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धर्मशाला नहीं है हिंदुस्तान, देशहित में NRC लागू करना जरूरी: गिरिराज सिंह

News18 Bihar
Updated: November 16, 2019, 6:14 PM IST
धर्मशाला नहीं है हिंदुस्तान, देशहित में NRC लागू करना जरूरी: गिरिराज सिंह
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने एक बार फिर एनआरसी की वकालत की. (फाइल फोटो)

केन्द्रीय मंत्री गिरिराज सिंह (GIRIRAJ SINGH) ने कहा कि औवैसी अपने बयानों से देश का माहौल खराब करना चाहते हैं पर वे कानून को अपने हाथों में नहीं ले सकते.

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पूर्णिया. भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता और केन्द्रीय मंत्री गिरिराज सिंह (GIRIRAJ SINGH) ने एनआरसी, पीओके, औवैसी और जनसंख्या नियंत्रण कानून से जुड़ी अपनी कई बातें अपने अंदाज में दोहराई. गिरिराज सिंह ने कहा कि NRC का लागू होना देशहित का काम है क्योंकि भारत कोई धर्मशाला नहीं है. उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर (RAM TEMPLE) के लिए सुप्रीम कोर्ट के दिए गए निर्णय के बाद AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के बयानों को पर कहा कि वे कानून को अपने हाथ में नहीं ले सकते.

गिरिराज सिंह ने जनसंख्या नियंत्रण कानून के लागू होने से देश चीन जैसे विकास के हालात हो जाने की बात भी कही. साथ ही यह भी कहा कि पीओके को हासिल करने के बाद ही संपूर्ण कश्मीर की राष्ट्रीय धारणा पूरी होगी.

इंदिरा गांधी ने माना था कि देश में घुसपैठियों के खतरे बढ़ गए हैं
एनआरसी के बारे में गिरिराज सिंह ने कहा कि 1971 में तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने माना था कि देश में घुसपैठियों के खतरे बढ़ गए हैं और उन्हें हटाया जाना देशहित का काम होगा. लेकिन, तब वोट के सौदागरों ने उन्हें ऐसा नहीं करने दिया था.

पूर्णिया में एक कार्यक्रम में शिरकत करते हुए केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह.


भारत कोई धर्मशाला नहीं है
गिरिराज सिंह ने कहा कि एनआरसी का बिहार-बंगाल में लागू होना वोट बैंक की बात नहीं बल्कि देश हित के लिए जरूरी है. गिरिराज सिंह ने कहा कि रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठ से देश को कई खतरे हैं और भारत कोई धर्मशाला नहीं है.
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केंद्रीय मंत्री ने जनसंख्या नियंत्रण कानून की परिकल्पना को वाजिब बताते हुए कहा कि इसके लागू होने से भारत में चीन जैसे विकास के हालात होंगे. क्योंकि 1979 के बाद चीन के हालत इसी कानून के लागू करने से ही सुधरी है.

उन्होंने कहा कि बिहार, बंगाल में जनसंख्या विस्फोट और सामाजिक समरसता को रोकने के लिए जनसंख्या नियंत्रण कानून और एनआरसी दोनों का लागू होना बेहद जरूरी है. भाजपा ने नेता ने कहा कि जिस तरह की आबादी के हालात हैं, उसके मुताबिक यहां जमीन और पानी की प्रति व्यक्ति कमी होने के खतरे हैं.

खाना, पानी और ठिकाने का भारी संकट मंडरा रहा
गिरिराज सिंह के मुताबिक, वर्ष 2005 में भारतीय आबादी पर खाना, पानी और ठिकाने का भारी संकट मंडरा रहा है, जिसका असर 2023 से ही दिखना शुरू हो जाएगा. ऐसे में एनआरसी और जनसंख्या नियंत्रण कानून से ही देशहित का काम संभव है. उन्होंने कहा कि इन दोनों मामलों में वोट की राजनीति नहीं होनी चाहिए.

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First published: November 16, 2019, 4:31 PM IST
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