राजनीति की भेंट चढ़ा गांधी-विनोबा का सपना, बर्बादी की कगार पर ये ऐतिहासिक धरोहर

News18 Bihar
Updated: September 5, 2019, 8:18 PM IST
राजनीति की भेंट चढ़ा गांधी-विनोबा का सपना, बर्बादी की कगार पर ये ऐतिहासिक धरोहर
अपने अस्तित्व को खोने के कगार पर पूर्णिया के रानीपतरा का सर्वोदय आश्रम

स्थानीय जिला परिषद सदस्य राजीव सिंह कहते हैं कि दो गुटों की आपसी गुटबाजी और राजनीति के कारण यह ऐतिहासिक धरोहर चौपट हो गई है.

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पूर्णिया. बिहार में पूर्णिया (Purnia) जिला मुख्यालय से आठ किलोमीटर दूर रानीपतरा (Ranipatra) स्थित ऐतिहासिक सर्वोदय आश्रम (Sarvodaya Ashram) आज वीरान और बदहाल बना हुआ है. कहते हैं कि आजादी से पूर्व महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) भी इस जगह पर आए थे. इसके बाद संत विनोवा भावे (Vinoba Bhave) ने सर्वोदय आश्रम में कई महीने तक रहकर भूदान आंदोलन को संचालित किया था. यहां के प्राकृतिक चिकित्सालय में जय प्रकाश नारायण ने तीन महीने तक रहकर अपनी पत्नी का इलाज करवाया था. बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह ने 1957 में यहां पुस्तकालय की स्थापना की थी.

दो गुटों की लड़ाई में बदहाली की कगार पर है सर्वोदय आश्रम
आश्रम में कई पांडुलिपियां भी थी लेकिन आज यहां का पुस्तकालय बर्बाद हो गया है. इस जगह पर रेशम, खादी वस्त्र, तेल पेराई, चरखा से लेकर कई तरह के लघु और कुटीर उद्योग चलते थे लेकिन स्थानीय राजनीति के कारण इस ऐतिहासिक धरोहर को बर्बाद कर दिया गया. स्थानीय जिला परिषद सदस्य राजीव सिंह कहते हैं कि दो गुटों की आपसी गुटबाजी और राजनीति के कारण यह ऐतिहासिक धरोहर चौपट हो गई है. कई वर्षों से इसकी संपत्ति को यहां के दोनों कमेटी ने लूटने का काम किया है. उन्होंने सरकार से इस ऐतिहासिक विरासत को बचाने की अपील की है.

आश्रम के करोड़ों की संपत्ति पर है लोगों की गिद्ध दृष्टि

दरअसल सर्वोदय आश्रम पिछले पंद्रह वर्षों से राजनीति का अड्डा बन गया है. यहां दो कमेटी बन गई है. एक कमेटी के अध्यक्ष पूर्व विधायक अजीत सरकार के भाई प्रदीप सरकार हैं तो दूसरी कमेटी के अध्यक्ष बैद्यनाथ मेहता है. एक गुट को पूर्व सांसद पप्पू यादव का समर्थन है तो दूसरे गुट को वर्तमान सांसद संतोष कुशवाहा का समर्थन प्राप्त है. एक गुट के उपाध्यक्ष डॉ मनोज ने कहा कि इस संस्था के अरबों की संपत्ति पर कुछ लोगों की गिद्ध दृष्टि है. जिसको जहां मौका मिलता है, वह इसके संपत्ति को गिरवी रखकर अपने स्वार्थ की पूर्ति करता है.

संस्था के नाम से रानीपतरा, पूर्णिया, बनमनखी, भवानीपुर और बडहरा में अरबों की संपत्ति है. लेकिन अधिकांश संपत्ति पर लोगों का अवैध कब्जा है. वहीं दूसरे कमेटी के अध्यक्ष वैद्यनाथ मेहता का कहना है कि जब तक दोनों कमेटी एकसाथ बैठकर इसका कोई नतीजा नहीं निकालेगी तब तक इसका विकास संभव नहीं है. उन्होंने दूसरे कमिटी पर इसको बर्बाद करने का आरोप लगाया.

पर्यटन मंत्री बोले- सर्वोदय आश्रम को गांधी सर्किट से जोड़ा जाएगा
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वहीं, बिहार के पर्यटन मंत्री कृष्ण कुमार ऋषि ने कहा कि गांधी जी रानीपतरा भी गए थे, इस कारण वह कोशिश करेंगे कि इस ऐतिहासिक जगह को भी गांधी सर्किट से जोड़कर सर्वोदय आश्रम का विकास किया जाएगा. इसके लिए स्थानीय लोगों और कमेटी को भी पहल करनी होगी.

गांधीवादी नेता वैद्यनाथ चौधरी ने की थी सर्वोदय आश्रम की स्थापना
पूर्व सांसद और गांधीवादी नेता वैद्यनाथ चौधरी की पहल पर रानीपतरा सर्वोदय आश्रम की स्थापना की गई थी. कभी यह संस्था हजारों लोगों को रोजगार देती थी. इस स्थल की ख्याति देश भर में थी. लेकिन आज राजनीति और गुटबाजी ने इस ऐतिहासिक धरोहर को बर्बाद होने के कगार पर पहुंचा दिया है. जरूरत है सरकार और प्रशासन इस पर ध्यान देकर इस अमूल्य धरोहर को बचाए ताकि आने वाली पीढ़ी को इसकी जानकारी मिल सके.

(रिपोर्ट- कुमार प्रवीण)

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First published: September 5, 2019, 7:44 PM IST
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