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Good News: हथियार उठाने वाले हाथ अब छेड़ रहे वीणा की तान, पूर्णिया सेंट्रल जेल के कैदी ले रहे संगीत शिक्षा

Good News: हथियार उठाने वाले हाथ अब छेड़ रहे वीणा की तान, पूर्णिया सेंट्रल जेल के कैदी ले रहे संगीत शिक्षा

पूर्णिया सेन्ट्रल जेल प्रशासन की अनुमति से सृजन कला मंडलम के संगीत शिक्षक जयदीप मुखर्जी और सूरज साहनी कैदियों को जेल के अंदर संगीत शिक्षा दे रहे हैं

पूर्णिया सेन्ट्रल जेल प्रशासन की अनुमति से सृजन कला मंडलम के संगीत शिक्षक जयदीप मुखर्जी और सूरज साहनी कैदियों को जेल के अंदर संगीत शिक्षा दे रहे हैं

Bihar News: पूर्णिया सेन्ट्रल जेल में हत्या, अपहरण जैसे संगीन अपराध में सजा काट रहे तीस कैदी संगीत के माध्यम से नया संसार गढ़ने का प्रयास कर रहे हैं. जेल प्रशासन की अनुमति से सृजन कला मंडलम के संगीत शिक्षक जयदीप मुखर्जी और सूरज साहनी इन सभी को जेल के अंदर संगीत शिक्षा दे रहे हैं

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पूर्णिया. जिन कैदियों के हाथों में कभी तमंचे और हथियार लहराते थे, अब उन्हीं हाथों में वो मां सरस्वती की वीणा, सितार, हारमोनियम और वाद्य यंत्र थाम रहे हैं. बिहार के पूर्णिया सेन्ट्रल जेल (Purnia Central Jail) के तीस कैदी (Prisoner) इन दिनों प्रयाग संगीत समिति से संगीत की डिग्री हासिल कर रहे हैं. इससे डिप्रेशन के शिकार इन कैदियों का हृदय परिवर्तन हो रहा है. साथ ही जेल से रिहा होने के बाद संगीत (Music) के माध्यम से वो समाज की मुख्यधारा से जुड़कर रोजगार (Employment) पा सकेंगे.

पूर्णिया केन्द्रीय कारागार में हत्या, अपहरण जैसे संगीन अपराध में सजा काट रहे तीस कैदी संगीत के माध्यम से नया संसार गढ़ने का प्रयास कर रहे हैं. जेल प्रशासन की अनुमति से सृजन कला मंडलम के संगीत शिक्षक जयदीप मुखर्जी और सूरज साहनी इन सभी को जेल के अंदर संगीत शिक्षा दे रहे हैं. जयदीप मुखर्जी का कहना है कि अभी तीस बंदियों ने संगीत से मध्यमा का फार्म भरा है. यह लोग संगीत से डिग्री हासिल कर रहे हैं. वहीं, संगीत गुरु सूरज साहनी ने बताया कि यहां के कैदी गिटार, हारमोनियम, ट्रिपल, नाल जैसे वाद्य यंत्र बजाना सीख रहे हैं. यह लोग संगीत से स्नातक करना चाहते हैं, इसमें जेल प्रशासन का काफी सहयोग मिल रहा है.

बंदी सत्यलाल शरण और रामपुकार मंडल ने कहा कि जेल में उन लोगों का जीवन काफी नीरस था. लेकिन, जब से जेल अधीक्षक ने यहां संगीत सिखाने की व्यवस्था की है जिससे उनमें उम्मीद की नई किरण जगी है. वो लोग संगीत की पढ़ाई कर स्नातक डिग्री हासिल करेंगे और बाहर निकलकर अपना नया संसार बसायेंगे.

पूर्णिया सेन्ट्रल जेल में हत्या, अपहरण जैसे संगीन अपराध में सजा काट रहे तीस कैदियों ने संगीत से मध्यमा का फार्म भरा है

जेलर ने कैदियों के लिए संगीत शिक्षा की व्यवस्था की

वहीं, केन्द्रीय कारागार पूर्णिया के जेल अधीक्षक राजीव कुमार झा ने कहा कि दो अक्टूबर को आयोजित कार्यक्रम में कैदियों ने बहुत अच्छी प्रस्तुति दी थी. तब उसने सोचा कि क्यों न इन लोगों को संगीत की पढ़ाई की व्यवस्था की जाए. प्रयाग संगीत समिति के माध्यम से अभी तीस बंदियों का मध्यमा का फार्म भरा गया है. जेल में ही इनकी परीक्षा भी होगी. इन्हें संगीत सिखाने के लिये सृजन कला मंडलम के जयदीप मुखर्जी और सूरज साहनी जेल में ही आकर इन्हें संगीत और वाद्य यंत्र की शिक्षा देते हैं.

उन्होंने कहा कि संगीत शिक्षा से कैदियों पर काफी पाजिटिव प्रभाव पड़ रहा है. संगीत सीखकर यह लोग बाहर जाकर रोजगार पा सकेंगे. वहींं, जिलाधिकारी (डीएम) राहुल कुमार ने कहा कि पूर्णिया सेन्ट्रल जेल  में जेल अधीक्षक द्वारा कैदियों के लिये कई अच्छे काम किये जा रहे हैं. कैदियों को संगीत की शिक्षा के साथ उनके डिग्री देने की भी व्यवस्था की गयी है ताकि यह समाज की मुख्यधारा से जुड़ें और संगीत के माध्यम से रोजगार हासिल कर सकें.

Tags: Bihar News in hindi, Central Jail, Music, Prisoners, Purnia news

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