम यात्रा में शामिल हुए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 21, 2021, 1:08 PM IST
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पूर्णिया. आदमी की मौत पर हर कोई शवयात्रा निकालता है लेकिन पूर्णिया (Purnia) में एक पशु प्रेमी ने अपने पालतू कुत्ते की मौत के बाद शवयात्रा निकालकर सच्ची इंसानियत की मिशाल पेश की. गांव के लोगों ने भी पुष्पांजलि अर्पित की और अंतिम यात्रा में शामिल हुए. ब्राउनी (Brownie) के मालिक हिमकर मिश्रा ने खुद अर्थी को कंधा दिया.

ब्राउनी इंडियन शिप डॉग नस्ल का कुत्ता था जो सात वर्षों से अपने मालिक हिमकर मिश्रा
(Himkar Mishra‌) के फॉर्म रामनगर के समर सेल में रहता था. शनिवार को अचानक उसकी मौत हो गई. इसकी सूचना जैसे ही उसके मालिक हिमकर और फार्म के अन्य लोगों को मिली तो वो लोग उदास हो गए. ब्राउनी के मालिक हिमकर मिश्रा ने उसकी अंतिम विदाई इंसानों की तरह करने का निर्णय लिया. फॉर्म के लोगों ने अर्थी सजाकर पहले उसे पुष्पांजलि दी, फिर उसकी अंतिम यात्रा निकाली. हिमकर ने खुद उसकी अर्थी को कंधा दिया और फॉर्म की फुलवारी में ब्राउनी को विधि-विधान के साथ दफनाया गया.

बनाया जाएगा ब्राउनी का स्मारक


हिमकर बताते हैं, 'मेरे पास कुल पांच डॉग हैं लेकिन ब्राउनी उसमें खास था. आज भी उसकी याद आती है तो आंसू आ जाते हैं. 12 दिनों बाद जहां उसे दफनाया गया है, वहां ब्राउनी का स्मारक बनाया जाएगा.'



देखेंं वीडियो:



मिश्र ने कहा, 'ब्राउनी की मौत से रामनगर गांव के लोग भी काफी उदास हैं. मेरी जिंदगी अपने कुत्तों के साथ ही कटती है. इन्हें अपने बेटा की तरह मानता हूं. अपने हाथों से खिलाता हूं और प्यार करता हूं.'

केयरटेकर जोगेन्द्र का कहना है, 'ब्राउनी के जाने से काफी दुख है. लगता है जैसे कोई अपना सगा चला गया है. घर में ब्राउनी के अलावा दो जर्मन शेफर्ड और लेब्राडोर नस्ल के चार कुत्ते हैं, जिनसे हिमकर मिश्र काफी प्यार करते हैं.'

कहते हैं सिर्फ इंसान ही नहीं बल्कि पशु-पक्षी भी प्यार के भूखे होते हैं. अपने प्यारे कुत्ता की मौत के बाद जिस तरह से हिमकर मिश्र ने उसे अंतिम विदाई दी, यह वास्तव में इंसानियत की सच्ची मिशाल है.
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